विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी

Shahed Drones: ईरान UAV, सुरक्षा चिंताएं और वायु रक्षा

Shahed Drones: ईरान UAV, सुरक्षा चिंताएं और वायु रक्षा

चर्चा में क्यों?

संयुक्त राज्य अमेरिका के रक्षा अधिकारियों ने ईरान द्वारा कम लागत वाले शाहेद (Shahed) हमलावर ड्रोन के बढ़ते उत्पादन और निर्यात पर चिंता व्यक्त की है। इन मानव रहित हवाई वाहनों (unmanned aerial vehicles - UAVs) की आपूर्ति रूस और अन्य अभिनेताओं (actors) को की जा रही है और हाल के संघर्षों में इनका इस्तेमाल किया गया है। इनकी सामर्थ्य (affordability) और झुंड की रणनीति (swarm tactics) इन्हें रोकना मुश्किल बना देती है, जिससे मजबूत वायु रक्षा प्रणालियों (air-defence systems) की नए सिरे से मांग हो रही है।

पृष्ठभूमि

ड्रोन की शाहेद श्रृंखला - जिसका नाम फ़ारसी शब्द "गवाह (witness)" के नाम पर रखा गया है - ईरान द्वारा विकसित वन-वे (one-way) हमलावर ड्रोन हैं। पुन: प्रयोज्य टोही ड्रोन (reusable reconnaissance drones) के विपरीत, इन शिल्पों को एक लक्ष्य की ओर उड़ने और प्रभाव पर विस्फोट (detonate on impact) करने के लिए डिज़ाइन किया गया है, जिससे उन्हें "कामिकेज़ (kamikaze)" या "आत्मघाती (suicide)" ड्रोन का लेबल मिलता है। सबसे व्यापक रूप से तैनात संस्करण शाहेद -131 और बड़ा शाहेद -136 हैं। रूसी सेवा में उनकी रीब्रांडिंग (rebranding) को दर्शाते हुए रूस उन्हें क्रमशः गेरान-1 (Geran-1) और गेरान-2 (Geran-2) के रूप में संदर्भित करता है।

रक्षा विश्लेषकों (defence analysts) के अनुसार, प्रत्येक ड्रोन की कीमत 20,000 अमेरिकी डॉलर से 50,000 अमेरिकी डॉलर के बीच है - जो क्रूज मिसाइलों या बैलिस्टिक मिसाइलों (ballistic missiles) की तुलना में बहुत सस्ती है, जिनकी कीमत लाखों में हो सकती है। उनकी कम कीमत ऑपरेटरों को एक साथ बड़ी संख्या में लॉन्च करने की अनुमति देती है, जिससे दुश्मन के हवाई बचाव (air defences) भारी पड़ जाते हैं। ड्रोन रॉकेट बूस्टर का उपयोग करके रेल प्लेटफॉर्म या संशोधित वाहनों से लॉन्च किए जाते हैं; एक बार हवा में होने पर, एक पिस्टन इंजन प्रणोदन (propulsion) प्रदान करता है। नेविगेशन जीपीएस/ग्लोनास (GPS/GLONASS) रिसीवर और लक्ष्य निर्देशांक के साथ पूर्व-प्रोग्राम (pre-programmed) की गई जड़त्वीय नेविगेशन प्रणालियों (inertial navigation systems) के संयोजन के माध्यम से प्राप्त किया जाता है।

विशेषताएं

  • रेंज: शाहेद-131 700-900 किलोमीटर तक उड़ सकता है, जबकि बड़ा शाहेद-136 2,000-2,500 किलोमीटर तक पहुंच सकता है।
  • आकार: वे 2.5 और 3 मीटर के बीच लंबे होते हैं और प्रक्षेपण के समय उनका वजन लगभग 200 किलोग्राम होता है।
  • लॉन्च तंत्र (Launch mechanism): एक डिस्पोजेबल रॉकेट बूस्टर ड्रोन को उसके लॉन्चर से दूर ले जाता है; लिफ्ट-ऑफ के बाद बूस्टर को हटा दिया जाता है (jettisoned), और एक गैसोलीन इंजन कार्यभार संभालता है।
  • वारहेड: ड्रोन उच्च विस्फोटक (high-explosive), थर्मोबैरिक (thermobaric) या छर्रे (shrapnel) से भरे वारहेड ले जा सकते हैं जिन्हें प्रभाव पर क्षति को अधिकतम करने के लिए डिज़ाइन किया गया है।
  • झुंड रणनीति (Swarm tactics): क्योंकि वे सस्ते हैं, कई शाहेद ड्रोनों को विभिन्न दिशाओं से लहरों में लॉन्च किया जा सकता है, हवाई रक्षा प्रणालियों को संतृप्त (saturating) किया जा सकता है और "गरीब आदमी की क्रूज मिसाइल (poor man’s cruise missile)" प्रभाव पैदा किया जा सकता है।

स्रोत: Times of India

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