पर्यावरण

Sistan Sand Boa: भारत के थार मरुस्थल में पहली बार देखा गया

Sistan Sand Boa: भारत के थार मरुस्थल में पहली बार देखा गया

समाचार में क्यों?

Herpetologists ने हाल ही में राजस्थान के उत्तरी थार रेगिस्तान में Sistan sand boa (Eryx sistanensis) को देखे जाने की पहली पुष्टि की है। यह प्रजाति पहले केवल ईरान और पाकिस्तान में जानी जाती थी। नया रिकॉर्ड बताता है कि यह सांप हरियाणा और पंजाब में भी हो सकता है, जिससे संरक्षणवादियों की रुचि बढ़ी है।

पृष्ठभूमि

Sistan sand boa एक छोटा, बिल खोदने वाला सांप है जिसकी खोज 2020 में ईरान में हुई थी। यह Eryx जीनस से संबंधित है, जिसमें भारत में पाया जाने वाला common sand boa भी शामिल है। इस प्रजाति को ईरान और पाकिस्तान का स्थानिक माना जाता था, जब तक कि herpetologists विवेक शर्मा और धर्मेन्द्र खांडल (NGO Tiger Watch के) ने थार रेगिस्तान में रेत के टीलों के सर्वेक्षण के दौरान तीन जीवित सांपों को नहीं खोजा। उनके निष्कर्ष Journal of Threatened Taxa में प्रकाशित हुए, जिससे यह भारत का पहला आधिकारिक रिकॉर्ड बन गया।

प्रमुख विशेषताएं

  • आकारिकी (Morphology): यह boa छोटा और पतली पूंछ वाला होता है, और इसमें red sand boa (Eryx johnii) की तुलना में कम dorsal scale पंक्तियाँ होती हैं। इसका सिर शरीर से अलग नहीं होता है, जो इसे रेत में चलने में मदद करता है।
  • आवास: यह विरल वनस्पति वाले शुष्क, रेतीले क्षेत्रों को पसंद करता है। ये आवास सांप को बिल खोदने और छोटे कृन्तकों (rodents) व छिपकलियों जैसे शिकार पर घात लगाने की अनुमति देते हैं।
  • वितरण: पहले ईरान और पाकिस्तान से ज्ञात, अब यह प्रजाति भारत में दर्ज की गई है। यह समान शुष्क परिदृश्य वाले अन्य उत्तर-पश्चिमी राज्यों में हो सकती है।

महत्व

  • जैव विविधता रिकॉर्ड: यह खोज भारत के सरीसृप (reptile) जीवों में एक नई प्रजाति जोड़ती है और उन शुष्क पारिस्थितिक तंत्रों (ecosystems) के सर्वेक्षण के महत्व को उजागर करती है जिन्हें अक्सर अनदेखा कर दिया जाता है।
  • संरक्षण अंतर्दृष्टि: भारत में इस प्रजाति का पाया जाना इंगित करता है कि संरक्षण उपायों में रेगिस्तानी आवासों को शामिल किया जाना चाहिए, जिन्हें रेत खनन और अनियमित विकास से खतरों का सामना करना पड़ता है।
  • वैज्ञानिक मूल्य: common sand boa के साथ तुलनात्मक अध्ययन से पता चल सकता है कि प्रजातियाँ अलग-अलग वातावरण के अनुकूल कैसे होती हैं और विशिष्ट लक्षण कैसे विकसित करती हैं।

निष्कर्ष

Sistan sand boa का पहला भारतीय रिकॉर्ड इस बात को रेखांकित करता है कि रेगिस्तानों में अद्वितीय वन्यजीव होते हैं। इन नाजुक परिदृश्यों की रक्षा करने से वैज्ञानिकों को और अधिक प्रजातियों की खोज करने और उनकी पारिस्थितिक भूमिकाओं को समझने में मदद मिलेगी। उनके संरक्षण के लिए सामुदायिक जागरूकता और सहयोगात्मक अनुसंधान आवश्यक हैं。

स्रोत

MONG

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