खबरों में क्यों?
24 मई 2026 को यूक्रेन ने बताया कि रूस ने यूक्रेनी शहरों पर हमलों में "ओरेश्निक (Oreshnik)" नामक एक नई इंटरमीडिएट-रेंज बैलिस्टिक मिसाइल (intermediate‑range ballistic missile) का इस्तेमाल किया है। माना जाता है कि मिसाइल रूस की RS-26 रूबेज प्रणाली (RS‑26 Rubezh system) से ली गई है और इसका पहले नवंबर 2024 में निप्रो (Dnipro) और जनवरी 2026 में ल्वीव (Lviv) पर हमलों में परीक्षण किया गया था। रक्षा विश्लेषकों ने चेतावनी दी है कि हथियार परमाणु (nuclear) या पारंपरिक वारहेड (conventional warheads) ले जा सकता है और हाइपरसोनिक गति (hypersonic speeds) से यात्रा कर सकता है।
पृष्ठभूमि
RS-26 रूबेज (RS‑26 Rubezh) को 2010 के दशक की शुरुआत में रूस में विकसित किया गया था। यह तकनीकी रूप से एक अंतरमहाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइल (intercontinental ballistic missile) है, लेकिन इसकी रिपोर्ट की गई रेंज लगभग 3,000-5,500 किलोमीटर है, जो इसे इंटरमीडिएट-रेंज श्रेणी में रखती है। प्रणाली को अब-निष्क्रिय (now‑defunct) इंटरमीडिएट-रेंज न्यूक्लियर फोर्सेज (Intermediate‑Range Nuclear Forces - INF) संधि की सीमाओं को दरकिनार (circumvent) करने के लिए डिज़ाइन किया गया था। मिसाइल कई स्वतंत्र रूप से लक्षित पुनः-प्रवेश वाहनों (multiple independently targetable re‑entry vehicles - MIRVs) को ले जा सकती है और उड़ान के दौरान मैक 10 (Mach 10) या उससे अधिक गति तक पहुंचने के लिए कहा जाता है, जिससे अवरोधन (interception) मुश्किल हो जाता है।
विशेषताएं और निहितार्थ
- डिज़ाइन: ओरेश्निक कम बूस्टर सेक्शन (reduced booster section) के साथ RS-26 रूबेज का कम दूरी का संस्करण प्रतीत होता है। इसका छोटा आकार सड़क-मोबाइल लॉन्चर (road‑mobile launchers) पर तैनाती (deployment) की अनुमति देता है, जिससे युद्ध के मैदान की गतिशीलता (battlefield mobility) बढ़ती है।
- रेंज और गति: अनुमानित रेंज 3,000-5,500 किमी और शीर्ष गति (top speeds) 2.5 किमी प्रति सेकंड (मैक 10) के आसपास, जिससे यह मिनटों में महाद्वीपीय दूरियों (continental distances) में लक्ष्य को हिट कर सकती है।
- वारहेड विकल्प: मिसाइल एक एकल परमाणु वारहेड (single nuclear warhead) या कई पारंपरिक वारहेड ले जा सकती है। MIRV क्षमता मिसाइल रक्षा (missile defence) को जटिल बनाती है क्योंकि प्रत्येक पुनः-प्रवेश वाहन (re‑entry vehicle) अलग-अलग स्थानों को लक्षित कर सकता है।
- रणनीतिक संदर्भ (Strategic context): विश्लेषकों का सुझाव है कि INF संधि के अंत के बाद नाटो (NATO) और यूक्रेन पर दबाव डालने के लिए रूस ने इस प्रणाली को फिर से पेश किया। यूक्रेन में इसका उपयोग शीत युद्ध (Cold War) के बाद यूरोप में इंटरमीडिएट-रेंज बैलिस्टिक मिसाइल की पहली युद्ध तैनाती (combat deployment) को दर्शाता है।
निष्कर्ष
ओरेश्निक मिसाइल का उद्भव दर्शाता है कि कैसे हथियारों-नियंत्रण समझौतों (arms‑control agreements) के क्षरण ने नए मध्यवर्ती (intermediate) हथियारों के विकास को प्रेरित किया है। इसकी तैनाती क्षेत्रीय तनाव (regional tensions) को बढ़ाती है और वृद्धि को रोकने और हथियारों की सीमाओं (arms limitations) को बहाल करने के लिए राजनयिक प्रयासों (diplomatic efforts) के महत्व को रेखांकित करती है।