चर्चा में क्यों?
गुवाहाटी उच्च न्यायालय ने असम सरकार से यह बताने को कहा है कि गुवाहाटी के आसपास प्रस्तावित रिंग रोड (ring road) के लिए वन मंजूरी (forest clearance) के बिना आमचांग वन्यजीव अभयारण्य (Amchang Wildlife Sanctuary) के अंदर पेड़ों को काटने का प्रस्ताव क्यों रखा गया था। जब तक कोई निर्णय नहीं हो जाता, अदालत ने राज्य को पेड़ काटने के लिए निविदा (tender) को अंतिम रूप न देने का निर्देश दिया है।
पृष्ठभूमि
आमचांग वन्यजीव अभयारण्य असम के गुवाहाटी के पूर्वी बाहरी इलाके में स्थित है। यह तीन आरक्षित वनों—आमचांग, दक्षिण आमचांग और खानापारा—और खामरंगा बील (Khamranga Beel) नामक एक आर्द्रभूमि को जोड़ता है। 39 से 562 मीटर की ऊंचाई पर स्थित, यह शहर के लिए एक ग्रीन बेल्ट के रूप में कार्य करता है।
अभयारण्य समृद्ध जैव विविधता का घर है: एशियाई हाथी, गौर (भारतीय बाइसन), कई प्राइमेट प्रजातियां जिनमें हूलॉक गिब्बन (hoolock gibbon) और स्लो लोरिस (slow loris) शामिल हैं, और पक्षी जैसे सफेद-पूंछ वाले गिद्ध (white‑rumped vulture) और ग्रेट हॉर्नबिल (great hornbill)। वन प्रकार नम पर्णपाती (moist deciduous) से लेकर अर्ध-सदाबहार (semi‑evergreen) तक हैं, और यह एक महत्वपूर्ण हाथी गलियारा (elephant corridor) है।
गुवाहाटी रिंग रोड क्या है?
गुवाहाटी को भारी यातायात भीड़ का सामना करना पड़ता है। प्रस्तावित 121 किलोमीटर का रिंग रोड शहर के केंद्र से ट्रैफ़िक को मोड़ने का लक्ष्य रखता है। मार्ग का एक हिस्सा दक्षिण में राष्ट्रीय राजमार्ग 37 (NH 37) को उत्तर में NH 27 से जोड़ने के लिए आमचांग अभयारण्य से होकर गुजरता है।
चिंताएं और कानूनी मुद्दे
- वन मंजूरी (Forest clearance): याचिकाकर्ताओं ने तर्क दिया कि राज्य ने वन संरक्षण अधिनियम 1980 (Forest Conservation Act 1980) के तहत मंजूरी प्राप्त किए बिना अभयारण्य के अंदर पेड़ों को काटने के लिए ई-टेंडर (e‑tender) जारी किया।
- पारिस्थितिक प्रभाव (Ecological impact): अभयारण्य हाथियों, तेंदुओं, पैंगोलिन और अन्य प्रजातियों का घर है। पेड़ों की कटाई से आवास खंडित (fragment) हो जाएंगे और पारिस्थितिकी-संवेदनशील क्षेत्र (eco‑sensitive zone) खराब हो जाएगा।
- विकल्प (Alternatives): पर्यावरण समूह जैव विविधता वाले हॉटस्पॉट से बचने के लिए अभयारण्य के बाहर सड़क को फिर से रूट करने का सुझाव देते हैं।
उच्च न्यायालय का हस्तक्षेप प्रस्ताव की जांच के लिए समय प्रदान करता है। राज्य सरकार को अब अपनी योजना को सही ठहराना चाहिए और आगे बढ़ने से पहले वैधानिक मंजूरी (statutory clearances) हासिल करनी चाहिए।