चर्चा में क्यों?
शोधकर्ताओं ने मई 2026 में ट्रैचिस्कियम लालरेमसंगई (Trachischium lalremsangai) नामक एक नई फोसोरियल (fossorial - बिल बनाने वाली) सांप प्रजाति का वर्णन किया। होलोटाइप मिजोरम के मुर्लेन राष्ट्रीय उद्यान (Murlen National Park) में एकत्र किया गया था, और कैलिफोर्निया एकेडमी ऑफ साइंसेज के संग्रह में एक और नमूना खोजा गया था। इस प्रजाति का नाम प्रो. एच.टी. लालरेमसंगा (Prof. H.T. Lalremsanga) के सम्मान में रखा गया है, जो एक हर्पेटोलॉजिस्ट (herpetologist) हैं और जिन्होंने पूर्वोत्तर भारत में कई शोधकर्ताओं का मार्गदर्शन किया है।
पृष्ठभूमि
ट्रैचिस्कियम (Trachischium) जीनस, जिसे आमतौर पर पतले कीड़े वाले सांप (slender worm snakes) या लेस सांप (lace snakes) कहा जाता है, में पूर्वी हिमालय में पाए जाने वाले छोटे, बिल बनाने वाले सरीसृप (burrowing reptiles) शामिल हैं। वे पत्तों के कूड़े (leaf litter) के नीचे रहते हैं और शायद ही कभी देखे जाते हैं। अब तक छह मान्यता प्राप्त प्रजातियाँ थीं; नई प्रजाति इस मायावी समूह (elusive group) के हमारे ज्ञान को बढ़ाती है।
विशिष्ट विशेषताएं (Distinctive features)
- रंग-रूप (Appearance): T. lalremsangai का पिछला हिस्सा भूरे रंग का और चमकदार होता है और नीचे का हिस्सा सफेद-धब्बेदार (white-speckled) होता है। इसमें प्रमुख धारियों का अभाव होता है, जो इसे नम जंगल की मिट्टी के साथ घुलने-मिलने में मदद करता है।
- स्केल व्यवस्था (Scale arrangement): सांप के मध्य शरीर पर 13 चिकने पृष्ठीय स्केल (dorsal scales), दो पोस्ट-ओकुलर स्केल (post-ocular scales), एक पूर्वकाल टेम्पोरल स्केल (anterior temporal scale) और दो पश्च टेम्पोरल (posterior temporals) होते हैं। ये विशेषताएं इसे T. reticulata जैसी निकट संबंधी प्रजातियों से अलग करती हैं।
- आकार (Size): होलोटाइप की कुल लंबाई लगभग 35 सेंटीमीटर है और इसमें बिल बनाने के लिए अनुकूलित (adapted for burrowing) एक संकीर्ण सिर है।
- DNA विश्लेषण: आनुवंशिक अनुक्रमण (Genetic sequencing) ने पुष्टि की कि नमूने Trachischium वंश के भीतर एक अलग प्रजाति का प्रतिनिधित्व करते हैं।
आवास और संरक्षण (Habitat and conservation)
- यह प्रजाति भारत-म्यांमार सीमा के पास लगभग 1,900 मीटर की ऊंचाई पर समशीतोष्ण सदाबहार जंगल (temperate evergreen forest) में पाई गई थी। इसकी फोसोरियल जीवन शैली (fossorial lifestyle) बताती है कि यह नम मिट्टी और प्रचुर मात्रा में पत्तों के कूड़े पर निर्भर करता है।
- वैज्ञानिकों का ध्यान है कि जिस क्षेत्र में होलोटाइप एकत्र किया गया था, वह मानवीय गतिविधियों के कारण आवास विखंडन (habitat fragmentation) का सामना कर रहा है। सांप के जीवित रहने के लिए वन तल के सूक्ष्म आवासों (forest floor microhabitats) की रक्षा करना महत्वपूर्ण होगा।
- चूँकि बिल बनाने वाले सांप बहुत कम देखे जाते हैं, पूर्वोत्तर हिमालय और म्यांमार के आस-पास के हिस्सों में आगे के सर्वेक्षण अतिरिक्त अनदेखे प्रजातियों को प्रकट कर सकते हैं।
निष्कर्ष
Trachischium lalremsangai की खोज मिजोरम के उच्च-ऊंचाई वाले वनों की जैव विविधता की समृद्धि (biodiversity richness) को रेखांकित करती है। प्रो. लालरेमसंगा के नाम पर इस प्रजाति का नामकरण हर्पेटोलॉजी (herpetology) में उनके योगदान का सम्मान करता है और नए वन्यजीवों को उजागर करने में स्थानीय विशेषज्ञता के महत्व पर प्रकाश डालता है।