अर्थव्यवस्था

UNCTAD Report: विकासशील देश, उधारी लागत और ऋण

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चर्चा में क्यों?

व्यापार और विकास पर संयुक्त राष्ट्र सम्मेलन (United Nations Conference on Trade and Development - UNCTAD) के एक नए विश्लेषण से पता चलता है कि बढ़ती उधारी लागत कई निम्न और मध्यम आय वाले देशों में विकास बजट को कम कर रही है। रिपोर्ट का अनुमान है कि यदि 94 विकासशील देश उन्नत अर्थव्यवस्थाओं के समान ब्याज दरों पर उधार ले सकें, तो वे सामूहिक रूप से हर साल लगभग 500 बिलियन डॉलर बचाएंगे। इन बचतों से स्कूलों, क्लीनिकों और नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं (renewable energy projects) को वित्तपोषित किया जा सकता है。

पृष्ठभूमि

विकासशील देश अक्सर मजबूत क्रेडिट रेटिंग (credit ratings) वाले देशों की तुलना में सॉवरेन बॉन्ड (sovereign bonds) पर बहुत अधिक ब्याज दर का भुगतान करते हैं। कोविड-19 महामारी और उसके बाद के आर्थिक झटके के दौरान, ब्याज दरों और बॉन्ड यील्ड (bond yields) में तेजी से वृद्धि हुई। परिणामस्वरूप, ऋण चुकाने (debt servicing) में अब सरकारी बजट का एक बड़ा हिस्सा खर्च हो जाता है, जिससे सामाजिक कार्यक्रमों और बुनियादी ढांचे के लिए कम पैसा बचता है। अंकटाड ने अपने 'वर्ल्ड ऑफ डेट' (World of Debt) डैशबोर्ड और नीति संक्षेप (policy briefs) में इस "ऋण जाल" (debt trap) की ओर ध्यान आकर्षित किया है。

मुख्य निष्कर्ष

  • संभावित बचत: विकसित देशों के समान दरों पर उधार लेने से विकासशील देशों के लिए सालाना लगभग 500 बिलियन डॉलर मुक्त हो सकते हैं। अंकटाड ने नोट किया कि इस तरह के फंड से हर साल लाखों स्कूलों, स्वास्थ्य केंद्रों और बड़ी सौर परियोजनाओं को वित्तपोषित किया जा सकता है।
  • सुधारों का आह्वान: अंकटाड ने वित्तपोषण लागत को कम करने के लिए राष्ट्रीय और वैश्विक दोनों सुधारों का आग्रह किया है। राष्ट्रीय स्तर पर, देशों को ऋण प्रबंधन को मजबूत करना चाहिए, मैक्रो फ्रेमवर्क (macro frameworks) में सुधार करना चाहिए और घरेलू संसाधन जुटाना (domestic resource mobilisation) बढ़ाना चाहिए। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर, बहुपक्षीय विकास बैंकों (multilateral development banks) को किफायती ऋण का विस्तार करने की आवश्यकता है, ऋण पुनर्गठन तंत्र (debt restructuring mechanisms) में सुधार किया जाना चाहिए और न्यायसंगत उधारी का समर्थन करने के लिए वैश्विक वित्तीय वास्तुकला (global financial architecture) में सुधार किया जाना चाहिए।
  • विकास पर प्रभाव: अंकटाड ने जोर देकर कहा कि उच्च ऋण लागत के कारण सतत विकास लक्ष्यों (Sustainable Development Goals) को प्राप्त करना कठिन हो जाता है। ब्याज दरों को कम करने से देशों को मानव पूंजी (human capital), जलवायु-अनुकूल बुनियादी ढांचे (climate-resilient infrastructure) और औद्योगिक विकास में निवेश करने में मदद मिलेगी।

निष्कर्ष

अंकटाड का विश्लेषण वैश्विक वित्त में एक स्पष्ट असमानता को उजागर करता है। जब तक उधारी लागत कम नहीं होती, कई विकासशील देश आवश्यक सेवाओं को वित्तपोषित करने के लिए संघर्ष करेंगे। ऋण के बोझ को कम करने और विकास के लिए संसाधनों को अनलॉक करने के लिए लेनदारों (creditors), बहुपक्षीय संस्थानों और देनदार देशों (debtor nations) द्वारा समन्वित प्रयासों की आवश्यकता है。

स्रोत: DTE
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