चर्चा में क्यों?
तमिलनाडु के वनस्पति विज्ञानियों (Botanists) ने सिरुमलाई श्रेणी (Sirumalai range) में संजीवनी पहाड़ी (Sanjeevi Hill) के पवित्र जंगल से अंगूर परिवार की एक नई प्रजाति, Cyphostemma annamalaii का वर्णन किया है। यह प्रजाति भारत की वानस्पतिक विविधता को बढ़ाती है और अर्ध-सदाबहार (semi-evergreen) पहाड़ी जंगलों के संरक्षण के महत्व पर प्रकाश डालती है।
पृष्ठभूमि
Cyphostemma जीनस (परिवार विटेसी - Vitaceae) में मुख्य रूप से अफ्रीका और एशिया के कुछ हिस्सों में पाई जाने वाली चढ़ाई करने वाली या स्कैंडेंट झाड़ियाँ (scandent shrubs) शामिल हैं। खोजी गई नई प्रजाति का नाम अन्नामलाई विश्वविद्यालय (Annamalai University) के नाम पर रखा गया है, जिसके वनस्पति विज्ञानियों ने अध्ययन में सहयोग किया था। शोधकर्ताओं ने इस पौधे को लगभग 900 मीटर की ऊंचाई पर संजीवनी पहाड़ी की चट्टानी ढलानों पर उगते हुए पाया। पौधे में ट्राइफोलियोलेट पत्तियाँ (trifoliolate leaves - तीन पत्रकों में विभाजित पत्ती), छोटे हरे-सफेद फूल और विशिष्ट गोल पीली जामुन (berries) होती हैं। Cyphostemma setosum जैसी संबंधित प्रजातियों के साथ विस्तृत तुलना ने पुष्टि की कि यह एक अद्वितीय टैक्सन (taxon) का प्रतिनिधित्व करता है।
विशेषताएं और महत्व
- पत्ती और फूल के लक्षण: प्रत्येक पत्ती में तीन पत्रक (leaflets) होते हैं जिसमें अंतिम पत्रक पार्श्व पत्रकों से छोटा होता है। पंखुड़ियाँ निचले आधे हिस्से पर हरे-सफेद और ऊपर लाल-भूरे रंग की होती हैं, जो तारे के आकार के फूल बनाती हैं।
- फल: पौधा गोलाकार पीले जामुन (berries) पैदा करता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इसके फलों को पक्षियों और छोटे स्तनधारियों (mammals) द्वारा खाया जाता है।
- आवास: यह शुष्क सदाबहार और मिश्रित पर्णपाती (deciduous) जंगलों के बीच उगता है। इसकी खोज पूर्वी घाटों (Eastern Ghats) की समृद्ध लेकिन कम अध्ययन वाली विविधता को रेखांकित करती है।
- संरक्षण मूल्य: नई प्रजातियों का दस्तावेजीकरण करने से वैज्ञानिकों को पारिस्थितिकी तंत्र (ecosystem) के स्वास्थ्य का आकलन करने और संरक्षण क्षेत्रों को प्राथमिकता देने में मदद मिलती है। शोधकर्ताओं ने पौधे के फाइटोकेमिकल्स और संभावित औषधीय गुणों की जांच करने की योजना बनाई है।