चर्चा में क्यों?
हाल के एक अध्ययन से पता चला है कि भारत के पश्चिमी घाट (Western Ghats) की मूल प्रजाति ग्रीन पिल मिलीपीड (Green pill millipede - Arthrosphaera lutescens) में "कमल प्रभाव (lotus effect)" के समान एक प्राकृतिक स्व-सफाई सतह (natural self-cleaning surface) होती है। मिलीपीड का एक्सोस्केलेटन (exoskeleton) पानी की बूंदों को मोतियों के रूप में बनाकर और उन्हें लुढ़का कर गंदगी और रोगाणुओं (microbes) को बहा देता है, जिससे जानवर कीचड़ भरे आवासों में साफ रहता है।
पृष्ठभूमि
मिलीपीड (Millipedes) आर्थ्रोपोडा (Arthropoda) संघ के भीतर डिप्लोपोडा (Diplopoda) वर्ग से संबंधित हैं। उनके शरीर लंबे और बेलनाकार (cylindrical) होते हैं, जो कई खंडों (segments) से बने होते हैं, जिनमें से अधिकांश में दो जोड़ी पैर होते हैं। इनमें जहरीले नुकीले दांतों (venomous fangs) का अभाव होता है और ये धीरे-धीरे चलते हैं, मुख्य रूप से सड़ने वाले पौधे के सामग्री को खाते हैं। मिलीपीड मिट्टी में पोषक तत्वों का पुनर्चक्रण (recycling) करते हुए डीकंपोजर (decomposers) के रूप में महत्वपूर्ण पारिस्थितिक भूमिका निभाते हैं।
अध्ययन के मुख्य निष्कर्ष
- माइक्रोस्ट्रक्चर (Microstructure): परमाणु बल माइक्रोस्कोपी (atomic force microscopy) का उपयोग करते हुए, शोधकर्ताओं ने देखा कि मिलीपीड का एक्सोस्केलेटन सूक्ष्म चोटियों और घाटियों से ढका हुआ है। छोटे बालों जैसी परतें और एक मोमी (waxy) कोटिंग सतह को अत्यधिक जल-विकर्षक (water-repellent) बनाती है।
- कमल प्रभाव (Lotus effect): पानी की बूंदें खोल पर लगभग गोलाकार मोती बनाती हैं और गंदगी और रोगाणुओं को ले जाते हुए लुढ़क जाती हैं। यह घटना कमल के पत्तों पर देखे जाने वाले स्व-सफाई व्यवहार के समान है।
- सामग्री गुण (Material properties): खोल अपनी खनिज युक्त संरचना (mineral-rich composition) के कारण सख्त लेकिन हल्का होता है, जिसमें कैल्शियम जमा (calcium deposits) शामिल है। ये विशेषताएं मिलीपीड को वजन बढ़ाए बिना दबाव का सामना करने में मदद करती हैं।
- अनुप्रयोग (Applications): इस प्राकृतिक डिजाइन को समझना वस्त्र (textiles), कोटिंग्स (coatings) और बायोमेडिकल उपकरणों (biomedical devices) जैसे उद्योगों में स्व-सफाई, जल-विकर्षक सतहों के विकास को प्रेरित कर सकता है।
मिलीपीड के बारे में
- दुनिया भर में मिलीपीड की अनुमानित 10,000 वर्णित प्रजातियां हैं, जिनमें से हजारों को अभी सूचीबद्ध (catalogued) किया जाना बाकी है।
- सेंटीपीड (centipedes) के विपरीत, जिनमें प्रति खंड एक जोड़ी पैर होते हैं और शिकारी (predatory) होते हैं, मिलीपीड में प्रति खंड दो जोड़ी पैर होते हैं और वे ज्यादातर डेट्रिटिवोर (detritivores - सड़े हुए पदार्थ खाने वाले) होते हैं।
- वे 400 मिलियन से अधिक वर्षों से अस्तित्व में हैं और सबसे पुराने ज्ञात भूमि जानवरों में से हैं। उनका कठोर एक्सोस्केलेटन उन्हें शिकारियों से बचाता है और निर्जलीकरण (dehydration) को रोकता है।
- खतरा होने पर, मिलीपीड एक तंग सर्पिल (tight spiral) में कुंडलित हो जाते हैं और बचाव के रूप में दुर्गंधयुक्त रसायन (foul-smelling chemicals) या, कुछ प्रजातियों में, साइनाइड युक्त तरल पदार्थ (cyanide-rich fluids) स्रावित (secrete) कर सकते हैं।
स्रोत: The New Indian Express · Macalester College