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स्वामित्व योजना: संपत्ति कार्ड, ग्रामीण भूमि

स्वामित्व योजना: संपत्ति कार्ड, ग्रामीण भूमि

समाचार में क्यों?

SVAMITVA (Survey of Villages and Mapping with Improvised Technology in Village Areas) योजना ने प्रमुख मील के पत्थर हासिल किए हैं। सरकार ने बताया कि लाखों ग्रामीण परिवारों को संपत्ति कार्ड (property cards) प्राप्त हुए हैं, और ड्रोन सर्वेक्षणों (drone surveys) ने अधिकांश भारतीय गांवों को कवर किया है।

पृष्ठभूमि

24 अप्रैल 2020 को राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस (National Panchayati Raj Day) पर शुरू की गई, SVAMITVA एक केंद्रीय क्षेत्र की योजना (Central Sector scheme) है जिसका उद्देश्य ग्रामीण संपत्ति मालिकों को उनकी आवासीय भूमि (आबादी भूमि) का कानूनी रिकॉर्ड देना है। यह गांवों में घरों और सामुदायिक संपत्तियों (community assets) का नक्शा बनाने के लिए उच्च-रिज़ॉल्यूशन ड्रोन सर्वेक्षण और भौगोलिक सूचना प्रणाली (Geographic Information System - GIS) तकनीक का उपयोग करता है। भारतीय सर्वेक्षण विभाग (Survey of India) तकनीकी भागीदार है, जबकि पंचायती राज मंत्रालय राज्य सरकारों के सहयोग से योजना को लागू करता है।

यह योजना ग्रामीणों को एक डिजिटल संपत्ति कार्ड (digital property card) प्रदान करके सशक्त बनाती है जो अधिकारों के रिकॉर्ड (Record of Rights) के रूप में कार्य करता है। धारक इसका उपयोग ऋण के लिए संपार्श्विक (collateral) के रूप में कर सकते हैं, सीमा विवादों को हल कर सकते हैं और कल्याणकारी योजनाओं (welfare schemes) तक पहुंच सकते हैं। मैपिंग सड़कों, जल निकासी (drainage) और अन्य बुनियादी ढांचे की बेहतर योजना बनाने में भी सहायता करती है।

कार्यान्वयन और प्रगति

  • ड्रोन मैपिंग (Drone mapping): जियोरेफ़रेंस्ड छवियों (georeferenced images) को कैप्चर करने के लिए सर्वेक्षण-ग्रेड ड्रोन गाँव की बस्तियों के ऊपर उड़ान भरते हैं। एक सतत संचालन संदर्भ स्टेशन (Continuously Operating Reference Station - CORS) नेटवर्क सटीक निर्देशांक (accurate coordinates) प्रदान करता है। ऑर्थोमोसेक मानचित्र (orthomosaic maps) और संपत्ति सीमाएं (property boundaries) बनाने के लिए इन छवियों को संसाधित किया जाता है।
  • संपत्ति कार्ड (Property cards): जमीनी सत्यापन (ground verification) और सामुदायिक भागीदारी के बाद, प्रत्येक परिवार को डिजिटल रूप से हस्ताक्षरित (digitally signed) संपत्ति कार्ड प्राप्त होता है। 2025 की शुरुआत तक, 50,000 से अधिक गांवों में 65 लाख से अधिक कार्ड वितरित किए जा चुके थे।
  • कवरेज (Coverage): अधिकांश राज्य और केंद्र शासित प्रदेश इस योजना में शामिल हो गए हैं। ड्रोन सर्वेक्षणों ने भारत के 6.62 लाख गांवों में से लगभग 92% को कवर किया है, और जारी करने के लिए दो करोड़ से अधिक संपत्ति कार्ड तैयार किए गए हैं।
  • लाभ: संपत्ति कार्ड ग्रामीणों को बैंक ऋण सुरक्षित करने, विवादों को कम करने और सटीक संपत्ति कराधान (property taxation) को सक्षम करने में मदद करते हैं। पंचायतों को योजना बनाने के लिए विस्तृत नक्शे मिलते हैं, और लैंगिक समानता (gender equality) को बढ़ावा देने के लिए कार्ड पर महिलाओं के नाम शामिल किए जाते हैं।

चुनौतियाँ और आगे का रास्ता

ग्रामीणों को योजना के लाभों और प्रक्रियाओं को समझाने के लिए जागरूकता अभियानों की आवश्यकता है। राज्यों को भूमि कानूनों (land laws) को अपडेट करना चाहिए और यह सुनिश्चित करना चाहिए कि लेनदेन के लिए संपत्ति कार्ड मान्यता प्राप्त हैं। राष्ट्रव्यापी CORS नेटवर्क बनाना और स्थानीय सर्वेक्षण टीमों (survey teams) को प्रशिक्षित करना जारी कार्य हैं। कुल मिलाकर, इस योजना से ग्रामीण भूमि शासन (rural land governance) को बदलने और आर्थिक अवसरों को बढ़ाने की उम्मीद है।

स्रोत: Tribune India

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