विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी

Scarlet Fever Bacteria: स्ट्रेप्टोकोकस पाइोजेन्स, बोलिवियाई ममी और डीएनए

Scarlet Fever Bacteria: स्ट्रेप्टोकोकस पाइोजेन्स, बोलिवियाई ममी और डीएनए

समाचार में क्यों?

बोलीविया (Bolivia) के एंडियन हाइलैंड्स (Andean highlands) की 700 साल पुरानी ममी का विश्लेषण करने वाले वैज्ञानिकों ने स्ट्रेप्टोकोकस पाइोजेन्स (Streptococcus pyogenes) से डीएनए बरामद किया है, जो स्कार्लेट ज्वर (scarlet fever) और स्ट्रेप थ्रोट (strep throat) के लिए जिम्मेदार जीवाणु है। यह खोज, जो नेचर माइक्रोबायोलॉजी (Nature Microbiology) पत्रिका में छपी है, अमेरिका में ज्ञात स्ट्रेप्टोकोकल संक्रमणों की समयरेखा को यूरोपीय संपर्क से बहुत पहले धकेलती है, यह दर्शाता है कि ये रोगजनकों (pathogens) पहले से ही मौजूद थे और स्थानीय रूप से विकसित हो रहे थे।

पृष्ठभूमि

स्कार्लेट ज्वर (Scarlet fever) समूह ए स्ट्रेप्टोकोकस (Streptococcus) बैक्टीरिया के कारण होता है जो एक विष (toxin) छोड़ता है जिससे एक विशिष्ट लाल चकत्ते हो जाते हैं। बीमारी आमतौर पर गले में खराश और बुखार से शुरू होती है, उसके बाद एक लाल दाने होते हैं जो गर्दन से शुरू होते हैं और पूरे शरीर में फैल जाते हैं। अन्य लक्षणों में स्ट्रॉबेरी जैसी जीभ, लाल चेहरा और त्वचा का छिलना शामिल है। अधिकांश मामले 5-15 वर्ष की आयु के बच्चों में होते हैं। उपचार के बिना, कान में संक्रमण, आमवाती बुखार (rheumatic fever) और गुर्दे की सूजन (kidney inflammation) जैसी जटिलताएं पैदा हो सकती हैं।

शोधकर्ताओं को क्या मिला?

  • प्राचीन डीएनए: संवेदनशील अनुक्रमण तकनीकों (sequencing techniques) का उपयोग करते हुए, टीम ने ममी के फेफड़े के ऊतकों (lung tissue) से S. pyogenes डीएनए के टुकड़ों को निकाला। रेडियोकार्बन डेटिंग (Radiocarbon dating) से संकेत मिलता है कि व्यक्ति 1283 और 1383 के बीच जीवित था, जो यूरोपीय औपनिवेशीकरण से सदियों पहले है।
  • गले-विशेषज्ञ स्ट्रेन: आनुवंशिक विश्लेषण से पता चलता है कि प्राचीन स्ट्रेन (strain) एक वंश से संबंधित है जो मुख्य रूप से गले को संक्रमित करता है, आधुनिक स्ट्रेन के समान जो ग्रसनीशोथ (pharyngitis) और स्कार्लेट ज्वर (scarlet fever) का कारण बनता है। यह लगभग 10,000 साल पहले अन्य वंशों से अलग हो गया था, जो एक लंबे विकासवादी इतिहास का सुझाव देता है।
  • निहितार्थ: इस खोज का अर्थ है कि यूरोपीय लोगों के आने से बहुत पहले स्वदेशी अमेरिकियों में स्ट्रेप्टोकोकल रोग व्यापक रहे होंगे। यह पहले की धारणाओं को चुनौती देता है कि यूरोपीय लोगों ने इन संक्रमणों को नई दुनिया (New World) में पेश किया था।

स्कार्लेट ज्वर (scarlet fever) को समझना

  • संचरण: बैक्टीरिया खांसने और छींकने से बूंदों के माध्यम से फैलते हैं। स्कूलों या भीड़ भरे स्थानों में निकट संपर्क के कारण प्रकोप होता है।
  • लक्षण: 2-4 दिनों की ऊष्मायन अवधि (incubation period) के बाद, रोगियों में बुखार, गले में खराश और दाने विकसित होते हैं। जीभ अक्सर लाल और ऊबड़-खाबड़ दिखाई देती है। दाने आमतौर पर एक सप्ताह के बाद कम हो जाते हैं, उसके बाद त्वचा छिलने लगती है।
  • उपचार: पेनिसिलिन (penicillin) जैसे एंटीबायोटिक्स (Antibiotics) संक्रमण को प्रभावी ढंग से साफ करते हैं और जटिलताओं को रोकते हैं। प्रारंभिक उपचार आमवाती बुखार (rheumatic fever) और गुर्दे की समस्याओं के जोखिम को कम करता है।
  • सार्वजनिक स्वास्थ्य: यद्यपि 19वीं सदी में स्कार्लेट ज्वर (scarlet fever) एक प्रमुख हत्यारा था, एंटीबायोटिक दवाओं और बेहतर स्वच्छता के साथ इसकी घटनाएं कम हो गईं। कुछ देशों में हालिया पुनरुत्थान निरंतर निगरानी की आवश्यकता को उजागर करता है।

स्रोत: Live Science

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