पर्यावरण

Ingerana occidens: मेघालय में नई Trickle Frog प्रजाति

Ingerana occidens: मेघालय में नई Trickle Frog प्रजाति

समाचार में क्यों?

वैज्ञानिकों ने Ingerana occidens नामक एक नई मेंढक प्रजाति का वर्णन किया है, जिसे आम तौर पर वेस्टर्न ट्रिकल फ्रॉग (western trickle frog) कहा जाता है। यह प्रजाति मेघालय की गारो और खासी पहाड़ियों (Garo and Khasi Hills) में पाई गई थी। इसकी खोज जून 2026 में प्रकाशित हुई थी और यह दर्शाती है कि अच्छी तरह से अध्ययन किए गए क्षेत्रों में भी नए उभयचर (amphibians) मिल सकते हैं。

पृष्ठभूमि

Ingerana जीनस के मेंढक दक्षिण और दक्षिण पूर्व एशिया में धाराओं में रहने वाले छोटे उभयचर हैं। अब तक केवल Ingerana borealis ही एकमात्र मान्यता प्राप्त भारतीय प्रजाति थी। ग्रिफिथ विश्वविद्यालय (Griffith University) के आर.एस. नवीन और उनके सहयोगियों ने Brahmaputra River के दक्षिण से नमूनों की तुलना नदी के उत्तर की आबादी के साथ की। उन्होंने आकृति विज्ञान (morphology) और माइटोकॉन्ड्रियल DNA अनुक्रमों (16S rRNA) का उपयोग किया और 18 प्रतिशत आनुवंशिक विचलन (genetic divergence) पाया। इस प्रकार Brahmaputra के दक्षिण के मेंढकों को एक नई प्रजाति के रूप में वर्णित किया गया और उनका नाम occidens रखा गया, जो लैटिन भाषा में 'पश्चिम' के लिए प्रयुक्त होता है。

विशेषताएं

  • आकार और रूप-रंग: वयस्क नर लगभग 21–23 मिलीमीटर के होते हैं, जबकि मादाएं 25–26 मिलीमीटर तक पहुंचती हैं। सिर लंबाई से अधिक चौड़ा होता है, और कर्णपटह (tympanum / ear drum) स्पष्ट होता है तथा बाहर की ओर उभरा होता है। पीठ की त्वचा चिकनी होती है जिस पर हल्की झुर्रियां होती हैं, और प्रत्येक तरफ एक गहरी धारी चलती है।
  • आवास और सीमा: यह प्रजाति मेघालय में वारी चोरा (Wari Chora) और मावलिननॉन्ग (Mawlynnong) के पास सदाबहार जंगलों में धीमी गति से बहने वाली धाराओं में पाई जाती है और बांग्लादेश में कॉक्स बाजार (Cox’s Bazar) जिले तक फैली हुई है। यह संभवतः Brahmaputra River के दक्षिण में I. borealis की जगह लेती है, जो एक जैवभौगोलिक बाधा (biogeographic barrier) के रूप में कार्य करती है।
  • महत्व: यह खोज उभयचरों में छिपी विविधता को उजागर करती है। यह दिखाती है कि बड़ी नदियों जैसी भौगोलिक विशेषताएं नई प्रजातियों के निर्माण (speciation) को बढ़ावा दे सकती हैं। जंगल की धाराओं की रक्षा करने से इन छोटे मेंढकों और उन पर निर्भर जीवों को लाभ होगा।

निष्कर्ष

Ingerana occidens मेघालय में जैव विविधता की हमारी समझ को व्यापक बनाता है। यह खोज संयुक्त रूपात्मक (morphological) और आनुवंशिक अध्ययन के महत्व को रेखांकित करती है। संरक्षण प्रयासों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि जंगल की धाराएं अक्षुण्ण रहें ताकि इन गूढ़ प्रजातियों (cryptic species) के बारे में अध्ययन करने से पहले ही वे गायब न हो जाएं。

स्रोत

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