ख़बरों में क्यों?
बर्मिंघम विश्वविद्यालय के नेतृत्व में हाल ही में हुए शोध से पता चला है कि बीवर (beavers) द्वारा निर्मित आर्द्रभूमियां (wetlands) बड़ी मात्रा में कार्बन को रोक (lock away) सकती हैं। स्विट्जरलैंड में बीवर द्वारा बनाए गए तालाबों और बांधों का अध्ययन करते हुए, वैज्ञानिकों ने पाया कि इन परिदृश्यों ने बीवर के बिना तुलनीय नदी प्रणालियों की तुलना में दस गुना अधिक दर से कार्बन संग्रहीत किया। निष्कर्षों से पता चलता है कि नदी गलियारों में बीवर को फिर से पेश करने से प्राकृतिक कार्बन सिंक (carbon sinks) बनाकर जलवायु परिवर्तन शमन (climate change mitigation) में मदद मिल सकती है।
पृष्ठभूमि
बीवर अर्ध-जलीय (semi-aquatic) कृंतक (rodents) हैं जो बांध (dams), रहने के स्थान (lodges) और नहरें बनाने की अपनी क्षमता के लिए प्रसिद्ध हैं। इनकी दो प्रजातियाँ मौजूद हैं: उत्तरी अमेरिकी बीवर (Castor canadensis) और यूरेशियन बीवर (Castor fiber)। वे उत्तरी अमेरिका, यूरोप और एशिया के कुछ हिस्सों में धाराओं (streams), दलदलों, नदियों और झीलों में निवास करते हैं। गठीले शरीर, जालीदार पिछले पैरों (webbed hind feet) और चौड़ी सपाट पूंछ के साथ, बीवर पानी में जीवन के लिए अच्छी तरह से अनुकूलित होते हैं। उनके मजबूत नारंगी कृंतक दांत (incisors) लगातार बढ़ते रहते हैं, जिससे वे पेड़ों को गिरा सकते हैं और बांध बना सकते हैं जो तालाबों और आर्द्रभूमियों का निर्माण करते हैं।
अध्ययन में क्या पाया गया
- बढ़ी हुई कार्बन भंडारण क्षमता: तेरह साल की अवधि में, बीवर-इंजीनियर्ड आर्द्रभूमियों में लगभग 1,200 टन कार्बन जमा हुआ। ये आर्द्रभूमियां तलछट (sediment) और जैविक पदार्थ (organic matter) को फंसाती हैं, जिससे कार्बन के बहाव (downstream transport) में कमी आती है और दीर्घकालिक रूप से दबे रहने के लिए अनुकूल परिस्थितियां मिलती हैं।
- नगण्य मीथेन उत्सर्जन: इस चिंता के बावजूद कि बाढ़ वाली आर्द्रभूमियां मीथेन का उत्सर्जन करती हैं, अध्ययन में पाया गया कि बीवर तालाबों से मीथेन उत्सर्जन संग्रहीत कार्बन की मात्रा की तुलना में न्यूनतम था।
- पारिस्थितिकी तंत्र इंजीनियरिंग: जल प्रवाह को धीमा करके, बीवर बांध नदी किनारे की आर्द्रभूमियों (riparian wetlands) का विस्तार करते हैं, जल प्रतिधारण (water retention) में सुधार करते हैं और जैव विविधता बढ़ाते हैं। ये परिवर्तन बहाव वाले क्षेत्रों में बाढ़ के चरम को भी कम करते हैं और तलछट को फंसाकर पानी की गुणवत्ता में सुधार करते हैं।
- जलवायु कार्रवाई की क्षमता: शोधकर्ताओं ने अनुमान लगाया कि बीवर को बहाल करने से स्विट्जरलैंड के वार्षिक कार्बन उत्सर्जन का 1.2-1.8 प्रतिशत ऑफसेट (offset) हो सकता है। उपयुक्त जलग्रहण क्षेत्रों (catchments) में उनके पुन: परिचय (reintroductions) को बढ़ाने से प्रकृति-आधारित जलवायु समाधान प्रदान किया जा सकता है।
बीवर के बारे में
- आदतें और निवास स्थान: बीवर गहरे तालाब बनाने के लिए बांध बनाते हैं जहां वे पानी के नीचे प्रवेश द्वार वाले लॉज बनाते हैं, जो उन्हें शिकारियों से बचाते हैं। वे रात में सबसे अधिक सक्रिय होते हैं और खतरे की चेतावनी देने के लिए पानी पर अपनी पूंछ पीटकर संवाद करते हैं।
- आहार: वे छाल (bark), टहनियाँ, जलीय पौधे और शाकीय वनस्पति खाते हैं। सर्दियों में वे पानी के नीचे जमा की गई शाखाओं पर निर्भर रहते हैं।
- जीवनकाल: जंगल में, बीवर आमतौर पर 10-12 साल तक जीवित रहते हैं और पारिवारिक समूहों में बच्चों (kits) को पालते हैं। किशोर बीवर (Juveniles) अलग होने से पहले दो साल तक अपने माता-पिता के साथ रहते हैं।
महत्व
- प्रकृति-आधारित कार्बन पृथक्करण (sequestration): जैव विविधता और जल सुरक्षा को बढ़ाते हुए कार्बन को लॉक करने के लिए बीवर का पुन: परिचय एक कम लागत वाली रणनीति है।
- बाढ़ और सूखे को कम करना: बीवर बांध अपवाह (runoff) को धीमा करते हैं और भूजल (groundwater) को रिचार्ज करते हैं, जिससे गीले मौसम में बाढ़ के चरम को कम करने और शुष्क अवधि के दौरान प्रवाह बनाए रखने में मदद मिलती है।
- पारिस्थितिकी तंत्र की बहाली: एक बार जब उन्हें फंसाया या शिकार किया जाता है, तो बीवर कई क्षेत्रों में वापसी कर रहे हैं। उनकी वापसी खराब हो चुके नदी किनारे के आवासों (riparian habitats) को पुनर्जीवित कर सकती है और जलवायु परिवर्तन के लिए लचीले परिदृश्यों का समर्थन कर सकती है।
स्रोत: University of Birmingham