समाचार में क्यों?
शोधकर्ताओं ने हाल ही में तेलंगाना के Kawal Tiger Reserve में red‑necked falcon के देखे जाने का एक दुर्लभ रिकॉर्ड दर्ज़ किया। इस क्षेत्र में शायद ही कभी देखे जाने वाले इस पक्षी की तस्वीर पक्षीविज्ञानियों (ornithologists) द्वारा तब ली गई जब यह खुले जंगल के ऊपर शिकार कर रहा था। इस घटना ने रिज़र्व के समृद्ध पक्षी-जीवन (birdlife) और शिकारी पक्षियों (raptors) के आवासों की रक्षा करने की आवश्यकता की ओर ध्यान आकर्षित किया है।
पृष्ठभूमि
रेड-नेक्ड फाल्कन (Falco chicquera) एक छोटा बाज़ (falcon) है जो दो अलग-अलग आबादी में पाया जाता है—एक उप-सहारा अफ्रीका (sub‑Saharan Africa) में और दूसरा दक्षिण एशिया (South Asia) में। एशियाई पक्षी शरीर की लंबाई में 28–34 सेमी होते हैं, जिनके पंखों का फैलाव 55–70 सेमी होता है और उनका वजन लगभग 160–250 ग्राम होता है। वे एक लाल-भूरे रंग के मुकुट और गर्दन, नीले-भूरे रंग के ऊपरी हिस्सों और बारीक पट्टियों (bars) से चिह्नित सफेद निचले हिस्सों द्वारा पहचाने जाते हैं।
भारतीय उपमहाद्वीप में यह प्रजाति खुले देश, शुष्क पर्णपाती जंगलों (dry deciduous forests), झाड़ियों और कृषि क्षेत्रों में पाई जाती है। यह मुख्य रूप से कबूतरों और राहगीर पक्षियों (passerines) जैसे छोटे पक्षियों का शिकार करता है, लेकिन कृन्तकों (rodents), चमगादड़ों, सरीसृपों और कीड़ों को भी पकड़ता है। घोंसला आमतौर पर कौवों के पुराने घोंसलों में या ताड़ के पेड़ के छिद्रों में होता है; क्लच (clutch) में आमतौर पर तीन या चार अंडे होते हैं। माता-पिता दोनों बच्चों की देखभाल करते हैं, जिसमें मादा अंडे सेती है और नर भोजन लाता है।
Kawal Tiger Reserve और इसे देखा जाना
- Kawal Tiger Reserve तेलंगाना के उत्तरी भाग में गोदावरी नदी (Godavari River) के पास स्थित है। 2012 में एक tiger reserve घोषित किया गया, यह अतिरिक्त बफर ज़ोन के साथ लगभग 893 वर्ग किमी के मुख्य क्षेत्र (core area) को कवर करता है।
- रिज़र्व के दक्षिणी उष्णकटिबंधीय शुष्क पर्णपाती वन (Southern Tropical Dry Deciduous forests) पक्षियों की 260 प्रजातियों, सरीसृपों की 34 प्रजातियों और स्तनधारियों की 75 प्रजातियों का समर्थन करते हैं। बाघों के अलावा, यह तेंदुओं, गौर, सांभर और कई शिकारी पक्षियों (raptors) का घर है।
- May 2026 के मध्य में एक फील्ड सर्वेक्षण के दौरान, वन्यजीव शोधकर्ता डॉ वेंकट अनगन्धुला (Dr Venkat Anagandhula) ने रिज़र्व के कोठापेट गाँव (इंदनपल्ली रेंज) के जंगलों में एक red‑necked falcon को देखा और उसकी तस्वीर ली। पक्षी ने बाद में तीव्र शिकार उड़ानों का प्रदर्शन किया, जिससे रिज़र्व में इसकी उपस्थिति की पुष्टि हुई।
संरक्षण संबंधी चिंताएँ (Conservation concerns)
- International Union for Conservation of Nature (IUCN) ने निवास स्थान के नुकसान, कीटनाशकों के उपयोग और शिकार की आबादी में गिरावट के कारण एशिया में red‑necked falcon को 'संकटग्रस्त के करीब' (Near Threatened) के रूप में सूचीबद्ध किया है।
- वनों की कटाई, कृषि विस्तार और घोंसले बनाने के स्थलों पर गड़बड़ी उपयुक्त आवासों को कम करती है। चूँकि बाज़ पेड़ के छिद्रों और पुराने घोंसलों में घोंसला बनाते हैं, इसलिए ऊँचे पेड़ों को हटाना एक बड़ा खतरा पैदा करता है।
- कवल (Kawal) में देखे जाने जैसे अवलोकन प्रजातियों के वितरण को दस्तावेज़ित करने में मदद करते हैं और शेष शुष्क जंगलों तथा घास के मैदानों की रक्षा करने की आवश्यकता को उजागर करते हैं।
निष्कर्ष
Kawal Tiger Reserve में एक red‑necked falcon का देखा जाना शुष्क पर्णपाती जंगलों के जैव विविधता मूल्य को रेखांकित करता है। घोंसले वाले पेड़ों की रक्षा करना, कीटनाशकों को नियंत्रित करना और खुले शिकार के मैदानों को संरक्षित करना यह सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक है कि यह सुरुचिपूर्ण (elegant) शिकारी पक्षी भारत के आसमान की शोभा बढ़ाता रहे।