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Hutchinson-Gilford Progeria Syndrome: प्रोजेरिनिन दवा और LMNA जीन

Hutchinson-Gilford Progeria Syndrome: प्रोजेरिनिन दवा और LMNA जीन

चर्चा में क्यों?

एक बायोटेक्नोलॉजी कंपनी, PRG S&T ने हाल ही में हचिंसन-गिल्फोर्ड प्रोजेरिया सिंड्रोम (Hutchinson-Gilford Progeria Syndrome - HGPS) के इलाज के लिए फर्स्ट-इन-क्लास ड्रग कैंडिडेट प्रोजेरिनिन (Progerinin) विकसित करने और व्यावसायीकरण (commercialise) करने के लिए सेंटिनल थेरेप्यूटिक्स (ज़ाइडस ग्रुप की एक कंपनी) के साथ एक लाइसेंसिंग समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। मार्च 2026 में घोषित यह समझौता इस अति-दुर्लभ (ultra-rare) आनुवंशिक विकार वाले रोगियों के लिए आशा लेकर आया है।

पृष्ठभूमि

हचिंसन-गिल्फोर्ड प्रोजेरिया सिंड्रोम एक दुर्लभ आनुवंशिक बीमारी है जिसके कारण बच्चे तेजी से बूढ़े होने लगते हैं। यह LMNA जीन में उत्परिवर्तन (mutation) के कारण होता है, जो प्रोजेरिन (progerin) नामक एक असामान्य प्रोटीन के उत्पादन की ओर जाता है। प्रोजेरिन कोशिका केंद्रक (cell nucleus) के संरचनात्मक समर्थन को नुकसान पहुंचाता है, जिससे बालों का झड़ना, झुर्रीदार त्वचा, जोड़ों की जकड़न और चोंच जैसी नाक (beaked nose) जैसी विशेषताएं पैदा होती हैं। लक्षण आमतौर पर जीवन के पहले दो वर्षों में दिखाई देते हैं, और प्रभावित बच्चों की औसत जीवन प्रत्याशा लगभग 14½ वर्ष होती है। यह स्थिति विरासत में नहीं मिलती है; यह आमतौर पर गर्भाधान (conception) के दौरान एक नए उत्परिवर्तन से उत्पन्न होती है। वर्तमान में इसका कोई इलाज नहीं है, हालांकि दवा लोनाफर्निब (Lonafarnib) रोग की प्रगति को धीमा कर सकती है और कुछ वर्षों तक जीवन को बढ़ा सकती है।

प्रोजेरिनिन और हालिया घटनाक्रम

  • कार्य-प्रणाली (Mechanism of action): प्रोजेरिनिन को विषाक्त (toxic) प्रोजेरिन प्रोटीन के स्तर को कम करने और परमाणु आवरण (nuclear envelope) की सामान्य संरचना को बहाल करने के लिए डिज़ाइन किया गया है। माउस मॉडल (mouse models) पर प्री-क्लिनिकल परीक्षणों में, इसने औसत जीवित रहने के समय को 16.8 सप्ताह से बढ़ाकर लगभग 25.2 सप्ताह कर दिया।
  • नियामक पदनाम (Regulatory designations): दवा को नियामकों से दुर्लभ बाल चिकित्सा रोग (Rare Pediatric Disease) और अनाथ दवा (Orphan Drug) पदनाम प्राप्त हुए हैं, जो अल्पसेवित रोगी समूह के लिए इसकी क्षमता का संकेत देते हैं।
  • नैदानिक ​​परीक्षण (Clinical trials): चरण 2ए परीक्षण जनवरी 2025 में शुरू हुए, और मार्च 2026 तक खुराक पूरी होने की उम्मीद थी। लाइसेंसिंग सौदा सेंटिनल को सफल परीक्षणों के बाद विश्व स्तर पर दवा का व्यावसायीकरण करने की अनुमति देता है।

महत्व

प्रोजेरिया दुनिया भर में 18 मिलियन लोगों में से 1 को प्रभावित करता है, और इसके विकल्प बेहद सीमित हैं। प्रोजेरिनिन का विकास लक्षणों को प्रबंधित करने के बजाय बीमारी के मूल कारण को लक्षित करके अधिक प्रभावी चिकित्सा प्रदान कर सकता है। यदि सफल होता है, तो यह जीवन की गुणवत्ता में सुधार कर सकता है और एचजीपीएस वाले बच्चों के लिए जीवित रहने की अवधि बढ़ा सकता है।

स्रोत: News Bytes

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