समाचार में क्यों?
छत्तीसगढ़ सरकार (Chhattisgarh government) ने हाल ही में 19 बैगा गांवों के लिए निवास अधिकार (habitat rights) को मान्यता दी है, जिसमें 6,400 से अधिक लोग शामिल हैं। अनुसूचित जनजाति और अन्य पारंपरिक वन निवासी (वन अधिकारों की मान्यता) अधिनियम (Scheduled Tribes and Other Traditional Forest Dwellers (Recognition of Forest Rights) Act) के तहत दिए गए ये अधिकार समुदाय के पारंपरिक क्षेत्र और सांस्कृतिक प्रथाओं (cultural practices) की रक्षा करते हैं।
पृष्ठभूमि
Baiga एक आदिवासी (स्वदेशी) समुदाय (Adivasi (indigenous) community) है जो मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और झारखंड (Jharkhand) के मध्य भारतीय राज्यों में रहता है। कम साक्षरता, खराब स्वास्थ्य संकेतकों और जंगलों पर निर्भरता के कारण उन्हें विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूह (Particularly Vulnerable Tribal Group - PVTG) के रूप में वर्गीकृत किया गया है। परंपरागत रूप से वे खेती को स्थानांतरित (shifting cultivation) करने का अभ्यास करते हैं जिसे स्थानीय रूप से बेवर (bewar) या बेंवर (benwar) के रूप में जाना जाता है, मिश्रित फसल उगाने के लिए जंगल के छोटे हिस्सों को साफ करते हैं।
मुख्य बिंदु
- वन अधिकार अधिनियम (Forest Rights Act) PVTGs को निवास अधिकार (habitat rights) दिए जाने की अनुमति देता है। ये अधिकार केवल भूमि के भूखंडों के बजाय परिदृश्य (landscape) के साथ समुदाय के संबंधों को मान्यता देते हैं। वे सांस्कृतिक परंपराओं, पवित्र स्थलों और जंगलों के प्रथागत (customary) उपयोग की रक्षा करने में मदद करते हैं।
- बैगा संस्कृति प्रकृति के साथ सद्भाव (harmony) पर जोर देती है। किसान जुताई करने से बचते हैं और मानते हैं कि मिट्टी उनकी मां है। इसके बजाय वे जंगल के छोटे हिस्सों को काटते हैं और जलाते हैं (slash and burn), बाजरा, फलियां और सब्जियों का मिश्रण बोते हैं जो अलग-अलग समय पर पकते हैं।
- समुदाय को औषधीय पौधों का गहरा ज्ञान है और वह भोजन, ईंधन और आवास के लिए जंगल पर निर्भर है। उनकी सरल जीवनशैली और मजबूत मौखिक परंपराओं ने स्वदेशी ज्ञान को संरक्षित करने में मदद की है।
- निवास अधिकारों को मान्यता देने से संसाधनों पर सामुदायिक नियंत्रण (community control) मजबूत होता है और खनन, बागानों (plantations) या वन्यजीव अभयारण्यों (wildlife reserves) के कारण विस्थापन (displacement) का विरोध करने में मदद मिलती है। यह सहभागी वन प्रबंधन (participatory forest management) और स्थायी आजीविका (sustainable livelihoods) को भी प्रोत्साहित करता है।