कला और संस्कृति

Vishwa Sutra Initiative: भारतीय हथकरघा, कपड़ा मंत्रालय और NIFT

Vishwa Sutra Initiative: भारतीय हथकरघा, कपड़ा मंत्रालय और NIFT

समाचार में क्यों?

भुवनेश्वर में आयोजित 61वें फेमिना मिस इंडिया (Femina Miss India) पेजेंट में केंद्रीय कपड़ा मंत्रालय ने विश्व सूत्र (Vishwa Sutra) पहल का अनावरण किया। इस कार्यक्रम, जिसके नाम का अर्थ "दुनिया के धागे" है, को विकास आयुक्त (हथकरघा) के कार्यालय और राष्ट्रीय फैशन प्रौद्योगिकी संस्थान (National Institute of Fashion Technology - NIFT) द्वारा विकसित किया गया था। इसका उद्देश्य भारतीय हथकरघा (handloom) वस्त्रों को वैश्विक संस्कृतियों से प्रेरित समकालीन डिजाइनों में प्रस्तुत करना है।

पृष्ठभूमि

भारत का हथकरघा (handloom) क्षेत्र दुनिया के सबसे बड़े क्षेत्रों में से एक है, जिसमें 3 मिलियन से अधिक बुनकर और संबद्ध श्रमिक कार्यरत हैं। हाथ से बुने हुए कपड़े जैसे बनारसी रेशम (Banarasi silk), पोचमपल्ली इकत (Pochampally ikat), कांचीपुरम रेशम (Kanchipuram silk) और तंगेल सूती (Tangail cotton) सदियों पुरानी परंपराओं का प्रतिनिधित्व करते हैं। हालांकि, फैशन के रुझान में बदलाव और सीमित मार्केटिंग के कारण कारीगरों को अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंचने में संघर्ष करना पड़ता है। सरकार का 5F फॉर्मूला - फार्म (Farm) → फाइबर (Fibre) → फैक्ट्री (Factory) → फैशन (Fashion) → विदेशी (Foreign) - किसानों, स्पिनरों, बुनकरों और डिजाइनरों को जोड़ने का प्रयास करता है ताकि ग्रामीण शिल्प वैश्विक खरीदार पा सकें।

विश्व सूत्र (Vishwa Sutra) क्या है?

  • 30 राज्य की बुनाई, 30 विश्व प्रेरणाएँ: यह पहल पूरे भारत से 30 अलग-अलग हथकरघा (handloom) बुनाई परंपराओं को प्रदर्शित करती है। प्रत्येक को रचनात्मक रूप से एक अलग देश के डिजाइन तत्वों के साथ जोड़ा गया है। उदाहरण के लिए, एक पैठनी (Paithani) साड़ी में जापानी ओरिगामी (Japanese origami) से प्रभावित रूपांकनों को शामिल किया जा सकता है, जबकि एक नागालैंड शॉल (Nagaland shawl) नॉर्वेजियन पैटर्न (Norwegian patterns) को शामिल कर सकता है।
  • समकालीन पुनर्व्याख्या: NIFT और भागीदार फैशन हाउस के डिजाइनरों ने वैश्विक रनवे (runways) और हाई-स्ट्रीट स्टोर्स के लिए उपयुक्त आधुनिक सिल्हूट (silhouettes) में पारंपरिक बुनाई की फिर से कल्पना की है।
  • कारीगरों के लिए मंच: यह कार्यक्रम मास्टर बुनकरों के काम पर प्रकाश डालता है और डिजाइनरों के साथ सहयोग को प्रोत्साहित करता है। प्रत्येक बुनाई की कहानी और इसकी अंतर्राष्ट्रीय प्रेरणा को बताकर, इसका उद्देश्य कारीगरों के लिए आकांक्षी मूल्य और बेहतर आय बनाना है।

यह क्यों मायने रखता है?

  • 'वोकल फॉर लोकल' वैश्विक हो गया: विश्व सूत्र (Vishwa Sutra) "वोकल फॉर लोकल टू ग्लोबल" के नारे का प्रतीक है, जो देश और विदेश में उपभोक्ताओं को भारतीय शिल्प को महत्व देने के लिए प्रोत्साहित करता है। निर्यात-तैयार डिजाइन हथकरघा (handloom) क्षेत्र को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने में मदद कर सकते हैं।
  • सांस्कृतिक कूटनीति: भारतीय वस्त्रों को अन्य देशों के रूपांकनों के साथ मिलाकर, यह पहल क्रॉस-सांस्कृतिक प्रशंसा और सॉफ्ट पावर (soft power) को बढ़ावा देती है।
  • आर्थिक सशक्तिकरण: हथकरघा (handloom) उत्पादों की अधिक मांग बुनकरों के लिए निरंतर काम और उचित मूल्य प्रदान कर सकती है, जिनमें से कई महिलाएं और हाशिए के समुदायों के सदस्य हैं।

स्रोत: News On Air

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