समाचार में क्यों?
आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति (Cabinet Committee on Economic Affairs) ने SARTHAK PDS नामक एक नए अम्ब्रेला कार्यक्रम (umbrella programme) को मंज़ूरी दी, जिसका अर्थ है Scheme for Assistance in Ration Transport and Handling-Income with Automation in PDS. यह योजना SMART PDS पहल के तहत आधुनिकीकरण के प्रयासों (modernisation efforts) के साथ खाद्यान्न की आवाजाही (movement of foodgrains) और उचित मूल्य की दुकान के मार्जिन (fair price shop margins) के लिए धन को जोड़ती है और March 2031 तक लागू रहेगी。
पृष्ठभूमि
भारत की सार्वजनिक वितरण प्रणाली (Public Distribution System - PDS) द्वितीय विश्व युद्ध (Second World War) के दौरान राशनिंग कार्यक्रम (rationing programme) के रूप में शुरू हुई। शुरू में कुछ शहरों को कवर करते हुए, स्वतंत्रता के बाद इसका विस्तार गरीब घरों को रियायती अनाज (subsidised grains) की आपूर्ति करने वाली उचित मूल्य की दुकानों (fair price shops) के राष्ट्रव्यापी नेटवर्क के रूप में हुआ। इस प्रणाली को लगातार पंचवर्षीय योजनाओं (Five Year Plans) के माध्यम से औपचारिक रूप दिया गया और National Food Security Act 2013 के साथ मज़बूत किया गया, जिसने खाद्य अधिकारों (food entitlements) को एक कानूनी अधिकार (legal right) बना दिया। पिछले एक दशक में सरकार ने एंड-टू-एंड कंप्यूटरीकरण (end‑to‑end computerisation), PDS का एकीकृत प्रबंधन (Integrated Management of PDS) और वन नेशन वन राशन कार्ड (One Nation One Ration Card) प्रणाली जैसे डिजिटलीकरण (digitisation) और पोर्टेबिलिटी उपाय (portability measures) पेश किए。
SARTHAK PDS की मुख्य विशेषताएं
- एकीकृत छाता (Unified umbrella): यह योजना दो मौजूदा घटकों - खाद्यान्न के अंतर-राज्यीय परिवहन (intra‑state transport) और उचित मूल्य की दुकान के डीलरों के मार्जिन (fair price shop dealers’ margin) के लिए सहायता, और प्रौद्योगिकी-संचालित SMART PDS सुधारों (technology‑driven SMART PDS reforms) - को एक प्रशासनिक ढांचे (administrative framework) में मिलाती है।
- आधुनिक डिजिटल वास्तुकला (Modern digital architecture): SARTHAK का लक्ष्य आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (artificial intelligence), मशीन लर्निंग (machine learning), प्राकृतिक-भाषा प्रसंस्करण (natural‑language processing) और ब्लॉकचेन (blockchain) जैसी उन्नत तकनीकों का उपयोग करके एकल इंटरऑपरेबल वास्तुकला (interoperable architecture) बनाना है। यह राशन कार्ड (ration cards) और लाभार्थियों के लिए एकीकृत डेटाबेस बनाने का प्रयास करता है, जिससे आपूर्ति श्रृंखला (supply chains) और इन्वेंट्री (inventory) की वास्तविक समय में निगरानी (real‑time monitoring) सक्षम हो सके।
- बढ़ी हुई पारदर्शिता (Enhanced transparency): राज्य-स्तरीय कमांड और नियंत्रण केंद्र विसंगतियों (anomalies) का पता लगाने और शिकायतों (grievances) को हल करने के लिए AI-सक्षम एनालिटिक्स (AI‑enabled analytics) का उपयोग करेंगे। मानक संचालन प्रक्रियाओं (Standard operating procedures) को अंतरराष्ट्रीय गुणवत्ता मानकों के लिए प्रमाणित किया जाएगा ताकि नागरिक अधिकारों को ट्रैक कर सकें और समस्याओं का कुशलतापूर्वक निवारण कर सकें।
- वित्तीय सहायता (Financial support): केंद्र सरकार डिपो (depots) से दुकानों तक अनाज ले जाने और डीलरों के मार्जिन का भुगतान करने के लिए धन आवंटित (allocate) करेगी। पंचवर्षीय (2025‑26 से 2029‑30) अवधि के लिए कुल परिव्यय (total outlay) लगभग ₹25,530 crore होने का अनुमान है।
- अवधि (Duration): यह योजना 31 March 2031 तक चलने की योजना है, जो राज्यों को सुधार करने के लिए एक स्थिर नीति क्षितिज (stable policy horizon) प्रदान करती है।
यह महत्वपूर्ण क्यों है
- सुव्यवस्थित वितरण (Streamlined delivery): योजनाओं को एकीकृत करके और आधुनिक तकनीक को अपनाकर, SARTHAK का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि रियायती खाद्यान्न बिना किसी रिसाव (leakages) या दोहराव (duplication) के लाभार्थियों तक पहुंचे।
- डिजिटल समावेशन (Digital inclusion): यह कार्यक्रम मेरा राशन (Mera Ration) जैसे मोबाइल ऐप और पोर्टेबल बायोमेट्रिक सिस्टम (portable biometric systems) पर आधारित है, जो प्रवासियों (migrants) को भारत में कहीं भी अपने अधिकारों (entitlements) तक पहुंचने में सक्षम बनाता है।
- पारदर्शिता और जवाबदेही (Transparency and accountability): एकीकृत डेटाबेस और AI-संचालित एनालिटिक्स (AI‑driven analytics) से अनाज के डायवर्जन (diversions), घोस्ट राशन कार्ड (ghost ration cards) और अन्य अनियमितताओं (irregularities) का पता लगाना आसान हो जाएगा।
- डीलरों के लिए समर्थन (Support for dealers): सुनिश्चित मार्जिन (Assured margins) और परिवहन सब्सिडी (transport subsidies) उचित मूल्य की दुकानों की व्यवहार्यता (viability) में सुधार करेगी, जिससे उन्हें डिजिटल उपकरणों (digital equipment) में निवेश करने और बेहतर सेवाएं देने के लिए प्रोत्साहन मिलेगा।
निष्कर्ष
SARTHAK PDS एक पारदर्शी और तकनीकी रूप से मज़बूत खाद्य वितरण प्रणाली (food distribution system) की दिशा में एक बड़ा कदम है। परिवहन सहायता (transportation support) को डिजिटल सुधारों (digital reforms) के साथ मिलाकर और दीर्घकालिक वित्त पोषण प्रतिबद्धता (long‑term funding commitment) प्रदान करके, इस योजना का उद्देश्य दक्षता (efficiency) और जवाबदेही बढ़ाते हुए लाखों नागरिकों के खाद्य सुरक्षा अधिकारों की रक्षा करना है。