चर्चा में क्यों?
3 जून 2026 को नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया की (National Payments Corporation of India) अंतरराष्ट्रीय शाखा (NIPL) और कंबोडिया (Cambodia) के ACLEDA बैंक ने कंबोडिया में यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (Unified Payments Interface - UPI) की स्वीकृति शुरू की। सीमा पार क्यूआर लिंकेज (cross-border QR linkage) का पहला चरण भारतीय यात्रियों को अपने यूपीआई (UPI) ऐप का उपयोग करके 4.5 मिलियन से अधिक कंबोडियाई व्यापारी आउटलेट (merchant outlets) पर भुगतान करने की अनुमति देता है।
पृष्ठभूमि
UPI नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) द्वारा विकसित एक त्वरित रीयल-टाइम (instant real-time) भुगतान प्रणाली है। यह क्यूआर कोड (QR code) को स्कैन करके या वर्चुअल भुगतान पता दर्ज करके मोबाइल फोन के माध्यम से पीयर-टू-पीयर (peer-to-peer) और व्यापारी भुगतान को सक्षम बनाता है। भारत में लोकप्रियता हासिल करने के बाद, UPI का विस्तार सिंगापुर (Singapore), संयुक्त अरब अमीरात (United Arab Emirates), फ्रांस (France), मॉरीशस (Mauritius), नेपाल (Nepal), भूटान (Bhutan), कतर (Qatar) और श्रीलंका (Sri Lanka) तक किया गया है। कंबोडिया द्वारा अपनाने के साथ, UPI स्वीकार करने वाले देशों की संख्या नौ हो गई है।
कंबोडिया लिंकेज बाकोंग केएचक्यूआर (Bakong KHQR) प्रणाली का उपयोग करता है, जो देश का राष्ट्रीय क्यूआर कोड है। भारतीय यात्री इन कोडों को दुकानों, रेस्तरां और पर्यटक आकर्षणों (tourist attractions) पर स्कैन करके सीधे अपने बैंक खातों से भुगतान कर सकते हैं। अगले चरण में, भारत आने वाले कंबोडियाई नागरिक यूपीआई क्यूआर कोड को स्कैन करके भुगतान करने के लिए अपने घरेलू ऐप का उपयोग कर सकेंगे, जिससे दो-तरफ़ा (two-way) इंटरऑपरेबल पेमेंट कॉरिडोर (interoperable payment corridor) तैयार होगा।
UPI-कंबोडिया साझेदारी के लाभ
- यात्रियों के लिए सुविधा: पर्यटकों (Tourists) को अब बड़ी मात्रा में नकद ले जाने या मुद्रा (currency) बदलने की आवश्यकता नहीं है। भुगतान परिचित यूपीआई ऐप के जरिए रुपयों में तुरंत निपटाए (settled) जाते हैं।
- पर्यटन और व्यापार को बढ़ावा: कंबोडियाई व्यापारियों (merchants) को लाखों भारतीय उपभोक्ताओं तक पहुंच प्राप्त होती है। निर्बाध भुगतान (Seamless payments) दोनों देशों के बीच अधिक यात्रा, खरीदारी और सांस्कृतिक आदान-प्रदान (cultural exchanges) को प्रोत्साहित करता है।
- वित्तीय समावेशन (Financial inclusion): स्थानीय व्यवसायों को डिजिटल भुगतान, बेहतर नकद प्रबंधन और भौतिक मुद्रा पर निर्भरता कम होने से लाभ होता है। यह साझेदारी कंबोडिया के अपने डिजिटलीकरण लक्ष्यों (digitalisation goals) का समर्थन करती है।
- वैश्विक मान्यता (Global recognition): UPI का तेजी से विस्तार कम लागत वाले, इंटरऑपरेबल (interoperable) भुगतान में भारत के नेतृत्व को रेखांकित करता है। यह सस्ते और तेज़ सीमा-पार लेन-देन (cross-border transactions) के लिए G20 रोडमैप (roadmap) के अनुरूप है।
निष्कर्ष
UPI-KHQR लिंकेज भारत की डिजिटल कूटनीति (digital diplomacy) में एक नया अध्याय है। एक विश्वसनीय भुगतान प्रणाली (trusted payment system) का विदेशों में विस्तार करके, भारत विदेशों में अपने नागरिकों का समर्थन करता है और आर्थिक संबंधों (economic ties) को मजबूत करता है। जैसे-जैसे अधिक देश यूपीआई को अपनाएंगे, सीमा पार भुगतान घरेलू लेनदेन (domestic transactions) की तरह ही निर्बाध (seamless) हो सकता है, जिससे यात्रियों और व्यवसायों दोनों को समान रूप से लाभ होगा।