अर्थव्यवस्था

Advance Authorisation Scheme: स्वर्ण आयात सीमा और सीमा शुल्क

Advance Authorisation Scheme: स्वर्ण आयात सीमा और सीमा शुल्क

चर्चा में क्यों?

भारत सरकार ने हाल ही में एडवांस ऑथराइजेशन (Advance Authorisation - AA) योजना के तहत ड्यूटी-फ्री (शुल्क-मुक्त) सोने के आयात को 100 किलोग्राम तक सीमित कर दिया है। यह निर्णय सोने पर मूल सीमा शुल्क (basic customs duty) को बढ़ाकर 15 प्रतिशत करने के कुछ ही समय बाद आया है। अधिकारियों ने योजना के दुरुपयोग को रोकने के लिए यह कैप (cap) पेश किया, जिसके तहत निर्यातक तैयार उत्पादों (finished products) को फिर से निर्यात (re-exporting) करने से पहले आभूषण निर्माण (jewellery manufacture) के लिए शुल्क-मुक्त सोने का आयात करते हैं。

पृष्ठभूमि

AA योजना निर्माताओं को इस शर्त पर शुल्क-मुक्त इनपुट (inputs) आयात करने की अनुमति देती है कि तैयार माल (finished goods) का निर्यात किया जाता है। ऐतिहासिक रूप से, निर्यातक असीमित मात्रा में सोना ला सकते थे यदि वे समतुल्य मूल्य (equivalent value) के आभूषण निर्यात करते थे। आयात शुल्क (import duties) में हालिया वृद्धि के बाद, कुछ व्यापारियों ने बड़ी मात्रा में सोने का आयात करके और मूल्य अंतर (price differentials) का लाभ उठाते हुए इसे घरेलू स्तर पर (domestically) बेचकर इस योजना का दुरुपयोग किया।

नई कैप के प्रमुख प्रावधान

  • मात्रा सीमा (Quantity limit): प्रत्येक निर्यातक AA योजना के तहत 100 किलोग्राम तक सोने का शुल्क-मुक्त आयात कर सकता है। इस सीमा से अधिक आयात पर मानक सीमा शुल्क (standard customs duty) लगेगा।
  • बढ़ी हुई जांच (Enhanced scrutiny): अग्रिम प्राधिकरण (advance authorisation) के लिए पहली बार आवेदन करने वालों को अपनी निर्माण सुविधाओं के अनिवार्य भौतिक निरीक्षण (mandatory physical inspection) से गुजरना होगा ताकि क्षमता और अनुपालन (capacity and compliance) सुनिश्चित हो सके।
  • प्रदर्शन रिपोर्टिंग (Performance reporting): निर्यातकों को आयात, निर्यात और स्टॉक पर पाक्षिक बयान (fortnightly statements) प्रस्तुत करने होंगे, जिससे अधिकारी उपयोग की निगरानी कर सकें और विचलन (diversion) को रोक सकें।
  • मंशा (Intent): इन उपायों का उद्देश्य विदेशी बाजारों के लिए मूल्यवर्धित उत्पाद (value-added products) बनाने वाले वास्तविक आभूषण निर्यातकों (genuine jewellery exporters) का समर्थन करते हुए मध्यस्थता (arbitrage) और राजस्व हानि (revenue loss) को रोकना है।

निष्कर्ष

ड्यूटी-फ्री आयात को सीमित करके और निगरानी को कड़ा करके, सरकार निर्यात को सुविधाजनक बनाने और राजस्व (revenue) की रक्षा करने के बीच संतुलन बनाना चाहती है। एए योजना से लाभान्वित होना जारी रखने के लिए निर्यातकों के लिए इन नियमों का पालन करना आवश्यक होगा।

स्रोत

Financial Express

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