पर्यावरण

वायुमंडलीय एरोसोल: प्रकार, जलवायु प्रभाव और रेडियेटिव फ़ोर्सिंग

वायुमंडलीय एरोसोल: प्रकार, जलवायु प्रभाव और रेडियेटिव फ़ोर्सिंग

समाचार में क्यों?

एक वैश्विक अध्ययन ने वायुमंडलीय Aerosols को सात विशिष्ट प्रकारों में वर्गीकृत किया है। इसने छह महाद्वीपों के 171 निगरानी केंद्रों से अवलोकनों का उपयोग किया। दक्षिण एशिया के ऊपर प्रदूषण के साथ मिश्रित धूल विशेष रूप से आम थी। दृढ़ता से अवशोषित (absorbing) करने वाले Aerosols ने अध्ययन में सबसे अधिक वायुमंडलीय हीटिंग उत्पन्न की।

पृष्ठभूमि

Aerosol एक बहुत छोटा ठोस कण या तरल बूंद है जो आसपास की हवा में निलंबित (suspended) रहता है।

Aerosols का आकार कुछ नैनोमीटर से लेकर दसियों माइक्रोमीटर तक होता है, जिसमें प्रत्येक माइक्रोमीटर एक मीटर के दस लाखवें हिस्से के बराबर होता है।

कुछ Aerosols अपने आकार, ऊंचाई और आसपास के मौसम के आधार पर घंटों या दिनों तक हवा में रहते हैं।

प्राथमिक और द्वितीयक Aerosols

प्रकार यह कैसे बनता है सामान्य उदाहरण
प्राथमिक (Primary) aerosol यह सीधे एक कण या बूंद के रूप में वायुमंडल में प्रवेश करता है। खनिज धूल (Mineral dust), समुद्री नमक, धुआं और ज्वालामुखी राख (volcanic ash) इसके उदाहरण हैं।
द्वितीयक (Secondary) aerosol वायुमंडलीय प्रतिक्रियाएं उत्सर्जित गैसों को नए कणों में बदल देती हैं। सल्फेट्स (Sulphates), नाइट्रेट्स (nitrates) और कुछ कार्बनिक कण इसके उदाहरण हैं।

प्राकृतिक स्रोतों में रेगिस्तान और ज्वालामुखी शामिल हैं, जबकि मानवीय स्रोतों में वाहन, कारखाने, खेती और बायोमास जलाना शामिल हैं।

Aerosols जलवायु को कैसे प्रभावित करते हैं?

Aerosols वायुमंडल से गुजरने वाली सौर ऊर्जा को बदल देते हैं, जिससे एक परिवर्तन उत्पन्न होता है जिसे aerosol radiative forcing कहा जाता है।

  • प्रकीर्णन (Scattering): चमकीले कण सूर्य के प्रकाश को अंतरिक्ष की ओर परावर्तित (reflect) करते हैं, जो आमतौर पर पृथ्वी की सतह को ठंडा करते हैं।
  • अवशोषण (Absorption): गहरे रंग के कण, विशेष रूप से ब्लैक कार्बन (black carbon), सूर्य के प्रकाश को अवशोषित करते हैं और आसपास की हवा को गर्म करते हैं।
  • बादलों पर प्रभाव: Aerosols बूंदों के निर्माण का समर्थन करते हैं और बादलों की चमक, जीवनचक्र और वर्षा को बदल सकते हैं।
  • बर्फ पर प्रभाव: गहरे रंग के कण बर्फ पर बैठ जाते हैं, उसकी परावर्तन क्षमता (reflectivity) को कम कर देते हैं और पिघलने की गति को बढ़ा देते हैं।
महत्वपूर्ण अंतर: एक aerosol वायुमंडल को गर्म कर सकता है लेकिन अपने नीचे की सतह को ठंडा कर सकता है। इसका समग्र प्रभाव संरचना (composition), ऊंचाई, बादलों और सतह की स्थितियों पर निर्भर करता है।

नए अध्ययन ने क्या जांचा?

शोधकर्ताओं ने Aerosol Robotic Network (AERONET) का उपयोग किया, जो सूर्य फोटोमीटर (sun photometers) नामक ज़मीनी उपकरणों का एक वैश्विक नेटवर्क है।

ये उपकरण मापते हैं कि कैसे कण तीस से अधिक वर्षों के अवलोकनों में सूर्य के प्रकाश को बिखेरते हैं, अवशोषित करते हैं और ध्रुवीकृत (polarise) करते हैं।

शोधकर्ताओं ने दो मापों का उपयोग करके Aerosols को वर्गीकृत किया जो कण के आकार और प्रकाश अवशोषण की शक्ति को दर्शाते हैं।

Aerosol की सात श्रेणियां

  1. शुद्ध धूल (Pure dust) में मुख्य रूप से शुष्क भूमि के खनिज कण होते हैं।
  2. धूल-प्रधान मिश्रण (Dust-dominated mixture) में कुछ प्रदूषण के साथ ज़्यादातर धूल होती है।
  3. प्रदूषण-प्रधान मिश्रण (Pollution-dominated mixture) में कुछ धूल के साथ ज़्यादातर प्रदूषण होता है।
  4. बहुत कमज़ोर अवशोषण करने वाले aerosol (Very weakly absorbing aerosol) जितना प्रकाश अवशोषित करते हैं, उससे कहीं अधिक परावर्तित करते हैं।
  5. कमज़ोर अवशोषण करने वाले aerosol (Weakly absorbing aerosol) आने वाले प्रकाश को थोड़ा अधिक अवशोषित करते हैं।
  6. मध्यम अवशोषण करने वाले aerosol (Moderately absorbing aerosol) का प्रकाश-अवशोषण प्रभाव अधिक मज़बूत होता है।
  7. दृढ़ता से अवशोषित करने वाले aerosol (Strongly absorbing aerosol) पर्याप्त प्रकाश को अवशोषित करते हैं और हवा को दृढ़ता से गर्म करते हैं।

प्रमुख क्षेत्रीय निष्कर्ष

  • उत्तरी अफ्रीका के कई निगरानी केंद्रों में शुद्ध खनिज धूल का प्रभुत्व था।
  • दक्षिण एशिया में धूल-प्रधान और धूल-प्रदूषण मिश्रण आम थे।
  • यूरोप और उत्तरी अमेरिका में कम अवशोषित करने वाले शहरी aerosols आम थे।
  • कई उष्णकटिबंधीय बायोमास-जलने वाले क्षेत्रों में दृढ़ता से अवशोषित करने वाले aerosols का प्रभुत्व था।

संख्यात्मक परिणामों का क्या अर्थ है?

दृढ़ता से अवशोषित करने वाले aerosols ने 30.14 ± 8.04 watts per square metre की वायुमंडलीय forcing उत्पन्न की। हीटिंग 0.85 kelvin per day तक पहुँच गई।

बहुत कमज़ोर अवशोषण करने वाले aerosols ने 7.83 ± 4.12 watts per square metre की वायुमंडलीय forcing उत्पन्न की। हीटिंग केवल 0.22 kelvin per day तक पहुँची।

ये श्रेणी औसत (category averages) दैनिक स्थानीय पूर्वानुमान नहीं हैं, जबकि प्लस-माइनस मान प्रत्येक औसत के आसपास की भिन्नता (variation) को दर्शाते हैं।

Prelims focus: अध्ययन की सबसे अधिक forcing दृढ़ता से अवशोषित करने वाले aerosols की थी। दक्षिण एशिया ने मुख्य रूप से प्रदूषण के साथ मिश्रित धूल को दिखाया, न कि केवल शुद्ध धूल को।

दक्षिण एशिया विशेष रूप से महत्वपूर्ण क्यों है?

दक्षिण एशिया में प्रमुख प्रदूषण उत्सर्जन के साथ-साथ रेगिस्तानी धूल भी आती है, जो अक्सर एक गतिशील वायु द्रव्यमान (moving air mass) के भीतर मिल जाती है।

ब्लैक कार्बन (Black carbon) खनिज धूल को लेपित (coat) या उसके साथ मिल सकता है, जिससे सूर्य के प्रकाश का अवशोषण और वायुमंडलीय हीटिंग बढ़ जाती है।

विभिन्न ऊंचाइयों पर हीटिंग वायुमंडलीय स्थिरता, बादलों के निर्माण, मानसूनी परिसंचरण (monsoon circulation) और क्षेत्रीय वर्षा को बदल सकती है।

स्वास्थ्य और नीति प्रासंगिकता

कई aerosols पार्टिकुलेट वायु प्रदूषण बनाते हैं, जिसके सबसे महीन कण मानव फेफड़ों के गहरे क्षेत्रों में प्रवेश कर सकते हैं।

क्लाइमेट मॉडल्स (Climate models) को प्रत्येक aerosol प्रकार का सही प्रतिनिधित्व करना चाहिए, क्योंकि समान रूप से व्यवहार करने से तापमान और वर्षा के अनुमान विकृत हो सकते हैं।

बेहतर वर्गीकरण उपग्रह पुनर्प्राप्ति (satellite retrievals), प्रदूषण निगरानी और सबसे हानिकारक उत्सर्जन स्रोतों के खिलाफ कार्रवाई में सुधार कर सकता है।

निष्कर्ष

Aerosols का कोई एक समान जलवायु प्रभाव नहीं होता है क्योंकि उनकी संरचना (composition) ही सूर्य के प्रकाश के परावर्तन और वायुमंडलीय हीटिंग को निर्धारित करती है।

स्रोत

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