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Volcanic Tephra: राख, विस्फोट और भूवैज्ञानिक खतरे

Volcanic Tephra: राख, विस्फोट और भूवैज्ञानिक खतरे

खबरों में क्यों?

हाल के महीनों में ज्वालामुखी विस्फोटों (Volcanic eruptions) ने समाचार रिपोर्टों में टेफ्रा (tephra) शब्द को ला दिया है। लोग अक्सर राख (ash) और अन्य उत्सर्जित पदार्थों (ejecta) को लेकर भ्रमित होते हैं; खतरों का आकलन करने के लिए इन सामग्रियों को समझना महत्वपूर्ण है।

पृष्ठभूमि

टेफ्रा (tephra) शब्द एक यूनानी शब्द से आया है जिसका अर्थ है "राख"। ज्वालामुखीय विज्ञान (volcanology) में इसका तात्पर्य उस सभी ठोस सामग्री (solid material) से है जो विस्फोट के दौरान हवा में फेंकी जाती है, चाहे उसका आकार कुछ भी हो। जब मैग्मा (magma) सतह की ओर बढ़ता है, तो विस्तारित गैस इसे टुकड़ों में बिखेर देती है। ये टुकड़े वायुमंडल में जम जाते हैं और टेफ्रा के रूप में जमीन पर गिर जाते हैं।

मुख्य तथ्य

  • आकार वर्ग (Size classes): टेफ्रा को अनाज के आकार (grain size) के आधार पर वर्गीकृत किया जाता है। ज्वालामुखीय राख (Volcanic ash) सबसे महीन सामग्री (2 मिलीमीटर से कम) है जो चूर्णित पत्थर की तरह महसूस होती है। लैपिली (Lapilli) बजरी के आकार के (2–64 मिमी) होते हैं और जब उन्हें बाहर निकाला जाता है तो वे पिघले हुए हो सकते हैं। बड़े ब्लॉक और बम (>64 मिमी) जमे हुए लावा या टूटी हुई चट्टान के टुकड़े होते हैं।
  • खतरे: टेफ्रा परिदृश्य को किरकिरी बर्फ की तरह ढक सकता है, फसलों को नुकसान पहुंचा सकता है, पानी को दूषित कर सकता है और छतों को गिरा सकता है। राख अपघर्षक (abrasive) होती है और मशीनरी को जाम कर सकती है, बिजली लाइनों को शॉर्ट-सर्किट कर सकती है और विमान के इंजनों को खराब कर सकती है। महीन कण वायुमंडल में हजारों किलोमीटर की यात्रा कर सकते हैं।
  • निक्षेपण पैटर्न (Deposition patterns): वेंट (vent) से दूरी के साथ टेफ्रा की मोटाई कम हो जाती है। ज्वालामुखी के पास, निक्षेप (deposits) मोटे लैपिली के साथ मीटर मोटे हो सकते हैं; दूर जाने पर केवल महीन राख ही बैठती है। विस्फोट के दौरान हवा की दिशा यह निर्धारित करती है कि टेफ्रा कहां गिरेगा।
  • पर्यावरणीय प्रभाव: राख और अन्य टेफ्रा मिट्टी को पोषक तत्वों से समृद्ध कर सकते हैं लेकिन लोगों और जानवरों में श्वसन संबंधी समस्याएं (respiratory problems) भी पैदा कर सकते हैं। राख के बादल विमानन (aviation) को बाधित कर सकते हैं और धूप को कम कर सकते हैं, जिससे अल्पावधि में जलवायु प्रभावित हो सकती है।
  • निगरानी और प्रतिक्रिया: ज्वालामुखी वेधशालाएं (Volcano observatories) भूकंपीय, उपग्रह और रडार उपकरणों का उपयोग करके राख के उत्सर्जन की निगरानी करती हैं। चेतावनी प्रणाली समुदायों को हवाई अड्डों को बंद करने, मशीनरी को कवर करने और राख गिरने की उम्मीद होने पर घर के अंदर रहने की तैयारी करने में मदद करती है।

यह महत्वपूर्ण क्यों है?

टेफ्रा को समझने से अधिकारियों को विस्फोटक उद्भेदन के बाद के खतरों का अनुमान लगाने में मदद मिलती है। स्पष्ट शब्दावली भी जन जागरूकता में सुधार करती है ताकि चेतावनियों का गलत अर्थ न निकाला जाए। तलछट (sediments) में टेफ्रा परतों का अध्ययन पिछले विस्फोटों के सुराग प्रदान करता है और वैज्ञानिकों को बड़ी ज्वालामुखीय घटनाओं की आवृत्ति का अनुमान लगाने में मदद करता है।

स्रोत: USGS.

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