समाचार में क्यों?
भारत ने Chenab River के बढ़ते प्रवाह के माध्यम से जानबूझकर बाढ़ (deliberate flooding) का आरोप लगाने वाली रिपोर्टों को खारिज कर दिया। सरकार ने 20–23 July 2026 के दौरान भीषण मानसूनी वर्षा (intense monsoon rainfall) को इस वृद्धि का कारण बताया। Jammu और आस-पास के ऊपरी जलग्रहण क्षेत्रों (upper catchments) में बारिश हुई। Pakistan की अपनी बाढ़ सलाह (flood advisory) ने भी उच्च प्रवाह को भारी बारिश से जोड़ा था।
पृष्ठभूमि
Chenab व्यापक सिंधु नदी प्रणाली (Indus River system) के भीतर एक महत्वपूर्ण पश्चिमी हिमालयी सहायक नदी (western Himalayan tributary) है।
इसके ऊपरी मार्ग को Chandrabhaga कहा जाता है, जो इसकी Chandra और Bhaga धाराओं (headstreams) के नाम को जोड़ता है।
ये धाराएँ Baralacha La के पास उठती हैं और हिमाचल प्रदेश (Himachal Pradesh) के उच्च लाहौल (Lahaul) क्षेत्र में Tandi में मिलती हैं।
हिमालय (Himalayas) से सिंधु (Indus) तक की यात्रा
- Chandra और Bhaga धाराएँ Baralacha La के पास शुरू होती हैं।
- वे Himachal Pradesh के भीतर Tandi में मिलती हैं।
- संयुक्त नदी Lahaul और दूरस्थ Pangi घाटी को पार करती है।
- यह Paddar के पास Jammu and Kashmir के केंद्र शासित प्रदेश में प्रवेश करती है।
- यह Kishtwar, Doda, Ramban, Reasi और Akhnoor क्षेत्रों से होकर बहती है।
- नदी फिर Jammu के मैदानों के पास Pakistan में प्रवेश करती है।
- Jhelum पाकिस्तानी पंजाब (Pakistani Punjab) में Trimmu के पास Chenab में मिलती है।
- Chenab बाद में Sutlej में मिल जाती है और Panjnad बनाती है।
- Panjnad अंततः Mithankot के पास सिंधु (Indus) में प्रवेश करती है।
भारत में महत्वपूर्ण सहायक नदियाँ (Important tributaries)
- Marusudar भारतीय खंड (Indian section) में सबसे बड़ी महत्वपूर्ण सहायक नदी है।
- Miyar Nallah हिमाचल प्रदेश (Himachal Pradesh) के भीतर दाईं ओर से जुड़ता है।
- Tawi जम्मू (Jammu) से होकर बहने के बाद Chenab में मिल जाती है।
- छोटी सहायक नदियों में Niru, Kalnai, Ans और Bichleri शामिल हैं।
Tandi से Akhnoor तक 410-kilometre भारतीय मार्ग गहरी घाटियाँ (deep gorges) और काफी जलविद्युत क्षमता (hydropower potential) बनाता है।
प्रमुख जलविद्युत परियोजनाएं
| परियोजना (Project) | स्थान या नदी कनेक्शन | व्यापक स्थिति |
|---|---|---|
| Salal | यह Reasi जिले में Chenab पर है। | यह एक चालू परियोजना (operating project) है। |
| Baglihar | यह Ramban जिले में Chenab पर है। | यह एक चालू परियोजना (operating project) है। |
| Dul Hasti | यह Kishtwar जिले में Chenab पर है। | यह एक चालू परियोजना (operating project) है। |
| Ratle | यह Drabshalla के पास Chenab पर है। | यह 2026 के दौरान निर्माणाधीन (under construction) थी। |
| Kiru और Kwar | दोनों Kishtwar जिले के भीतर Chenab का उपयोग करते हैं। | दोनों 2026 के दौरान विकास (under development) के अधीन थे। |
| Pakal Dul | यह Chenab की एक सहायक नदी, Marusudar पर स्थित है। | यह 2026 के दौरान विकास (under development) के अधीन थी। |
भारी बारिश से Chenab का प्रवाह तेजी से कैसे बढ़ सकता है?
एक जलग्रहण (catchment) वह पूर्ण भूमि क्षेत्र है जिसकी वर्षा एक जुड़ी हुई नदी प्रणाली (connected river system) की ओर बहती है।
कई ऊपरी ढलानों पर बारिश विभिन्न गति से पहाड़ की धाराओं (mountain streams) और बड़ी सहायक नदियों (tributaries) में प्रवेश करती है।
पहले से ही संतृप्त (saturated) जमीन कम अतिरिक्त पानी को अवशोषित करती है, जिससे नदी के चैनलों में तेजी से सतह का प्रवाह (surface runoff) बढ़ जाता है।
खड़ी हिमालयी घाटियाँ (Steep Himalayan valleys) इस रनऑफ को जल्दी से मुख्य नदी तक पहुँचा सकती हैं।
परिणामी बाढ़ की लहर (flood wave) फिर भारतीय क्षेत्र (Indian territory) और पाकिस्तान के भीतर कई निगरानी बिंदुओं के माध्यम से डाउनस्ट्रीम जाती है।
इसलिए, संपूर्ण ऊपरी जलग्रहण क्षेत्र (entire upper catchment) पर वर्षा की स्थिति एक अलग स्थानीय बौछार (isolated local shower) से कहीं अधिक मायने रखती है।
जुलाई 2026 के दौरान क्या हुआ?
20 और 23 July के बीच Jammu और आस-पास के जलग्रहण क्षेत्रों में भीषण बारिश हुई।
बढ़ा हुआ नदी का प्रवाह फिर Marala और अन्य महत्वपूर्ण पाकिस्तानी निगरानी स्टेशनों (monitoring stations) की ओर डाउनस्ट्रीम चला गया।
Pakistan के Flood Forecasting Division ने उच्च प्रवाह को ऊपरी जलग्रहण (upper-catchment) वर्षा से जोड़ा।
भारत ने जानबूझकर बाढ़ (deliberate flooding) के आरोपों को खारिज करते हुए उस सलाह का हवाला दिया।
Indus Waters Treaty पृष्ठभूमि
भारत और पाकिस्तान ने World Bank द्वारा समर्थित वार्ता (negotiations) के बाद 1960 Indus Waters Treaty पर हस्ताक्षर किए।
संधि व्यापक रूप से सिंधु प्रणाली (Indus system) की छह प्रमुख नदियों को पूर्वी और पश्चिमी समूहों में विभाजित करती है।
| समूह (Group) | नदियाँ (Rivers) | व्यापक आवंटन (Broad allocation) |
|---|---|---|
| पूर्वी नदियाँ (Eastern rivers) | Ravi, Beas और Sutlej | भारत को संक्रमण प्रावधानों (transition provisions) के अधीन अप्रतिबंधित उपयोग (unrestricted use) प्राप्त है। |
| पश्चिमी नदियाँ (Western rivers) | Indus, Jhelum और Chenab | पाकिस्तान को निर्दिष्ट भारतीय उपयोगों (specified Indian uses) के अधीन अप्रतिबंधित उपयोग प्राप्त है। |
यह संधि भारत को तीन निर्दिष्ट पश्चिमी नदियों (western rivers) पर कुछ घरेलू, कृषि और गैर-उपभोगी (non-consumptive) उपयोगों की अनुमति देती है।
यह विस्तृत डिजाइन स्थितियों के तहत रन-ऑफ-रिवर जलविद्युत (run-of-river hydropower) की भी अनुमति देता है।
एक द्विपक्षीय (bilateral) Permanent Indus Commission आम तौर पर तकनीकी सहयोग, नियमित बैठकों और निरंतर सूचना आदान-प्रदान (information exchange) का समर्थन करता है।
वर्तमान संधि की स्थिति क्या है?
भारत ने April 2025 के Pahalgam हमले के बाद संधि को स्थगित (abeyance) कर दिया था और July 2026 के दौरान उस स्थिति को बनाए रखा।
इस वर्तमान राजनीतिक स्थिति को संधि के मूल आवंटन नियमों (original allocation rules) से अलग किया जाना चाहिए।
निष्कर्ष
Chenab अंतर्राष्ट्रीय संबंधों के साथ हिमालयी जल विज्ञान (Himalayan hydrology) को जोड़ती है, जिससे हर बाढ़ के मौसम के दौरान पारदर्शी डेटा (transparent data) महत्वपूर्ण हो जाता है।