सामाजिक

SSPE Disease: सबएक्यूट स्क्लेरोज़िंग पैनेन्सेफलाइटिस, खसरा और तंत्रिका संबंधी विकार

SSPE Disease: सबएक्यूट स्क्लेरोज़िंग पैनेन्सेफलाइटिस, खसरा और तंत्रिका संबंधी विकार

खबरों में क्यों?

बॉम्बे उच्च न्यायालय (Bombay High Court) ने हाल ही में खसरे (measles) से जुड़े एक दुर्लभ मस्तिष्क विकार (rare brain disorder) सबएक्यूट स्क्लेरोसिंग पैनेंसेफेलाइटिस (Subacute Sclerosing Panencephalitis - SSPE) वाले बच्चों के लिए सरकारी सहायता की मांग करने वाली एक याचिका (petition) पर सुनवाई की। राज्य ने अदालत को बताया कि उसने अभी तक कोई नीति (policy) तैयार नहीं की है, जो प्रभावित बच्चों की देखभाल करने वाले परिवारों के सामने आने वाली चुनौतियों को उजागर करता है।

पृष्ठभूमि

SSPE एक प्रगतिशील (progressive) और घातक मस्तिष्क रोग है जो खसरा वायरस (measles virus) के लगातार संक्रमण के कारण होता है। यह आमतौर पर एक व्यक्ति के खसरे से उबरने के वर्षों बाद विकसित होता है - अक्सर बचपन में - और एक असामान्य प्रतिरक्षा प्रतिक्रिया (abnormal immune response) के परिणामस्वरूप होता है जो उत्परिवर्तित वायरस (mutated viruses) को मस्तिष्क में रहने देता है। बहुत दुर्लभ होने के बावजूद, विकार लगभग हमेशा गंभीर स्नायविक गिरावट (severe neurological decline) और मृत्यु की ओर ले जाता है।

नैदानिक विशेषताएं (Clinical features)

  • प्रारंभिक चरण (Early stage): व्यवहार में बदलाव, चिड़चिड़ापन (irritability), स्कूल के प्रदर्शन में गिरावट और हल्की याददाश्त की समस्याएं (mild memory problems) खसरे के संक्रमण के 6-8 साल बाद दिखाई देती हैं।
  • प्रगतिशील चरण (Progressive stage): बीमारी बढ़ने पर अनैच्छिक झटके (involuntary jerking movements), मांसपेशियों में ऐंठन (muscle spasms), दौरे (seizures), दृष्टि संबंधी समस्याएं और मोटर कौशल (motor skills) में गिरावट विकसित होती है।
  • उन्नत चरण (Advanced stage): मरीज बिस्तर पर पड़ जाते हैं (bedridden), बोलने या निगलने की क्षमता खो देते हैं, और वनस्पति अवस्था (vegetative state) में गिर सकते हैं। अंधापन (Blindness), कोमा और बार-बार होने वाले संक्रमण आम हैं।
  • पूर्वानुमान (Prognosis): इसका कोई इलाज नहीं है; लक्षण शुरू होने के एक से तीन साल के भीतर अधिकांश मरीज दम तोड़ देते हैं। एंटीवायरल ड्रग्स (antiviral drugs) और एंटीकॉन्वल्सेंट्स (anticonvulsants) जैसे उपचार सीमित राहत प्रदान करते हैं और मुख्य रूप से लक्षणों का प्रबंधन करते हैं।

रोकथाम और महत्व

  • खसरे का टीकाकरण (Measles vaccination): SSPE को रोकने का एकमात्र प्रभावी तरीका खसरे के संक्रमण से बचना है। बच्चों की सुरक्षा के लिए खसरे के टीके (measles vaccine) की दो खुराकों (two doses) के साथ उच्च कवरेज आवश्यक है।
  • सार्वजनिक स्वास्थ्य उपाय: समय पर टीकाकरण के बारे में जागरूकता बढ़ाना, वैक्सीन कवरेज की निगरानी करना और वैक्सीन हिचकिचाहट (vaccine hesitancy) को दूर करने से प्रकोप के जोखिम को कम किया जा सकता है।
  • परिवारों के लिए सहायता: SSPE रोगियों की देखभाल करने वाले परिवारों को जीवन की गुणवत्ता में सुधार के लिए वित्तीय सहायता (financial assistance), परामर्श और चिकित्सा उपकरणों (medical equipment) तक पहुंच की आवश्यकता होती है।

स्रोत: Hindustan Times

Continue reading on the App

Save this article, highlight key points, and take quizzes.

App Store Google Play
Home Current Affairs 📰 Daily News 📊 Economic Survey 2025-26 Subjects 📚 All Subjects ⚖️ Indian Polity 💹 Economy 🌍 Geography 🌿 Environment 📜 History Exam Info 📋 Syllabus 2026 📝 Prelims Syllabus ✍️ Mains Syllabus ✅ Eligibility Resources 📖 Booklist 📊 Exam Pattern 📄 Previous Year Papers ▶️ YouTube Channel
Web App