भूगोल

Sabarmati River: उद्गम, प्रवाह मार्ग, सहायक नदियाँ और खंभात की खाड़ी

Sabarmati River: उद्गम, प्रवाह मार्ग, सहायक नदियाँ और खंभात की खाड़ी

चर्चा में क्यों?

साबरमती नदी (Sabarmati River) का अक्सर सिविल सेवा परीक्षाओं में उल्लेख किया जाता है क्योंकि यह गुजरात के दो प्रमुख शहरों, अहमदाबाद और गांधीनगर से होकर बहती है। शहरी जल प्रबंधन और प्रदूषण पर हाल की चर्चाओं ने इसके उद्गम, सहायक नदियों और बेसिन विशेषताओं को समझने की आवश्यकता पर प्रकाश डाला है।

पृष्ठभूमि

साबरमती एक मानसून-आधारित, पश्चिम की ओर बहने वाली नदी है। यह राजस्थान के टेपुर (Tepur) गांव के पास अरावली (Aravalli) पहाड़ियों में लगभग 762 मीटर की ऊंचाई से निकलती है और अरब सागर में खंभात की खाड़ी (Gulf of Khambhat) में गिरने से पहले 371 किलोमीटर की यात्रा करती है। नदी का लगभग 48 किलोमीटर हिस्सा राजस्थान में है, जबकि शेष 323 किलोमीटर गुजरात से होकर बहता है। इसका जलग्रहण क्षेत्र (catchment area) 21,674 वर्ग किलोमीटर को कवर करता है और कृषि, उद्योग और नगरपालिका जल आपूर्ति का समर्थन करता है।

मार्ग और सहायक नदियां (Course and tributaries)

  • यह नदी अरावली पहाड़ियों से दक्षिण-पश्चिम की ओर बहती है और लगभग 48 किमी के बाद गुजरात में प्रवेश करती है। यह धरोई (Dharoi) कण्ठ और फिर मैदानी इलाकों से होकर गुजरती है, और समुद्र तक पहुंचने से पहले अहमदाबाद को दो भागों में बांटती है。
  • बाएं किनारे की सहायक नदियां (Left‑bank tributaries): वाकल (Wakal), हरनव (Harnav), हाथमती (Hathmati), खारी (Khari) और वात्रक (Watrak) बाईं ओर से साबरमती में मिलती हैं। वात्रक सबसे बड़ी है, जो राजस्थान की पंचारा पहाड़ियों से निकलती है और मुख्य नदी से मिलने से पहले 248 किलोमीटर बहती है। मेशवा (Meshwo), माज़म (Mazam) और शेढ़ी (Shedhi) नदियां वात्रक की उप-सहायक नदियां हैं।
  • दाएं किनारे की सहायक नदियां (Right‑bank tributaries): सेई (Sei), सिरी (Siri) और धामनी (Dhamni) नदियां दाईं ओर से प्रवेश करती हैं। सेई अरावली पहाड़ियों से निकलती है और साबरमती में मिलने के लिए 95 किलोमीटर बहती है।
  • बांध और बैराज (Dams and barrages): प्रमुख संरचनाओं में धरोई बांध (Dharoi Dam), जो अहमदाबाद से लगभग 165 किलोमीटर ऊपर 1978 में बनाया गया था, और शहर के पास वासना बैराज (Vasna Barrage) शामिल हैं। ये जल आपूर्ति को नियंत्रित करते हैं और बाढ़ को नियंत्रित करने में मदद करते हैं।

बेसिन विशेषताएं

साबरमती बेसिन आकार में लगभग त्रिकोणीय (triangular) है। यह उत्तर और उत्तर-पूर्व में अरावली पहाड़ियों, पश्चिम में कच्छ के रण (Rann of Kutch) और दक्षिण में खंभात की खाड़ी से घिरा है। बेसिन का लगभग तीन-चौथाई हिस्सा कृषि के अंतर्गत है, जबकि लगभग 4% जल निकाय हैं। अहमदाबाद में रिवरफ्रंट के विकास ने नदी के किनारे के हिस्सों को पुनर्जीवित किया है, लेकिन औद्योगिक और घरेलू प्रदूषण अभी भी चिंता का विषय बने हुए हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

  • साबरमती नदी का उद्गम कहाँ से होता है? यह राजस्थान के उदयपुर जिले के टेपुर गांव के पास अरावली पहाड़ियों से निकलती है।
  • यह नदी किस सागर में गिरती है? साबरमती अरब सागर में खंभात की खाड़ी (Gulf of Khambhat) में गिरती है।
  • नदी कितनी लंबी है? कुल लंबाई लगभग 371 किलोमीटर है।
  • दाहिने किनारे की एक प्रमुख सहायक नदी का नाम बताइए। सेई (Sei) नदी एक महत्वपूर्ण दाहिने किनारे की सहायक नदी है जो अरावली पहाड़ियों से निकलती है।
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