चर्चा में क्यों? भारत सरकार ने घोषणा की कि महिला और बाल विकास राज्य मंत्री सावित्री ठाकुर के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल न्यूयॉर्क में महिलाओं की स्थिति पर संयुक्त राष्ट्र आयोग (United Nations Commission on the Status of Women - CSW) के 70वें सत्र में भाग लेगा। यह सत्र 9 से 19 मार्च 2026 तक चलेगा और महिलाओं और लड़कियों के लिए न्याय तक पहुंच सुनिश्चित करने पर केंद्रित है।
पृष्ठभूमि
महिलाओं की स्थिति पर आयोग संयुक्त राष्ट्र आर्थिक और सामाजिक परिषद (United Nations Economic and Social Council) का एक कार्यात्मक आयोग (functional commission) है। 1946 में स्थापित, यह लैंगिक समानता (gender equality) और महिलाओं के सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के लिए समर्पित प्रमुख वैश्विक निकाय है। हर साल, सदस्य राज्य प्रगति की समीक्षा करते हैं, अच्छी प्रथाओं को साझा करते हैं और महिलाओं के अधिकारों को आगे बढ़ाने के लिए कार्यों पर सहमत होते हैं।
CSW-70 की मुख्य विशेषताएं
- 70वें सत्र का प्राथमिकता विषय है "सभी महिलाओं और लड़कियों के लिए न्याय तक पहुंच प्राप्त करना, और भेदभावपूर्ण कानूनों और प्रथाओं को समाप्त करना।" इसमें कानूनी सुधारों, समावेशी न्यायिक प्रणालियों (inclusive judicial systems) और लिंग-आधारित हिंसा से बचे लोगों के लिए समर्थन पर चर्चा शामिल है।
- भारत का प्रतिनिधिमंडल बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ, मिशन शक्ति और तस्करी के खिलाफ हाल ही में बनाए गए कानूनों जैसी राष्ट्रीय पहलों को प्रदर्शित करेगा। यह महिलाओं के लिए डिजिटल समावेशन कार्यक्रमों (digital inclusion programmes) को भी उजागर करेगा।
- IBSA फंड (भारत-ब्राजील-दक्षिण अफ्रीका) द्वारा आयोजित एक साइड इवेंट प्रदर्शित करेगा कि कैसे दक्षिण-दक्षिण सहयोग (South-South cooperation) लैंगिक असमानता को संबोधित कर सकता है और लचीले समुदायों का समर्थन कर सकता है।
- प्रतिनिधि सहमत निष्कर्षों (Agreed Conclusions) को अंतिम रूप देने के लिए वार्ता में भाग लेंगे, जिसमें सरकारों और अंतरराष्ट्रीय संगठनों के लिए सिफारिशें शामिल हैं।
भारत की भागीदारी वैश्विक लैंगिक समानता के प्रति उसकी प्रतिबद्धता को रेखांकित करती है। CSW मंच देशों को महिलाओं पर प्रौद्योगिकी-सुविधा वाली हिंसा और जलवायु परिवर्तन के प्रभावों जैसी उभरती चुनौतियों पर सहयोग करने की भी अनुमति देता है।
स्रोत: Press Information Bureau release on CSW 70 participation