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प्रधानमंत्री इंटर्नशिप योजना - छात्रों के लिए विस्तारित अवसर (Prime Minister Internship Scheme – Expanded Opportunities for Students)

प्रधानमंत्री इंटर्नशिप योजना - छात्रों के लिए विस्तारित अवसर (Prime Minister Internship Scheme – Expanded Opportunities for Students)

चर्चा में क्यों?

सरकार ने प्रधानमंत्री इंटर्नशिप योजना (Prime Minister Internship Scheme) का दायरा बढ़ाकर इसमें अंतिम वर्ष के स्नातक (undergraduate) और स्नातकोत्तर (postgraduate) छात्रों को भी शामिल कर लिया है। अब तक, केवल अपनी पढ़ाई पूरी कर चुके छात्र ही आवेदन कर सकते थे। इस विस्तार का उद्देश्य अधिक से अधिक युवाओं को स्नातक होने से पहले उद्योग के बारे में जानकारी (industry exposure) देना है।

पृष्ठभूमि

प्रमुख सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों, स्टार्ट-अप और निजी फर्मों में संरचित (structured), भुगतान वाली इंटर्नशिप प्रदान करने के लिए यह योजना शुरू की गई थी। यह 18–25 वर्ष की आयु के युवाओं को लक्षित करता है और विनिर्माण, सूचना प्रौद्योगिकी, नवीकरणीय ऊर्जा, स्वास्थ्य देखभाल और पर्यटन जैसे 22 क्षेत्रों को कवर करता है। भाग लेने वाले नियोक्ता व्यावहारिक प्रशिक्षण, सलाह (mentorship) और मासिक वजीफा (monthly stipend) प्रदान करते हैं।

प्रमुख विवरण

  • वजीफा (Stipend): इंटर्नशिप की अवधि के लिए प्रशिक्षुओं को लगभग ₹9,000 का मासिक भुगतान प्राप्त होता है, जो आमतौर पर दो से छह महीने तक होता है।
  • स्केल (Scale): अप्रैल 2026 तक 42,000 से अधिक इंटर्नशिप पदों की पेशकश की गई है, जिसमें 300 से अधिक कंपनियां भाग ले रही हैं।
  • पात्रता: आवेदक 18–25 आयु वर्ग के भारतीय नागरिक होने चाहिए। स्नातक या स्नातकोत्तर कार्यक्रम के अंतिम वर्ष में अध्ययनरत छात्रों को अपने शैक्षणिक संस्थान से "अनापत्ति प्रमाण पत्र (No Objection Certificate)" प्राप्त करना होगा। अन्य पात्रता मानदंड—जैसे शैक्षणिक प्रदर्शन और क्षेत्र-विशिष्ट आवश्यकताएं—अपरिवर्तित (unchanged) रहती हैं।
  • आवेदन प्रक्रिया: उम्मीदवार एक केंद्रीय पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन करते हैं। चयन योग्यता-आधारित (merit-based) है और इसमें मेजबान संगठन (host organisation) द्वारा स्क्रीनिंग शामिल है। सफल आवेदक कर्तव्यों और सीखने के परिणामों को रेखांकित करते हुए इंटर्नशिप समझौते पर हस्ताक्षर करते हैं।

महत्व

  • कौशल विकास: वास्तविक दुनिया की परियोजनाओं के संपर्क में आने से युवाओं को व्यावहारिक कौशल (practical skills) विकसित करने, रोजगार क्षमता में सुधार करने और सूचित कैरियर विकल्प (informed career choices) चुनने में मदद मिलती है।
  • उद्योग-अकादमिक लिंक (Industry–academia link): अंतिम वर्ष के छात्रों को भाग लेने की अनुमति देना कक्षा की शिक्षा और कार्यस्थल की अपेक्षाओं के बीच के अंतर को पाटता है।
  • आर्थिक प्रभाव: नौकरी के लिए तैयार कार्यबल (job-ready workforce) का पोषण करके, यह योजना विभिन्न क्षेत्रों में उत्पादकता और नवाचार का समर्थन करती है।

स्रोत: News On Air

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