चर्चा में क्यों?
जम्मू और कश्मीर में अधिकारियों ने एशिया की सबसे बड़ी मीठे पानी की झीलों में से एक, वुलर झील (Wular Lake) के जीर्णोद्धार (restoration) को तेज कर दिया है। अप्रैल 2026 तक, उन्होंने लगभग 1.31 लाख (131,000) विलो (willow) के पेड़ हटा दिए थे और 78 लाख क्यूबिक मीटर से अधिक गाद (silt) निकाली थी, जिससे लगभग 5 वर्ग किमी खुला पानी वापस मिल गया था। इस परियोजना में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए तटबंधों (embankments) को मजबूत करना और वॉकवे और इको-पार्क (eco-parks) विकसित करना भी शामिल है।
पृष्ठभूमि
कश्मीर के बांदीपोरा (Bandipora) और बारामूला (Baramulla) जिलों में स्थित, वुलर झील अपने चरम स्तर पर लगभग 130 वर्ग किमी में फैली हुई है और 5.8 मीटर तक गहरी है। झेलम नदी (Jhelum River) और कई पहाड़ी नदियों द्वारा पोषित, यह अंतर्राष्ट्रीय महत्व का एक नामित रामसर वेटलैंड (Ramsar Wetland of International Importance) है। ऐतिहासिक रूप से प्राचीन सतीसर झील (Satisar Lake) का हिस्सा, वुलर एक प्राकृतिक बाढ़ जलाशय (flood reservoir) के रूप में कार्य करता है और कश्मीर घाटी में खपत होने वाली मछली का 60% से अधिक की आपूर्ति करता है।
पुनरुद्धार के उपाय
- विलो को हटाना (Willow removal): 1980 के दशक के दौरान लगाए गए विलो के पेड़ों के बड़े बागानों ने झील के क्षेत्रफल को कम कर दिया और इसके जल विज्ञान (hydrology) को बदल दिया। इन पेड़ों को हटाने से जल का फैलाव खुलता है, परिसंचरण (circulation) में सुधार होता है और जलीय जीवन (aquatic life) के लिए आवास बहाल होता है।
- गाद निकालना (Desiltation): 78 लाख क्यूबिक मीटर गाद निकालने से चैनल गहरे हो गए हैं और भंडारण क्षमता बढ़ गई है। गाद निकालने से पानी की गुणवत्ता में भी सुधार होता है और नेविगेशन को समर्थन मिलता है।
- बुनियादी ढांचे का विकास: अधिकारी झील के किनारे सुरक्षात्मक बंधों (protective bunds) को मजबूत कर रहे हैं और साइकिलिंग ट्रैक (cycling tracks) के साथ 2.5 किमी लंबा वॉकवे (walkway) बना रहे हैं। योजनाओं में आगंतुकों को आकर्षित करने के लिए पार्क, वॉच टावर और इको-टूरिज्म (eco-tourism) सुविधाएं शामिल हैं।
पारिस्थितिक महत्व
- जैव विविधता का स्वर्ग (Biodiversity haven): वुलर विविध मछली प्रजातियों, प्रवासी जलपक्षी (migratory waterfowl) और जलीय पौधों का समर्थन करता है। झील को बहाल करने से मत्स्य पालन और पक्षी जीवन को बनाए रखने में मदद मिलती है।
- बाढ़ नियंत्रण (Flood control): वसंत में बर्फ पिघलने और भारी मानसूनी बारिश के दौरान झील अतिरिक्त पानी को सोख लेती है, जिससे श्रीनगर में नीचे की ओर बाढ़ का खतरा कम हो जाता है।
- आजीविका (Livelihoods): हजारों मछुआरे और रीड हार्वेस्टर (reed harvesters) वुलर पर निर्भर हैं। झील के पुनरुद्धार से उनकी आय में सुधार होता है और साथ ही आगंतुकों के लिए मनोरंजन के अवसर मिलते हैं।
निष्कर्ष
वुलर झील का पुनरुद्धार यह दर्शाता है कि कैसे ठोस प्रयास अपमानित पारिस्थितिक तंत्र (degraded ecosystems) को पुनर्जीवित कर सकते हैं। आक्रामक पेड़ों (invasive trees) को हटाना, गाद निकालना और इको-टूरिज्म को बढ़ावा देना न केवल पारिस्थितिक कार्यों को बहाल करता है बल्कि स्थानीय आजीविका का भी समर्थन करता है। इस महत्वपूर्ण मीठे पानी के आभूषण को संरक्षित करने के लिए निरंतर रखरखाव और टिकाऊ पर्यटन प्रथाएं आवश्यक होंगी।
स्रोत: Devdiscourse