सामाजिक

Samriddh Gram Project: भारतनेट, फिजिटल सेवाएं और ग्रामीण विकास

Samriddh Gram Project: भारतनेट, फिजिटल सेवाएं और ग्रामीण विकास

चर्चा में क्यों?

14 मार्च 2026 को केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया (Jyotiraditya M. Scindia) ने मध्य प्रदेश के गुना (Guna) जिले के उमरी (Umri) गांव में समृद्ध ग्राम फिजिटल सर्विसेज पायलट प्रोजेक्ट के तहत पहले समृद्धि केंद्र (Samriddhi Kendra) का उद्घाटन किया। यह पहल यह प्रदर्शित करना चाहती है कि भारतनेट (BharatNet) के तहत निर्मित हाई-स्पीड ब्रॉडबैंड भौतिक केंद्रों और डिजिटल प्लेटफार्मों के मिश्रण के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में एकीकृत (integrated) नागरिक सेवाएं कैसे प्रदान कर सकता है।

पृष्ठभूमि

भारतनेट दुनिया के सबसे बड़े ग्रामीण ब्रॉडबैंड कार्यक्रमों (rural broadband programmes) में से एक है, जिसका लक्ष्य हर ग्राम पंचायत (Gram Panchayat) को ऑप्टिकल फाइबर (optical fibre) से जोड़ना है। बुनियादी ढांचे के बावजूद, ग्रामीण समुदायों में अक्सर सरकारी सेवाओं, स्वास्थ्य सेवा, शिक्षा और बाजारों तक सुविधाजनक पहुंच का अभाव होता है। समृद्ध ग्राम पायलट (pilot) का उद्देश्य "फ़िजिटल (phygital)" हब (hubs) - डिजिटल कनेक्टिविटी (digital connectivity) से लैस भौतिक केंद्र (physical centres) बनाकर इस अंतर को पाटना है।

पहला केंद्र, समृद्धि केंद्र, उमरी गांव के पंचायत भवन में स्थित है। दो अन्य पायलट स्थान (pilot locations) चुने गए हैं: आंध्र प्रदेश के गुंटूर (Guntur) जिले में नारकोदुरु (Narakoduru), और उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर (Muzaffarnagar) जिले में चौरावाला (Chaurawala)। प्रत्येक केंद्र पांच किलोमीटर के दायरे में आसपास के कई गांवों को सेवा प्रदान करता है। यह परियोजना डिजिटल एम्पावरमेंट फाउंडेशन (Digital Empowerment Foundation) के सहयोग से दूरसंचार विभाग (Department of Telecommunications) द्वारा चलाई जा रही है।

प्रस्तावित सेवाएं

  • शिक्षा और कौशल विकास: ऑनलाइन पाठ्यक्रम (online courses), डिजिटल कक्षाएं (digital classrooms) और व्यावसायिक प्रशिक्षण (vocational training) कार्यक्रमों तक पहुंच।
  • कृषि: मौसम अद्यतन, फसल सलाह (crop advisories), मिट्टी परीक्षण और बाजार संपर्क जानकारी।
  • स्वास्थ्य और टेलीमेडिसिन (Health and telemedicine): डॉक्टरों के साथ दूरस्थ परामर्श (Remote consultations), स्वास्थ्य जांच और मोतियाबिंद (cataract) स्क्रीनिंग जैसे जागरूकता अभियान।
  • ई-गवर्नेंस (E-governance): सरकारी योजनाओं, प्रमाण पत्रों और शिकायत निवारण (grievance redressal) के साथ सहायता।
  • वित्तीय समावेशन (Financial inclusion) और ई-कॉमर्स: बैंकिंग सेवाएं, डिजिटल भुगतान, बीमा नामांकन और स्थानीय उत्पादों के लिए ऑनलाइन मार्केटप्लेस तक पहुंच।
  • कनेक्टिविटी और निगरानी: सार्वजनिक वाई-फाई (Public Wi-Fi), सीसीटीवी आधारित सुरक्षा प्रणाली और स्थानीय उद्यमियों के लिए हाई-स्पीड इंटरनेट।

महत्व

  • एकीकृत मॉडल (Integrated model): डिजिटल प्लेटफार्मों के साथ भौतिक टचपॉइंट्स (physical touchpoints) को जोड़कर, परियोजना का उद्देश्य गांवों में नागरिक-केंद्रित (citizen-centric) सेवाएं प्रदान करने के लिए एक प्रतिकृति मॉडल (replicable model) बनाना है।
  • सामाजिक-आर्थिक विकास: सूचना, स्वास्थ्य सेवा और बाजारों तक बेहतर पहुंच आय, शिक्षा और समग्र भलाई (wellbeing) को बढ़ा सकती है।
  • सामुदायिक भागीदारी: स्थानीय निवासी केंद्रों के प्रबंधन और रखरखाव में भाग लेते हैं, यह सुनिश्चित करते हुए कि सेवाएँ समुदाय की ज़रूरतों को दर्शाती हैं।
  • अनुमापनीयता (Scalability): पायलट से मिले सबक ग्रामीण भारत में इसी तरह के हब के विस्तार (expansion) को सूचित करेंगे।

स्रोत: Press Information Bureau

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