भूगोल (Geography)

Zojila Pass Avalanche: श्रीनगर-लेह राजमार्ग, ग्रेटर हिमालय और जलवायु परिवर्तन

Zojila Pass Avalanche: श्रीनगर-लेह राजमार्ग, ग्रेटर हिमालय और जलवायु परिवर्तन

चर्चा में क्यों?

28 मार्च 2026 को श्रीनगर-लेह राजमार्ग पर ज़ीरो पॉइंट (Zero Point) के पास जोजिला पास (Zojila Pass) में भारी हिमस्खलन (avalanche) हुआ। इस हिमस्खलन में कई वाहन दब गए और दुखद रूप से कम से कम सात लोगों की मौत हो गई जबकि पांच घायल हो गए। भारतीय सेना, सीमा सड़क संगठन (Border Roads Organisation) और स्थानीय पुलिस ने जोखिम भरी परिस्थितियों के बावजूद बचाव कार्य शुरू किया।

पृष्ठभूमि (Background)

जोजिला पास, जिसे Zoji La भी कहा जाता है, ग्रेटर हिमालय (Greater Himalayas) में एक उच्च पर्वतीय दर्रा है जो कश्मीर घाटी को लद्दाख से जोड़ता है। राष्ट्रीय राजमार्ग 1 पर लगभग 3,528 मीटर (11,575 फीट) की ऊंचाई पर स्थित, यह श्रीनगर को लेह से जोड़ने वाली जीवन रेखा है। यह पास कश्मीर घाटी और द्रास (Dras) के बीच स्थित है, जो लद्दाख के उच्च पठार के प्रवेश द्वार के रूप में कार्य करता है। भारी बर्फबारी और बार-बार आने वाले बर्फीले तूफानों के कारण, यह पास हर सर्दियों में कई महीनों तक बंद रहता है और व्यापक बर्फ हटाने के बाद वसंत में फिर से खुलता है।

यहाँ हिमस्खलन क्यों होते हैं

  • अधिक बर्फ का संचय (High snow accumulation): जोजिला में भारी बर्फबारी होती है क्योंकि नम पश्चिमी हवाएं हिमालय के दक्षिणी ढलानों पर अपना भार गिराती हैं। राजमार्ग के ऊपर खड़ी ढलानों पर बर्फ जमा हो जाती है।
  • अस्थिर ढलानें (Unstable slopes): देर सर्दियों और शुरुआती वसंत में गर्म तापमान स्नोपैक (snowpack) को अस्थिर कर देता है। यातायात के कंपन या रॉकफॉल जैसे प्राकृतिक ट्रिगर हिमस्खलन का कारण बन सकते हैं।
  • सीमित बुनियादी ढांचा (Limited infrastructure): सीमा सड़क संगठन (Border Roads Organisation) के निरंतर प्रयासों के बावजूद, संकरे दर्रे में हिमस्खलन दीर्घाओं (avalanche galleries) या आश्रयों का अभाव है, जिससे यात्री असुरक्षित हो जाते हैं।
  • जलवायु परिवर्तनशीलता (Climate variability): जलवायु परिवर्तन वर्षा के पैटर्न को बदल रहा है, जिससे हिमालयी क्षेत्र में हिमस्खलन और भूस्खलन जैसी चरम घटनाओं की आवृत्ति बढ़ रही है।

ऐतिहासिक महत्व (Historical significance)

इस दर्रे का रणनीतिक महत्व है। 1947-48 के युद्ध के दौरान, भारतीय सेना ने हमलावरों से जोजिला को वापस लेने के लिए ऑपरेशन बाइसन (Operation Bison) चलाया, जिससे वे द्रास और कारगिल की ओर बढ़ने में सक्षम हुए। आज यह सड़क सैन्य आपूर्ति, नागरिकों और पर्यटकों को ले जाती है। जोजिला सुरंग (Zojila Tunnel) जैसी हालिया परियोजनाओं का उद्देश्य हर मौसम के अनुकूल मार्ग प्रदान करना और बर्फबारी से होने वाले जोखिमों को कम करना है।

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