चर्चा में क्यों?
एक अंतरराष्ट्रीय शोध दल ने आर्बस्कुलर माइकोराइज़ल कवक (arbuscular mycorrhizal fungi) के वैश्विक वितरण (global distribution) का मानचित्रण किया है। अध्ययन इन भूमिगत नेटवर्कों के पैमाने और कार्बन-सीक्वेस्ट्रेशन (carbon-sequestration) क्षमता का अनुमान लगाता है और उन क्षेत्रों पर प्रकाश डालता है जहां वे सबसे प्रचुर मात्रा में हैं।
पृष्ठभूमि
आर्बस्कुलर माइकोराइज़ल कवक अधिकांश भूमि के पौधों की जड़ों के साथ सहजीवी संबंध (symbiotic relationships) बनाते हैं। कवक मिट्टी में पतले तंतुओं (filaments) का विस्तार करते हैं, जिससे पौधे की पानी और पोषक तत्वों, विशेष रूप से फास्फोरस (phosphorus), को अवशोषित करने की क्षमता बढ़ जाती है। बदले में पौधा कवक को कार्बोहाइड्रेट (carbohydrates) की आपूर्ति करता है। ये नेटवर्क प्राचीन और व्यापक हैं, जो एक छिपा हुआ जाल बनाते हैं जो स्थलीय जीवन (terrestrial life) का समर्थन करता है।
लगभग 16,000 स्थानों से मिट्टी के नमूनों का विश्लेषण करके नया नक्शा बनाया गया था। शोधकर्ताओं का अनुमान है कि आर्बस्कुलर माइकोराइज़ल नेटवर्क की कुल लंबाई लगभग 110 क्वाड्रिलियन किलोमीटर है—जो पृथ्वी और सूर्य के बीच की दूरी का लगभग एक अरब गुना है। ऐसा माना जाता है कि नेटवर्क में लगभग 300 मेगाटन कार्बन होता है और यह हर साल मिट्टी में लगभग चार बिलियन टन कार्बन डाइऑक्साइड समकक्ष के हस्तांतरण की सुविधा प्रदान करता है। घास के मैदानों (Grasslands) में इस जीवित बुनियादी ढांचे (living infrastructure) का लगभग 40 प्रतिशत हिस्सा होता है, जबकि फसल भूमि (croplands) जंगली पारिस्थितिक तंत्र (wild ecosystems) की तुलना में नेटवर्क घनत्व (network density) में लगभग पचास प्रतिशत की कमी दिखाती है।
मुख्य बिंदु
- आर्बस्कुलर माइकोराइज़ल कवक पौधों के जड़ चारा क्षेत्र (root foraging area) को लगभग सौ गुना बढ़ा देते हैं।
- वे कई पौधों की फास्फोरस आवश्यकताओं का अस्सी प्रतिशत से अधिक प्रदान करते हैं।
- ये नेटवर्क कार्बन को अलग (sequester) करते हैं, जलवायु विनियमन (climate regulation) और मिट्टी के स्वास्थ्य में योगदान करते हैं।
- कवक विविधता (fungal diversity) के हॉटस्पॉट ज्यादातर संरक्षित क्षेत्रों (protected areas) के बाहर स्थित हैं, जो संरक्षण की आवश्यकता को रेखांकित करते हैं।
- कृषि भूमि नेटवर्क घनत्व में उल्लेखनीय गिरावट दिखाती है, जो गहन खेती (intensive farming) के प्रभाव को उजागर करती है।
निष्कर्ष
भूमिगत कवक नेटवर्क का मानचित्रण उनके विशाल पैमाने और महत्वपूर्ण पारिस्थितिक कार्यों को प्रकट करता है। टिकाऊ भूमि प्रबंधन (sustainable land management) के माध्यम से इन नेटवर्कों की रक्षा करने से मिट्टी की उर्वरता (soil fertility) बढ़ सकती है, जैव विविधता (biodiversity) का समर्थन हो सकता है और जलवायु शमन (climate mitigation) में योगदान मिल सकता है।