चर्चा में क्यों?
जियोलॉजिकल सर्वे ऑफ नॉर्दर्न आयरलैंड (Geological Survey of Northern Ireland) और ब्रिटिश जियोलॉजिकल सर्वे (British Geological Survey) के वैज्ञानिकों ने बताया है कि जायंट्स कॉज़वे (Giant’s Causeway) के बेसाल्ट कॉलम (basalt columns) लगभग 5.5 मिलियन वर्षों में बने हैं। यह खोज पहले से स्वीकृत निर्माण समय को लगभग 8 मिलियन वर्ष कम कर देती है।
पृष्ठभूमि
उत्तरी आयरलैंड में जायंट्स कॉज़वे एक यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल (UNESCO World Heritage site) है जो अपने 40,000 इंटरलॉकिंग बेसाल्ट कॉलम के लिए जाना जाता है। ये षट्कोणीय (hexagonal) स्तंभ पिघले हुए लावा के ठंडे होने और सिकुड़ने पर बने थे। पिछले अध्ययनों ने सुझाव दिया था कि ज्वालामुखी गतिविधि 13 मिलियन वर्षों तक चली थी। रेडियोएक्टिव डिके (radioactive decay) का उपयोग करने वाली नई जियोक्रोनोलॉजिकल (geochronological) तकनीकें बताती हैं कि विस्फोट लगभग 60 मिलियन वर्ष पहले एक छोटी अवधि में हुए थे। ये लावा प्रवाह व्यापक नॉर्थ अटलांटिक इग्नियस प्रोविंस (North Atlantic Igneous Province) का हिस्सा थे जो उत्तरी अटलांटिक महासागर (North Atlantic Ocean) के खुलने से जुड़े थे।
मुख्य बिंदु
- नया अध्ययन इंगित करता है कि एंट्रीम लावा पठार (Antrim lava plateau) लगभग 5.5 मिलियन वर्षों में ज्वालामुखीय विस्फोटों की एक श्रृंखला में बना था।
- यह छोटी समयावधि उत्तरी आयरलैंड के ज्वालामुखी इतिहास को ग्रीनलैंड और स्कॉटलैंड में ज्वालामुखी की घटनाओं के साथ जोड़ती है।
- सटीक समय को समझना भूवैज्ञानिकों को इस स्थल के निर्माण को वैश्विक विवर्तनिक प्रक्रियाओं (global tectonic processes) से जोड़ने में मदद करता है।
- शोध से पता चलता है कि मोटे लावा प्रवाह के ठंडे होने और टूटने से प्रसिद्ध स्तंभ तेजी से बने थे।
- बेहतर डेटिंग तकनीकें इस बात की हमारी समझ को परिष्कृत करती हैं कि बड़े ज्वालामुखीय क्षेत्र (volcanic provinces) कैसे विकसित होते हैं।
निष्कर्ष
जायंट्स कॉज़वे न केवल एक प्राकृतिक आश्चर्य है बल्कि एक भूवैज्ञानिक पुरालेख (geological archive) भी है। नई समयावधि पृथ्वी के ज्वालामुखीय अतीत की अंतर्दृष्टि प्रदान करती है और उत्तरी आयरलैंड के बेसाल्ट संरचनाओं को वैश्विक विवर्तनिक घटनाओं से जोड़ती है। इस तरह का शोध साइट और इसके वैज्ञानिक मूल्य के प्रति हमारी सराहना को समृद्ध करता है।