खबरों में क्यों?
21 मई 2026 को विज्ञान और प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री, डॉ. जितेंद्र सिंह ने उम्मीद (UMMID) (Unique Methods of Management of Inherited Disorders) कार्यक्रम को औपचारिक रूप से समर्पित किया। उन्होंने जीनोमिक चिकित्सा (genomic medicine) में प्रगति पर प्रकाश डाला और भारत भर में दुर्लभ आनुवंशिक विकारों (rare genetic disorders) वाले सैकड़ों हजारों रोगियों को लाभान्वित करने के लिए पहल की प्रशंसा की।
पृष्ठभूमि
उम्मीद (UMMID) विरासत में मिली आनुवंशिक बीमारियों (inherited genetic diseases) को संबोधित करने के लिए जैव प्रौद्योगिकी विभाग (Department of Biotechnology) द्वारा 2019 में शुरू की गई एक राष्ट्रीय पहल है। भारत में दुर्लभ विकारों का भारी बोझ है, जिनमें से कई का निदान नहीं हो पाता है या जागरूकता और संसाधनों की कमी के कारण कुप्रबंधन (mismanaged) होता है। कार्यक्रम सस्ती देखभाल (affordable care) प्रदान करने के लिए आनुवंशिक निदान (genetic diagnostics), प्रसवपूर्व जांच (prenatal screening), परामर्श (counselling), चिकित्सक प्रशिक्षण (clinician training) और सामुदायिक आउटरीच (community outreach) को एकीकृत करता है।
उपलब्धियां
- लाभार्थी (Beneficiaries): अधिकारियों की रिपोर्ट है कि लगभग तीन लाख व्यक्तियों ने उम्मीद (UMMID) नेटवर्क के माध्यम से आनुवंशिक परीक्षण, परामर्श या उपचार प्राप्त किया है।
- निदान केंद्र (NIDAN Kendras): सरकारी मेडिकल कॉलेजों में लगभग 30 राष्ट्रीय विरासत में मिली बीमारियां प्रशासन (National Inherited Diseases Administration - NIDAN) केंद्र स्थापित किए गए हैं। ये केंद्र निदान (diagnostics), वाहक परीक्षण (carrier testing) और प्रसव पूर्व सेवाएं (prenatal services) प्रदान करते हैं।
- क्षमता निर्माण (Capacity building): चिकित्सकों, नर्सों और आनुवंशिक परामर्शदाताओं (genetic counsellors) को आनुवंशिक परीक्षणों की व्याख्या (interpretation) और विरासत में मिले विकारों के प्रबंधन में प्रशिक्षित किया जाता है। आउटरीच कार्यक्रम समुदायों को सजातीयता (consanguinity) और रोकथाम (prevention) के बारे में शिक्षित करते हैं।
- प्रौद्योगिकी एकीकरण (Technology integration): कार्यक्रम नियमित देखभाल में जीनोम अनुक्रमण (genome sequencing) और जैव सूचना विज्ञान (bioinformatics) को शामिल करके भारत में सटीक चिकित्सा (precision medicine) की नींव रख रहा है। यह नवजात स्क्रीनिंग (newborn screening) और राष्ट्रीय आनुवंशिक डेटा रिपॉजिटरी (national genetic data repositories) स्थापित करने के प्रयासों के साथ संरेखित है।
यह क्यों मायने रखता है
- शीघ्र निदान (Early diagnosis) और परामर्श (counselling) शिशु मृत्यु दर (infant mortality) और विरासत में मिले विकारों से जुड़ी दीर्घकालिक विकलांगता (long-term disability) को कम करते हैं।
- सुलभ आनुवंशिक सेवाएं (Accessible genetic services) शहरी और ग्रामीण आबादी के बीच असमानताओं को दूर करने और प्रजनन स्वास्थ्य (reproductive health) जागरूकता को बढ़ावा देने में मदद करती हैं।
- स्वदेशी आनुवंशिक परीक्षण क्षमताओं (indigenous genetic testing capabilities) को विकसित करने से आयातित किट (imported kits) पर निर्भरता कम होती है और जैव प्रौद्योगिकी (biotechnology) में नवाचार को बढ़ावा मिलता है।
निष्कर्ष
उम्मीद (UMMID) कार्यक्रम प्रदर्शित करता है कि कैसे सरकार के नेतृत्व वाली पहल (government-led initiatives) अत्याधुनिक विज्ञान (cutting-edge science) को सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवा में ला सकती है। NIDAN केंद्रों का विस्तार करके, चिकित्सकों को प्रशिक्षित करके और जागरूकता बढ़ाकर, भारत का लक्ष्य दुर्लभ आनुवंशिक विकारों के निदान और प्रबंधन के लिए एक मजबूत प्रणाली (robust system) का निर्माण करना है, यह सुनिश्चित करना कि सटीक चिकित्सा (precision medicine) सामाजिक-आर्थिक पृष्ठभूमि के नागरिकों को लाभान्वित करे।