विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी

SkyCast System: विमानन मौसम, सेंसर और दिल्ली IGI हवाई अड्डा

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समाचार में क्यों?

29 May 2026 को केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे, नई दिल्ली में देश की पहली SkyCast प्रणाली का उद्घाटन किया। एकीकृत मौसम-निगरानी सुविधा (integrated weather‑monitoring facility) का उद्देश्य पायलटों और हवाई यातायात प्रबंधकों (air traffic managers) को कोहरे, अशांति (turbulence) और अन्य वायुमंडलीय स्थितियों पर वास्तविक समय की जानकारी (real‑time information) देना है। दुनिया भर में ऐसी केवल 18 प्रणालियां मौजूद हैं; भारत 19वां बन गया है और जेवर और अन्य हवाई अड्डों पर इसी तरह की सुविधाएं स्थापित करने की योजना है।

पृष्ठभूमि

विमानन सुरक्षा (Aviation safety) सटीक और समय पर मौसम डेटा पर निर्भर करती है, खासकर दिल्ली जैसे कोहरे वाले शहरों में। SkyCast प्रणाली पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय द्वारा "Mission Mausam" के तहत विकसित की गई थी और 2015 से IGI हवाई अड्डे पर आयोजित Winter Fog Experiment (WiFEX) से प्राप्त ज्ञान पर आधारित है। WiFEX ने कोहरे के निर्माण, एयरोसोल-बादल इंटरैक्शन (aerosol‑cloud interactions) और दृश्यता में कमी (visibility reduction) का विश्लेषण किया। उस कार्यक्रम के पाठों ने SkyCast के डिजाइन को सूचित किया, जिससे हवाई अड्डों पर सीमा परत (boundary layer) और कोहरे की निरंतर निगरानी संभव हो गई।

यह कैसे काम करता है

  • एकीकृत सेंसर (Integrated sensors): SkyCast में सीमा-परत राडार विंड प्रोफाइलर (boundary‑layer Radar Wind Profiler), एक SODAR, एक माइक्रोवेव रेडियोमीटर (microwave radiometer), एक ग्राउंड-आधारित फॉग एयरोसोल स्पेक्ट्रोमीटर (ground‑based fog aerosol spectrometer) और एक Lidar-आधारित सीलोमीटर (Lidar‑based ceilometer) सहित कई उपकरण शामिल हैं। ये उपकरण हवाई अड्डे के ऊपर लगभग 3 किमी तक हवा की गति, दिशा, अशांति, आर्द्रता (humidity), तापमान और एयरोसोल गुणों को मापते हैं।
  • कोहरे और अशांति की निगरानी: प्रणाली कोहरे के निर्माण और विघटन (dissipation) के बारे में अलर्ट प्रदान करने के लिए कोहरे की बूंदों, एयरोसोल और लंबवत संरचना (vertical structure) का लगातार विश्लेषण करती है। यह पायलटों को सुरक्षित लैंडिंग समय तय करने और डायवर्जन और देरी को कम करने के लिए अल्पकालिक पूर्वानुमान (short‑term forecasts - लगभग तीन घंटे) प्रदान करता है।
  • वास्तविक समय डेटा एकीकरण (Real‑time data integration): हवा, अशांति और नमी के मापन को एक ही मंच में एकीकृत किया जाता है जो विमानन के लिए नाउकास्टिंग (nowcasting) का समर्थन करता है। डेटा व्यापक मौसम मॉडल (weather models) में भी फीड होगा, जिससे शहरों और आपदा प्रबंधन (disaster management) के लिए पूर्वानुमानों में सुधार होगा।
  • विस्तार योजनाएं: दिल्ली के बाद जेवर एयरपोर्ट पर SkyCast की सुविधा बनाई जा रही है। मंत्रालय अन्य हवाई अड्डों तक तकनीक का विस्तार करने और विमान-आधारित अवलोकनों को एकीकृत करने की योजना बना रहा है, जिससे भारत का विमानन क्षेत्र अधिक लचीला (resilient) हो जाएगा।

महत्व

SkyCast कोहरे-मुक्त और अशांति-जागरूक उड़ानों (turbulence‑aware flights) की दिशा में एक बड़ा कदम है। यात्री सर्दियों के दौरान कम देरी की उम्मीद कर सकते हैं, जबकि एयरलाइनों और पायलटों को शुरुआती चेतावनियों और बेहतर निर्णय समर्थन (decision support) से लाभ होगा। यह प्रणाली बेहतर शहरी मौसम पूर्वानुमान में भी योगदान देती है और नागरिकों के लिए मौसम सेवाओं को लोकतांत्रिक बनाने की भारत की महत्वाकांक्षा का समर्थन करती है।

निष्कर्ष

उन्नत रिमोट-सेंसिंग तकनीकों (advanced remote‑sensing technologies) को एकीकृत करके, SkyCast विमानन सुरक्षा और विश्वसनीयता को बढ़ाता है। हवाई अड्डों पर इसका विस्तार भारत के मौसम के बुनियादी ढांचे (weather infrastructure) को मजबूत करेगा, हवाई यात्रा के विकास का समर्थन करेगा और शोधकर्ताओं को प्रमुख शहरों के आसपास वायुमंडलीय प्रक्रियाओं (atmospheric processes) को समझने में मदद करेगा।

स्रोत

Press Information Bureau

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