चर्चा में क्यों?
जून 2026 में, ऊटी (Ooty) में GRAPES-3 कॉस्मिक रे टेलीस्कोप (GRAPES-3 cosmic ray telescope) का संचालन करने वाले वैज्ञानिकों ने लगभग 166 टेराइलेक्ट्रॉनवोल्ट (teraelectronvolts) पर प्रोटॉन (protons) के ऊर्जा स्पेक्ट्रम (energy spectrum) में एक नई विशेषता की सूचना दी। यह "किंक" (kink) या ढलान में बदलाव हमारी आकाशगंगा में ब्रह्मांडीय किरणों (cosmic rays) की उत्पत्ति और त्वरण (acceleration) के बारे में सुराग प्रदान करता है। यह खोज स्वदेशी उपकरणों (home-grown instrumentation) का उपयोग करके विश्व स्तरीय अवलोकन (world-class observations) करने की भारतीय वैज्ञानिकों की क्षमता को दर्शाती है।
पृष्ठभूमि
GRAPES-3 (Gamma Ray Astronomy PeV EnergieS phase-3) एक ग्राउंड-आधारित वेधशाला (ground-based observatory) है जो ऊटी, तमिलनाडु में 2,200 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है। इसे जापानी और अंतर्राष्ट्रीय भागीदारों के सहयोग से टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ फंडामेंटल रिसर्च (TIFR) द्वारा विकसित किया गया था। इस ऐरे (array) में 25,000 वर्ग मीटर क्षेत्र में फैले 400 से अधिक प्लास्टिक सिंटिलेटर डिटेक्टर (plastic scintillator detectors) और एक 560-वर्ग-मीटर का म्यूऑन डिटेक्टर (muon detector) शामिल है। जब उच्च-ऊर्जा वाली ब्रह्मांडीय किरणें पृथ्वी के वायुमंडल से टकराती हैं, तो यह उत्पन्न होने वाली पार्टिकल शावर (particle showers) को रिकॉर्ड करता है। 2000 में चालू होने के बाद से, GRAPES-3 ने ब्रह्मांडीय किरणों की ऊर्जा और संरचना को मापा है, सौर तूफानों (solar storms) का अध्ययन किया है और यहां तक कि आंधी-तूफान (thunderstorms) की निगरानी के लिए द्वितीयक कणों (secondary particles) का उपयोग किया है।
वैज्ञानिक उपलब्धियां
- सटीक स्पेक्ट्रम (Precise spectrum): वेधशाला ने 50 TeV से लेकर एक पेटाइलेक्ट्रॉनवोल्ट (petaelectronvolt) से अधिक तक प्रोटॉन, हीलियम और भारी नाभिकों के ऊर्जा स्पेक्ट्रम को मापा है।
- किंक की खोज (Discovery of kink): लगभग आठ मिलियन कॉस्मिक रे घटनाओं के विश्लेषण से 166 TeV के आसपास प्रोटॉन स्पेक्ट्रम में परिवर्तन का पता चला, जो विभिन्न त्वरण तंत्रों (acceleration mechanisms) के बीच संक्रमण का सुझाव देता है।
- अंतरिक्ष मौसम का अध्ययन (Space weather studies): GRAPES-3 अंतरिक्ष मौसम को प्रभावित करने वाले सौर फ्लेयर्स (solar flares) और अंतरग्रहीय झटके (interplanetary shocks) का अध्ययन करने के लिए ब्रह्मांडीय किरणों की तीव्रता में भिन्नता पर नज़र रखता है।
- आंधी-तूफान अनुसंधान (Thunderstorm research): म्यूऑन डिटेक्टर बिजली (lightning) से जुड़े कणों के फटने (bursts of particles) को दर्ज करता है, जिससे वैज्ञानिकों को आंधी-तूफान में उच्च-ऊर्जा प्रक्रियाओं को समझने में मदद मिलती है।
निष्कर्ष
GRAPES-3 प्रयोग खगोल भौतिकी (astrophysics) में भारत की बढ़ती क्षमता को प्रदर्शित करता है। कई डिटेक्टरों और परिष्कृत विश्लेषण के संयोजन से, यह ब्रह्मांडीय किरणों की सूक्ष्म विशेषताओं को उजागर करता है जो पहले केवल बड़ी वेधशालाओं के लिए ही सुलभ थीं। ऐसी सुविधाओं के लिए निरंतर समर्थन ब्रह्मांड के बारे में हमारी समझ को गहरा करेगा और युवा शोधकर्ताओं को प्रेरित करेगा。