Environment

Stockholm Water Prize 2026: कावेह मदानी, जल प्रशासन और SIWI

Stockholm Water Prize 2026: कावेह मदानी, जल प्रशासन और SIWI

खबरों में क्यों?

स्टॉकहोम इंटरनेशनल वॉटर इंस्टीट्यूट (Stockholm International Water Institute) ने घोषणा की कि संयुक्त राष्ट्र विश्वविद्यालय के जल, पर्यावरण और स्वास्थ्य संस्थान (UNU-INWEH) के निदेशक प्रोफेसर कावेह मदानी (Professor Kaveh Madani) को 2026 स्टॉकहोम जल पुरस्कार (Stockholm Water Prize) मिलेगा। अगस्त 2026 में विश्व जल सप्ताह (World Water Week) के दौरान स्वीडन के राजा द्वारा उन्हें सम्मानित किया जाएगा।

पृष्ठभूमि

1991 में स्थापित स्टॉकहोम जल पुरस्कार को दुनिया का सबसे प्रतिष्ठित जल पुरस्कार (prestigious water award) माना जाता है। यह उन व्यक्तियों और संगठनों को सम्मानित करता है जिन्होंने टिकाऊ जल प्रबंधन (sustainable water management), अनुसंधान और शासन (governance) में उत्कृष्ट योगदान दिया है। विजेताओं को स्टॉकहोम सिटी हॉल (Stockholm City Hall) में एक समारोह के दौरान 1 मिलियन स्वीडिश क्रोना (Swedish krona) का नकद पुरस्कार और एक क्रिस्टल मूर्तिकला (crystal sculpture) मिलती है।

2026 के विजेता के बारे में

  • व्यावसायिक भूमिका (Professional role): कावेह मदानी UNU-INWEH के निदेशक हैं और पहले इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट फॉर एप्लाइड सिस्टम्स एनालिसिस (International Institute for Applied Systems Analysis) के उपाध्यक्ष के रूप में काम कर चुके हैं। उन्हें जल प्रबंधन में विज्ञान, नीति (policy) और कूटनीति (diplomacy) को एकीकृत करने के लिए जाना जाता है।
  • योगदान: मदानी के शोध ने बुनियादी ढांचा-केंद्रित जल विकास (infrastructure-centric water development) से शासन की ओर ध्यान केंद्रित किया। उन्होंने सीमा पार (transboundary) जल संघर्षों की समझ को उन्नत किया और जल विज्ञान, अर्थशास्त्र और राजनीति को जोड़ने वाले सिस्टम मॉडल विकसित किए।
  • सार्वजनिक जुड़ाव (Public engagement): उन्हें विज्ञान संचार (science communication) के माध्यम से जनता को शामिल करने और पर्यावरणीय, आर्थिक और सामाजिक आयामों पर विचार करने वाली साक्ष्य-आधारित नीतियों (evidence-based policies) की वकालत करने के लिए मान्यता प्राप्त है।

पुरस्कार का महत्व

  • पुरस्कार जल शासन (water governance) के महत्व पर वैश्विक ध्यान आकर्षित करता है और दुर्लभ जल संसाधनों (scarce water resources) के प्रबंधन में नवाचार (innovation) को प्रोत्साहित करता है।
  • विविध पृष्ठभूमि के शोधकर्ताओं का सम्मान करके, यह वैज्ञानिकों, नीति निर्माताओं (policymakers) और समुदायों के बीच सहयोग को बढ़ावा देता है।

स्रोत: DTE

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