समाचार में क्यों?
Indian Navy ने 21 May 2026 को कोलकाता में Garden Reach Shipbuilders & Engineers (GRSE) यार्ड में Sanghmitra नामक एक नया offshore patrol vessel लॉन्च किया। यह जहाज Navy के next‑generation offshore patrol vessel कार्यक्रम का हिस्सा है और इसका उद्देश्य भारत के तटों, अपतटीय संसाधनों (offshore resources) और शिपिंग लेन की सुरक्षा करना है। यह स्वदेशीकरण (indigenisation) के प्रति Navy की प्रतिबद्धता को दर्शाता है और अशोक की बेटी संघमित्रा की ऐतिहासिक विरासत का सम्मान करता है。
पृष्ठभूमि
भारत के next‑generation offshore patrol vessels (NGOPVs) पुराने गश्ती जहाजों की तुलना में बड़े और अधिक सक्षम हैं। बेहतर स्टील्थ (stealth) के लिए एंगल्ड सतहों के साथ डिज़ाइन किए गए और आधुनिक सेंसर से लैस, ये जहाज समुद्री निगरानी (maritime surveillance), तटीय रक्षा, खोज और बचाव और समुद्री डकैती विरोधी (anti‑piracy) मिशनों के लिए विशाल समुद्री क्षेत्रों में गश्त करेंगे। Sanghmitra लगभग 113 मीटर लंबा, 14.6 मीटर चौड़ा है और लगभग 3,000 टन विस्थापित (displace) करता है। यह 14 नॉट्स (knots) की क्रूज़िंग गति से 8,500 समुद्री मील की यात्रा कर सकता है और इसकी शीर्ष गति लगभग 23 नॉट्स है। लगभग 4 मीटर का उथला ड्राफ्ट (shallow draught) जहाज को तट के करीब भी काम करने की अनुमति देता है。
जहाज का नाम सम्राट अशोक की बेटी संघमित्रा (Sanghamitta या Sanghmitra) की याद दिलाता है। तीसरी शताब्दी ईसा पूर्व में वह बोधि वृक्ष की एक शाखा के साथ श्रीलंका गई थीं और द्वीप पर थेरवाद बौद्ध धर्म स्थापित करने में मदद की थी। Navy ने इस नाम को उनकी समुद्री यात्रा और ज्ञान तथा शांति फैलाने में उनकी भूमिका को स्वीकार करने के लिए चुना।
प्रमुख विशेषताएँ
- बहु-मिशन क्षमता (Multi‑mission capability): यह जहाज समुद्री निगरानी करेगा, अपतटीय प्रतिष्ठानों (offshore installations) और मछली पकड़ने के क्षेत्रों की रक्षा करेगा, विशेष बलों (special forces) का समर्थन करेगा, और मानवीय सहायता तथा आपदा राहत (HADR) अभियान चलाएगा।
- उन्नत डिज़ाइन (Advanced design): स्टील्थी हल फॉर्म (stealthy hull form), इंटीग्रेटेड ब्रिज सिस्टम और आधुनिक नेविगेशन रडार स्थितिजन्य जागरूकता (situational awareness) बढ़ाते हैं। जहाज एक हेलीकॉप्टर संचालित कर सकता है और बोर्डिंग या बचाव कार्यों के लिए छोटी नावें तैनात कर सकता है।
- लंबी सहनशक्ति (Long endurance): 8,500 समुद्री मील की रेंज और आधुनिक प्रणोदन (propulsion) के साथ, यह बिना ईंधन भरे लंबे गश्त के लिए समुद्र में रह सकता है।
- स्वदेशी सामग्री (Indigenous content): Aatmanirbhar Bharat (आत्मनिर्भर भारत) पहल के तहत निर्मित, जहाज के अधिकांश उपकरण भारतीय उद्योगों से प्राप्त किए गए हैं, जिससे घरेलू जहाज निर्माण को बढ़ावा मिलता है।
महत्व
Sanghmitra का लॉन्च घर पर जटिल युद्धपोतों को डिज़ाइन करने और बनाने की भारत की क्षमता को प्रदर्शित करता है। निगरानी और अवरोधन (interdiction) भूमिकाओं के साथ, NGOPVs शांतिकाल में Navy की उपस्थिति को मजबूत करेंगे और तस्करी तथा समुद्री डकैती जैसी अवैध गतिविधियों को रोकेंगे। संघमित्रा को श्रद्धांजलि भारत की प्राचीन समुद्री विरासत और साहसिक यात्राओं को undertaking करने वाली महिलाओं की विरासत को भी उजागर करती है।
निष्कर्ष
ग्यारह next‑generation patrol vessels में से पहले के रूप में, Sanghmitra एक आधुनिक बेड़े के लिए टोन सेट करता है जो भारत के समुद्री हितों की रक्षा करता है। सहनशक्ति, बहुमुखी प्रतिभा और स्वदेशी सामग्री का इसका मिश्रण भारत में निर्मित एक blue‑water navy के लिए देश की आकांक्षाओं को दर्शाता है।