Science & Technology

Oilseeds Kisaan Mitra: ICAR WhatsApp चैटबॉट और खाद्य तेल

Oilseeds Kisaan Mitra: ICAR WhatsApp चैटबॉट और खाद्य तेल

चर्चा में क्यों?

भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (Indian Council of Agricultural Research - ICAR) ने "तिलहन किसान मित्र (Oilseeds Kisaan Mitra)" नामक एक व्हाट्सएप-आधारित चैटबॉट लॉन्च किया है, जो तिलहनी फसलें (oilseed crops) उगाने वाले किसानों को 24×7, शोध-आधारित मार्गदर्शन प्रदान करता है। इस सेवा का उद्देश्य घरेलू तिलहन उत्पादन को बढ़ावा देना और आयातित खाद्य तेलों (imported edible oils) पर निर्भरता को कम करना है।

पृष्ठभूमि

तिलहन (Oilseeds) भारत की कृषि अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, फिर भी उपज (yields) मांग से पीछे रह गई है। सूचना के अंतर को पाटने के लिए, ICAR-भारतीय तिलहन अनुसंधान संस्थान (ICAR‑Indian Institute of Oilseeds Research - IIOR) और सहयोगी संस्थानों ने एक बहुभाषी AI एजेंट (multilingual AI agent) विकसित किया। इस सेवा का अनावरण 6 फरवरी 2026 को नई दिल्ली में राष्ट्रीय तिलहन सम्मेलन (National Oilseeds Conference) में किया गया।

यह कैसे काम करता है

  • पहुंच (Accessibility): किसान +91 40245 98180 फोन नंबर को "तिलहन किसान मित्र" के रूप में सेव कर सकते हैं और व्हाट्सएप (WhatsApp) के माध्यम से किसी भी भारतीय भाषा में संदेश भेज सकते हैं।
  • कवरेज (Coverage): चैटबॉट मूंगफली (groundnut), सरसों (mustard), तिल (sesame), सूरजमुखी (sunflower), सोयाबीन (soybean) और अन्य तिलहनी फसलों के बारे में सवालों के जवाब देता है, जिसमें किस्म का चयन, बुवाई की तारीख, कीट और रोग प्रबंधन, सिंचाई कार्यक्रम और कटाई के बाद की प्रथाएं शामिल हैं।
  • ज्ञान का आधार (Knowledge base): ICAR-IIOR और अन्य संस्थानों (NSRI, IIGR, IIRMR और तिल और नाइजर प्रोजेक्ट यूनिट - Sesame & Niger Project Unit) की विशेषज्ञता को सिस्टम में एम्बेड किया गया है। AI एजेंट क्षेत्रीय भाषाओं (regional languages) को समझता है और इस डेटाबेस से सटीक उत्तर प्राप्त करता है।
  • उपयोग में आसानी (Ease of use): किसानों को कोई अतिरिक्त एप्लिकेशन डाउनलोड करने की आवश्यकता नहीं है। परिचित व्हाट्सएप इंटरफ़ेस अपनाने की बाधाओं को कम करता है।

महत्व

स्थानीय भाषाओं में मुफ्त, रीयल-टाइम सलाह प्रदान करके, तिलहन किसान मित्र छोटे और सीमांत किसानों (small and marginal farmers) को सूचित निर्णय लेने का अधिकार देता है। यह तिलहन की खेती को बढ़ावा देने वाली सरकारी योजनाओं को पूरा करता है और खाद्य तेलों में आत्मनिर्भरता (self‑reliance) के लक्ष्य में योगदान देता है। कृत्रिम बुद्धिमत्ता (artificial intelligence) को व्हाट्सएप की पहुंच के साथ जोड़ना अन्य फसलों और क्षेत्रों के लिए एक मॉडल के रूप में काम कर सकता है।

निष्कर्ष

तिलहन किसान मित्र प्रदर्शित करता है कि डिजिटल उपकरण (digital tools) कैसे किसानों के फोन तक कृषि अनुसंधान का विस्तार कर सकते हैं। यदि इसे व्यापक रूप से अपनाया जाता है, तो यह सेवा आयात निर्भरता को कम करते हुए तिलहन उत्पादकों की उत्पादकता और आय में सुधार कर सकती है। इसकी सफलता के लिए निरंतर अद्यतन और किसानों की प्रतिक्रिया (farmer feedback) आवश्यक होगी।

स्रोत

PIB

Sign in Today’s news
Current affairs Daily news Daily quiz News Blitz Shorts Economic Survey 2025-26 Subjects
Polity Economy Geography Environment History Science & Tech Intl. Relations Internal Security Art & Culture Social Issues
All subjects Exam info UPSC Syllabus Prelims syllabus Mains syllabus Exam pattern Eligibility & attempts OBC & EWS checker Resources Free downloads Booklist 2026 Previous year papers Video notes YouTube channel