खबरों में क्यों?
मई 2026 के अंत में केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय (Union Rural Development Ministry) ने प्रधानमंत्री आवास योजना - ग्रामीण (PMAY-G) के तहत 12 राज्यों को ₹10,000 करोड़ से अधिक की राशि जारी की। मंत्री ने राज्यों से निर्माण में तेजी लाने का आग्रह किया ताकि कोई भी पात्र ग्रामीण परिवार कच्चे (अस्थायी) घर में न रहे। योजना के 4.95 करोड़ घरों के लक्ष्य में से 3.9 करोड़ से अधिक घरों को मंजूरी दी जा चुकी है।
पृष्ठभूमि
PMAY-G को 1 अप्रैल 2016 को लॉन्च किया गया था ताकि 2024-25 तक पर्याप्त आश्रय की कमी वाले हर ग्रामीण परिवार को बुनियादी सुविधाओं के साथ एक पक्का (स्थायी) घर उपलब्ध कराया जा सके। प्रारंभ में यह लक्ष्य 2.95 करोड़ घरों का था, जिसे बाद में COVID-19 महामारी द्वारा आवास कमजोरियों को उजागर किए जाने के बाद बढ़ाकर 4.95 करोड़ कर दिया गया। लाभार्थियों का चयन सामाजिक-आर्थिक जाति जनगणना (Socio-Economic Caste Census - SECC) 2011 के आंकड़ों से किया जाता है, जिसे ग्राम सभाओं द्वारा सत्यापित किया जाता है। महिलाओं के स्वामित्व (ownership) पर जोर दिया जाता है; अधिकांश घर या तो पूरी तरह से महिला के नाम पर या उसके पति या पत्नी के साथ संयुक्त रूप से पंजीकृत (registered) होते हैं।
मुख्य विशेषताएं
- वित्तीय सहायता (Financial assistance): मैदानी इलाकों में प्रत्येक लाभार्थी को ₹1.20 लाख मिलते हैं; पहाड़ी, कठिन या पूर्वोत्तर क्षेत्रों (northeast areas) में ₹1.30 लाख मिलते हैं। लागत केंद्र और राज्यों के बीच 60:40 के अनुपात में साझा की जाती है (पूर्वोत्तर और हिमालयी राज्यों के लिए 90:10); केंद्र शासित प्रदेशों (Union Territories) को पूर्ण केंद्रीय वित्त पोषण प्राप्त होता है।
- घर की विशिष्टताएँ (House specifications): घरों में कम से कम 25 वर्ग मीटर का कालीन क्षेत्र (carpet area) होना चाहिए और इसमें एक स्वच्छ खाना पकाने का स्थान (hygienic cooking space) शामिल होना चाहिए। लाभार्थियों को स्थानीय रूप से उपलब्ध सामग्री और आपदा-प्रतिरोधी डिजाइन (disaster-resistant designs) का उपयोग करने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है।
- ई-गवर्नेंस उपकरण (E-governance tools): कार्यान्वयन (Implementation) की निगरानी AwaasSoft और AwaasApp के माध्यम से की जाती है, जो प्रगति, भुगतान और जियो-टैग की गई तस्वीरों (geo-tagged photographs) को ट्रैक करते हैं। प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (Direct Benefit Transfer - DBT) यह सुनिश्चित करता है कि बिना रिसाव (leakage) के लाभार्थियों तक धन पहुंचे।
- अन्य योजनाओं के साथ अभिसरण (Convergence with other schemes): PMAY-G स्वच्छ भारत मिशन (Swachh Bharat Mission) (शौचालय के लिए), सौभाग्य (Saubhagya) (बिजली), प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना (Pradhan Mantri Ujjwala Yojana) (LPG) और पाइप्ड पेयजल योजनाओं जैसे अन्य कार्यक्रमों के साथ संरेखित होता है, यह सुनिश्चित करता है कि घर रहने योग्य और सम्मानजनक हों।
प्रगति और चुनौतियां
मई 2026 तक 3.9 करोड़ से अधिक घरों को मंजूरी दी गई थी और अधिकांश पूरे हो चुके हैं। हालांकि, कुछ राज्य लाभार्थी सत्यापन (beneficiary verification) और निर्माण में पीछे हैं। बढ़ती सामग्री लागत और भूमि की उपलब्धता में देरी भी प्रगति को धीमा कर देती है। केंद्र ने राज्यों से मंजूरी में तेजी लाने और निर्माण में तेजी लाने के लिए नवीन प्रौद्योगिकियों (innovative technologies) - जैसे पूर्वनिर्मित पैनल (prefabricated panels) और स्थानीय पर्यावरण के अनुकूल सामग्री का उपयोग करने का आग्रह किया है।
निष्कर्ष
PMAY-G भारत के सबसे बड़े ग्रामीण कल्याण कार्यक्रमों में से एक के रूप में उभरा है, जिसका उद्देश्य फूस (thatch) और मिट्टी के घरों को सुरक्षित घरों से बदलना है। ग्रामीण क्षेत्रों में "सभी के लिए आवास (housing for all)" के लक्ष्य को पूरा करने के लिए निरंतर वित्तीय सहायता, प्रभावी निगरानी और सामुदायिक भागीदारी आवश्यक होगी।