पर्यावरण

Water Hyacinth: आक्रामक जलीय खरपतवार, मुला-मुठा नदी और जैव विविधता

Water Hyacinth: आक्रामक जलीय खरपतवार, मुला-मुठा नदी और जैव विविधता

खबरों में क्यों?

बार-बार सफाई अभियान चलाने के बावजूद, पुणे की मुला-मुथा नदी (Mula–Mutha River) में जलकुंभी (water hyacinth) की बड़ी परतें लौट आई हैं। निवासियों की शिकायत है कि यह तैरता हुआ खरपतवार (floating weed) मच्छरों के प्रजनन का आधार बन रहा है, दुर्गंध फैला रहा है और नौका विहार गतिविधियों में बाधा डाल रहा है। खरपतवार की दृढ़ता शहरी जलमार्गों में आक्रामक प्रजातियों (invasive species) को नियंत्रित करने की चुनौतियों को रेखांकित करती है।

पृष्ठभूमि

जलकुंभी (Eichhornia crassipes) अमेज़ॅन बेसिन (Amazon Basin) का मूल निवासी एक मुक्त-तैरने वाला पौधा (free‑floating plant) है। इसे एशिया और अफ्रीका में एक सजावटी प्रजाति (ornamental species) के रूप में पेश किया गया था, लेकिन तब से यह दुनिया के सबसे आक्रामक जलीय खरपतवारों में से एक बन गया है। पौधे में चमकदार हरी पत्तियां और बैंगनी रंग के फूल होते हैं, जो बीज और संतति पौधों (daughter plants) के माध्यम से तेजी से प्रजनन करते हैं, और कुछ ही हफ्तों में अपनी आबादी को दोगुना कर सकते हैं।

प्रभाव

  • घनी परतें (Dense mats): जलकुंभी मोटी, तैरने वाली परतें बनाती है जो सूरज की रोशनी को रोकती हैं और पानी में ऑक्सीजन को कम करती हैं, जिससे मछलियाँ मर जाती हैं और जैव विविधता (biodiversity) कम हो जाती है।
  • नेविगेशन और बाढ़: परतें जलमार्गों, नहरों और जल निकासी प्रणालियों को रोक देती हैं, जिससे नावों के आवागमन में बाधा आती है और भारी बारिश के दौरान बाढ़ का खतरा बढ़ जाता है।
  • रोग वाहक (Disease vector): पौधों द्वारा फंसा हुआ स्थिर पानी (Stagnant water) मच्छरों और अन्य कीटों के लिए प्रजनन स्थल बन जाता है, जिससे मलेरिया और डेंगू के बारे में चिंताएं बढ़ जाती हैं।
  • आर्थिक नुकसान: यह खरपतवार मछली पकड़ने, सिंचाई और जलविद्युत उत्पादन (hydropower generation) में हस्तक्षेप करता है, जिससे महत्वपूर्ण आर्थिक लागत आती है।

नियंत्रण के उपाय

  • यांत्रिक निष्कासन (Mechanical removal): पौधों को मैन्युअल रूप से या विशेष मशीनरी के साथ काटने से अल्पकालिक राहत मिलती है लेकिन इसे नियमित रूप से दोहराया जाना चाहिए।
  • जैविक नियंत्रण (Biological control): जलकुंभी को खाने और उसके विकास को कम करने के लिए वीविल्स और पतंगे (weevils and moths) जैसे कुछ कीड़ों को पेश किया गया है। जैविक नियंत्रण सबसे प्रभावी होता है जब इसे अन्य तरीकों के साथ जोड़ा जाता है।
  • रासायनिक नियंत्रण: शाकनाशी (Herbicides) पौधों को मार सकते हैं लेकिन अन्य जलीय जीवन को नुकसान पहुंचा सकते हैं और सावधानीपूर्वक उपयोग की आवश्यकता होती है।
  • एकीकृत प्रबंधन (Integrated management): सफल कार्यक्रमों में यांत्रिक, जैविक और रासायनिक रणनीतियों के संयोजन के साथ-साथ सामुदायिक जागरूकता और अपशिष्ट जल उपचार (wastewater treatment) का उपयोग किया जाता है ताकि पोषक तत्वों के प्रदूषण (nutrient pollution) को रोका जा सके जो खरपतवार के विकास को बढ़ावा देता है।

स्रोत: Hindustan Times

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