विज्ञान और प्रौद्योगिकी

Actinarctus Odissi: Marine Tardigrade और भारत की जैव विविधता

Actinarctus Odissi: Marine Tardigrade और भारत की जैव विविधता

खबरों में क्यों?

CSIR‑National Institute of Oceanography और सहयोगी विश्वविद्यालयों के वैज्ञानिकों ने हाल ही में ओडिशा तट पर मारकंडी (Markandi) के पास समुद्री टार्डिग्रेड (marine tardigrade) की एक नई प्रजाति की खोज की है। Actinarctus odissi नाम का यह छोटा जीव उथले पानी से एकत्र की गई रेत में पाया गया था और यह चार दशकों से अधिक समय में खोजा गया अपने जीनस (genus) का पहला सदस्य है। यह खोज भारत के तटीय जल की समृद्ध लेकिन कम अध्ययन की गई जैव विविधता पर प्रकाश डालती है।

पृष्ठभूमि

टार्डिग्रेड, जिन्हें अक्सर "पानी के भालू (water bears)" या "मॉस पिगलेट (moss piglets)" कहा जाता है, सूक्ष्म अकशेरुकी (microscopic invertebrates) हैं जो कई तरह के वातावरण में निवास करते हैं। दुनिया भर में इनकी लगभग 1,300 प्रजातियां ज्ञात हैं। उनके छोटे पैरों के चार जोड़े होते हैं जो पंजों में समाप्त होते हैं और वे पौधों, शैवाल (algae) और बैक्टीरिया के तरल पदार्थों पर भोजन करते हैं। कई प्रजातियां सुप्त "ट्यून (tun)" अवस्था में प्रवेश करके चरम स्थितियों से बच सकती हैं जिसमें उनका चयापचय (metabolism) लगभग रुक जाता है। समुद्री टार्डिग्रेड ज्ञात प्रजातियों का केवल लगभग सत्रह प्रतिशत ही बनाते हैं, इसलिए प्रत्येक नई खोज समुद्र में जीवन के बारे में हमारी समझ को बहुत बढ़ाती है।

नई प्रजाति की मुख्य विशेषताएं

  • गुंबद के आकार का शरीर (Dome‑shaped body): Actinarctus odissi का एक गोल शरीर होता है जो स्तंभों द्वारा समर्थित पारदर्शी पंख जैसे फ्लैप (जिन्हें alae कहा जाता है) से घिरा होता है। ये फ्लैप जानवर को रेत के कणों से गुजरने पर स्थिर करने में मदद करते हैं।
  • छोटे पार्श्व पंख (Short lateral wings): अपने रिश्तेदारों के विपरीत, नई प्रजाति में छोटे alae होते हैं जिनमें सरल आंतरिक समर्थन (internal supports) होते हैं।
  • संवेदी अंग (Sensory organs): इसके पिछले पैरों में छोटे, बिना शाखाओं वाले संवेदी उपांग (sensory appendages) होते हैं जिनके सिरे संबंधित प्रजातियों में देखे जाने वाले नुकीले सिरों के बजाय कुंद (blunt) होते हैं।
  • अत्यधिक तराशी गई पीठ (Heavily sculptured back): पृष्ठीय सतह (dorsal surface) में छोटे ट्रोम्बोन (trombone) के आकार के स्तंभ होते हैं जो इसे एक अनूठी बनावट देते हैं।
  • नाम संस्कृति का सम्मान करता है: प्रजाति का नाम "ओडिसी (odissi)" ओडिशा के शास्त्रीय नृत्य रूप ओडिसी (Odissi) को श्रद्धांजलि देता है, जो उस क्षेत्र को दर्शाता है जहां यह पाया गया था।

महत्व

यह खोज दर्शाती है कि भारत की तटीय रेत में कितना कुछ छिपा हुआ है। प्रजाति की अनूठी विशेषताएं टार्डिग्रेड विकास और अनुकूलन (adaptation) की हमारी समझ में इजाफा करती हैं। 43 वर्षों के बाद Actinarctus जीनस का नया सदस्य खोजना समुद्री सूक्ष्म आवासों (marine microhabitats) की खोज और सुरक्षा के महत्व को रेखांकित करता है।

स्रोत

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