चर्चा में क्यों?
फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (Financial Action Task Force - FATF) ने फरवरी 2026 में अपनी सार्वजनिक सूचियों (public lists) में अपडेट जारी किया। डेमोक्रेटिक पीपुल्स रिपब्लिक ऑफ कोरिया (Democratic People’s Republic of Korea), ईरान (Iran) और म्यांमार (Myanmar) उच्च जोखिम वाली (काली) सूची (high-risk (black) list) में बने रहे, और 22 देशों को बढ़ी हुई निगरानी (increased monitoring) के तहत रखा गया। भारत FATF द्वारा अपने अगले पारस्परिक मूल्यांकन (mutual evaluation) की तैयारी कर रहा है।
पृष्ठभूमि
FATF एक अंतर सरकारी निकाय (intergovernmental body) है जिसका गठन 1989 में G7 द्वारा मनी लॉन्ड्रिंग (money laundering), आतंकवादी वित्तपोषण (terrorist financing) और प्रसार वित्तपोषण (proliferation financing) का मुकाबला करने के लिए किया गया था। यह अपनी 40 सिफारिशों (recommendations) के माध्यम से वैश्विक मानक (global standards) निर्धारित करता है और सहकर्मी समीक्षाओं (peer reviews) के माध्यम से अनुपालन (compliance) का मूल्यांकन करता है। सचिवालय (secretariat) को पेरिस में आर्थिक सहयोग और विकास संगठन (Organisation for Economic Co-operation and Development - OECD) द्वारा होस्ट किया जाता है।
सदस्यता और संगठन
- सदस्य (Members): FATF में 39 सदस्य हैं - 37 क्षेत्राधिकार (jurisdictions) और दो क्षेत्रीय संगठन (खाड़ी सहयोग परिषद (Gulf Co-operation Council) और यूरोपीय आयोग (European Commission))।
- भारत की भागीदारी: भारत 2010 में FATF में शामिल हुआ और मनी लॉन्ड्रिंग पर एशिया पैसिफिक ग्रुप (Asia Pacific Group) और यूरेशियन ग्रुप (Eurasian Group) का भी हिस्सा है।
- वैश्विक नेटवर्क (Global network): एशिया/प्रशांत समूह और मध्य पूर्व और उत्तरी अफ्रीका (Middle East and North Africa) FATF सहित नौ क्षेत्रीय निकाय यह सुनिश्चित करते हैं कि मानकों को दुनिया भर में लागू किया जाए। सदस्य देश अपने एंटी-मनी लॉन्ड्रिंग और आतंकवाद-रोधी वित्तपोषण (counter-terrorist financing) ढांचे (frameworks) की प्रभावशीलता (effectiveness) का आकलन करने के लिए पारस्परिक मूल्यांकन (mutual evaluations) से गुजरते हैं।
सूचियां और निगरानी (Lists and monitoring)
- उच्च जोखिम वाले अधिकार क्षेत्र (काली सूची): अपने शासन (regimes) में गंभीर रणनीतिक कमियों (strategic deficiencies) वाले देशों को काली सूची (black list) में रखा गया है। फरवरी 2026 तक इस सूची में डेमोक्रेटिक पीपुल्स रिपब्लिक ऑफ कोरिया, ईरान और म्यांमार शामिल हैं। FATF सदस्यों से इन देशों के साथ काम करते समय बढ़ी हुई उचित सावधानी (enhanced due diligence) और प्रतिवाद (countermeasures) लागू करने का आह्वान करता है।
- बढ़ी हुई निगरानी के तहत अधिकार क्षेत्र (ग्रे सूची): ये देश पहचानी गई कमियों (deficiencies) को दूर करने के लिए FATF के साथ काम करते हैं। फरवरी 2026 के अपडेट में केन्या (Kenya), लेबनान (Lebanon), नेपाल (Nepal), नामीबिया (Namibia) और वियतनाम (Vietnam) सहित 22 देशों को सूचीबद्ध किया गया है। ग्रे-सूचीबद्ध (Grey-listed) देशों को सहमत समय सीमा के भीतर कार्य योजना (action plans) को लागू करना चाहिए और वे बढ़ी हुई निगरानी (increased oversight) के अधीन हैं।
- पारस्परिक मूल्यांकन (Mutual evaluations): सदस्य पारस्परिक मूल्यांकन नामक सहकर्मी समीक्षाओं से गुजरते हैं। भारत का पिछला मूल्यांकन 2010 में पूरा हुआ था, और अगला 2026-27 के लिए निर्धारित है।
निष्कर्ष
FATF अंतरराष्ट्रीय वित्तीय प्रणाली (international financial system) की सुरक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। मानक निर्धारित करके और अनुपालन की निगरानी करके, यह देशों को मनी लॉन्ड्रिंग और आतंकवादी वित्तपोषण (terrorist financing) को रोकने में मदद करता है। भारत का आगामी मूल्यांकन (upcoming evaluation) इसके नियामक ढांचे (regulatory framework) को मजबूत करने और वैश्विक विश्वास (global confidence) बढ़ाने का एक अवसर है।