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CCTNS प्रोजेक्ट: डिजिटल पुलिसिंग, NCRB की भूमिका और जीरो FIR

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समाचार में क्यों?

National Crime Records Bureau के एक आकलन ने छत्तीसगढ़ को 100 में से 64.97 अंक दिए। यह स्कोर इसके Crime and Criminal Tracking Network and Systems के प्रदर्शन से संबंधित था। इलेक्ट्रॉनिक रिपोर्ट, चार्जशीट और साक्ष्य प्रबंधन (evidence handling) में कमियाँ बनी रहीं। राज्य सरकार ने व्यापक डिजिटल-पुलिसिंग सुधार का आदेश दिया है।

पृष्ठभूमि

भारतीय पुलिस स्टेशन पारंपरिक रूप से पेपर रजिस्टर रखते थे, जिससे त्वरित अंतर-राज्यीय खोज मुश्किल हो जाती थी।

केंद्र सरकार ने 2009 में Crime and Criminal Tracking Network and Systems (CCTNS) परियोजना शुरू की।

यह परियोजना राज्यों और केंद्र सरकार द्वारा संयुक्त रूप से कार्यान्वित सामान्य सॉफ़्टवेयर के माध्यम से पुलिस स्टेशनों को जोड़ती है।

National Crime Records Bureau (NCRB) गृह मंत्रालय के अधीन नोडल एजेंसी है।

CCTNS क्या करने का प्रयास करता है?

  • यह पुलिस रिकॉर्ड को डिजिटल बनाता है और महत्वपूर्ण रिपोर्टिंग प्रारूपों (formats) का मानकीकरण करता है।
  • यह अपराध जांच और राज्य की सीमाओं के पार खोज का समर्थन करता है।
  • यह अधिकृत अधिकारियों को अपराध पैटर्न और आपराधिक नेटवर्क का विश्लेषण करने में मदद करता है।
  • यह अनुसंधान, योजना और साक्ष्य-आधारित पुलिसिंग नीतियों का समर्थन करता है।
  • यह सीधे नागरिकों को चुनिंदा पुलिस सेवाएं प्रदान करता है।

सूचना कैसे चलती है?

  1. एक पुलिस स्टेशन मानक डिजिटल फॉर्म के माध्यम से मामला दर्ज़ करता है।
  2. State data centre उस जानकारी को प्राप्त और संग्रहीत करता है।
  3. चुनिंदा डेटा को National Data Centre में दोहराया (replicated) जाता है।
  4. अधिकृत अधिकारी राष्ट्रीय अपराध और संपत्ति रिकॉर्ड खोज सकते हैं।
  5. अपडेट लगभग वास्तविक समय (near real time) में पूरे नेटवर्क पर उपलब्ध हो सकते हैं।

लगभग वास्तविक समय (Near real time) का मतलब त्वरित प्रसारण (instant transmission) नहीं है क्योंकि सत्यापन (validation), नेटवर्क और कर्मचारियों की कार्यप्रणालियां देरी पैदा कर सकती हैं।

महत्वपूर्ण राष्ट्रीय स्थिति

1 फ़रवरी 2026 तक, सभी 17,798 पुलिस स्टेशनों ने CCTNS का उपयोग किया और वे राष्ट्रीय डेटाबेस को खोज सकते थे।

छत्तीसगढ़ ने सभी 501 पुलिस स्टेशनों को जोड़ा, फिर भी पूर्ण कनेक्शन ने मज़बूत परिचालन प्रदर्शन की गारंटी नहीं दी।

महत्वपूर्ण अंतर: “Connected” यह दर्शाता है कि किसी स्टेशन के पास सिस्टम है। “Performance” यह दर्शाता है कि क्या कर्मचारी हर आवश्यक कार्य का सही ढंग से और तुरंत उपयोग करते हैं।

पुलिस और नागरिकों के लिए सेवाएं

पुलिस-पक्षीय कार्य (Police-side functions) नागरिक-उन्मुख कार्य (Citizen-facing functions)
अधिकारी अपराधों, आरोपी व्यक्तियों और चोरी की संपत्ति की खोज कर सकते हैं। नागरिक कुछ शिकायतें जमा और ट्रैक कर सकते हैं।
अन्वेषक (Investigators) विभिन्न स्थानों पर काम करने के तरीके (modus operandi) की तुलना कर सकते हैं। उपयोगकर्ता चुनिंदा लापता-व्यक्ति की जानकारी खोज सकते हैं।
स्वचालित अलर्ट अंतरराज्यीय आपराधिक लिंक (interstate criminal links) की पहचान कर सकते हैं। उपयोगकर्ता वाहन अनापत्ति प्रमाण पत्र (no-objection certificate) का अनुरोध कर सकते हैं।
डैशबोर्ड जांच की प्रगति और देरी की निगरानी कर सकते हैं। उपयोगकर्ता घोषित-अपराधी (proclaimed-offender) की चुनिंदा जानकारी देख सकते हैं।

CCTNS और व्यापक आपराधिक न्याय प्रणाली

CCTNS पुलिस स्तंभ (police pillar) को कवर करता है, जबकि आपराधिक मामलों में अदालतें, जेल, अभियोजक (prosecutors) और फोरेंसिक प्रयोगशालाएं भी शामिल होती हैं।

Inter-Operable Criminal Justice System (ICJS) एक “एक डेटा, एक बार प्रविष्टि (one data, once entry)” दृष्टिकोण के माध्यम से इन स्तंभों को जोड़ता है।

  • पुलिस: CCTNS में पुलिस केस और जांच की जानकारी होती है।
  • अदालतें: e-Courts प्रासंगिक न्यायिक केस की जानकारी प्रदान करता है।
  • जेल: e-Prisons कैदी और जेल रिकॉर्ड का प्रबंधन करता है।
  • फोरेंसिक्स: e-Forensic प्रयोगशाला के मामलों और रिपोर्टों को ट्रैक करता है।
  • अभियोजन: e-Prosecution लोक अभियोजकों और मुकदमे की तैयारी का समर्थन करता है।

इंटरोऑपरेबिलिटी (Interoperability) हर अधिकारी को हर रिकॉर्ड तक पहुंच दिए बिना अधिकृत डेटा एक्सचेंज को सक्षम बनाती है।

छत्तीसगढ़ की तुलना कैसे हुई?

राज्य 100 में से रिपोर्ट किया गया स्कोर
उत्तराखंड (Uttarakhand) 93.46
हरियाणा (Haryana) 93.41
असम (Assam) 93.16
सिक्किम (Sikkim) 91.82
मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) 90.55
छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) 64.97

उत्तराखंड रिपोर्ट किए गए राज्यों में सबसे आगे रहा, जबकि छत्तीसगढ़ ने प्रशासनिक सुधारों और अपने मेडिको-लीगल पोर्टल के लिए पूर्ण अंक प्राप्त किए।

मुख्य कमियां कहां थीं?

  • Zero First Information Report: कोई भी पुलिस स्टेशन अधिकार क्षेत्र (jurisdiction) की परवाह किए बिना पहले इसे दर्ज़ कर सकता है।
  • Electronic First Information Report: रिपोर्ट अधिकृत डिजिटल वर्कफ़्लो में प्रवेश करती है।
  • Electronic chargesheet: पुलिस जांच की अंतिम रिपोर्ट डिजिटल रूप से अदालत में जमा करती है।
  • Electronic evidence: डिजिटल संग्रह को प्रामाणिकता (authenticity), निरंतरता और ऑडिट ट्रेल (audit trails) को बनाए रखना चाहिए।
  • समयबद्धता: कुछ चार्जशीट साठ या नब्बे दिन की जांच अवधि (investigation periods) से चूक गईं।
  • Nyaya Shruti: गवाहों के साक्ष्य के लिए प्रस्तावित वीडियो प्रणाली अधूरी रही।
Zero FIR स्पष्टीकरण: “Zero” एक अस्थायी सीरियल नंबर है, कोई कमज़ोर शिकायत नहीं। केस प्राप्त करने वाला स्टेशन बाद में केस को सक्षम स्टेशन को स्थानांतरित कर देता है।

मज़बूत एकीकरण (integration) के लिए नियोजित प्रणालियाँ

e-Sakshya समय, स्थान और अधिकृत-उपयोगकर्ता रिकॉर्ड को संरक्षित करते हुए इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य प्रबंधन (electronic evidence handling) का समर्थन करता है।

Medico Legal Examination and Post Mortem Reporting System (MedLEaPR) सुरक्षित रूप से मानकीकृत रिपोर्ट (standardised reports) प्रदान करता है।

राज्य ने बार-बार प्रविष्टि (repeated entry) और मैन्युअल हस्तांतरण (manual transfer) को कम करने के लिए e-Forensic, e-Prisons और अदालतों के साथ लिंक की समीक्षा की।

समीक्षा में इलेक्ट्रॉनिक चालान (electronic challans) और चार्जशीट के पूर्ण उपयोग की भी मांग की गई।

लाभ और सुरक्षा उपाय

  • तेज़ खोज कई ज़िलों या राज्यों से जुड़ी जांच में सुधार कर सकती है।
  • मानक रिकॉर्ड वर्तनी (spelling), प्रारूप और दोहराव की त्रुटियों को कम कर सकते हैं।
  • ऑडिट ट्रेल (Audit trails) यह दिखा सकते हैं कि किसने जानकारी बनाई, देखी या बदली।
  • नागरिक पोर्टल पुलिस स्टेशनों के अनावश्यक दौरों को कम कर सकते हैं।
  • मज़बूत एक्सेस नियंत्रण (access controls) को पीड़ितों, गवाहों और व्यक्तिगत जानकारी की रक्षा करनी चाहिए।
  • मानवीय समीक्षा आवश्यक बनी हुई জ্ঞोंकि डेटाबेस मिलान गलत हो सकते हैं।

निष्कर्ष

CCTNS राष्ट्रीय बुनियादी ढांचा है, लेकिन प्रशिक्षण, डेटा की गुणवत्ता और सुरक्षित दैनिक उपयोग इसके वास्तविक पुलिसिंग मूल्य को निर्धारित करते हैं।

स्रोत

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