समाचार में क्यों?
भारतीय नौसेना (Indian Navy) की पनडुब्बी आईएनएस सिंधुकेसरी (INS Sindhukesari) ने 3 मई 2026 को कोलंबो (Colombo) की परिचालन टर्नअराउंड (operational turnaround) यात्रा की। श्रीलंका की नौसेना (Sri Lanka's Navy) ने नियमित रसद सहायता (routine logistics support) और समुद्री सहयोग (maritime cooperation) के हिस्से के रूप में पनडुब्बी का स्वागत किया। यह यात्रा अप्रैल में आयोजित एक संयुक्त गोताखोरी अभ्यास (joint diving exercise) के बाद हुई और दोनों देशों के बीच गहरे नौसैनिक संबंधों (deepening naval ties) को प्रदर्शित किया।
पृष्ठभूमि
आईएनएस सिंधुकेसरी (हल नंबर S60) सिंधुघोष वर्ग (किलो वर्ग) [Sindhughosh class (Kilo class)] की एक डीजल-इलेक्ट्रिक पनडुब्बी (diesel-electric submarine) है। रूस द्वारा निर्मित और 1988 में चालू (commissioned), यह सतह पर लगभग 2,300 टन और जलमग्न (submerged) होने पर 3,000 टन से अधिक विस्थापित (displaces) करती है। पोत (vessel) 72.6 मीटर लंबा है और इसका बीम (beam) 9.9 मीटर है। इसमें छह जलरोधी डिब्बों (watertight compartments) के साथ एक डबल-हल डिजाइन (double-hull design) और सोनार (sonar) पहचान को कम करने के लिए एनेकोइक टाइलें (anechoic tiles) हैं। प्रणोदन (Propulsion) डीजल इंजन और इलेक्ट्रिक मोटर्स (electric motors) द्वारा संचालित एक शाफ्ट (single shaft) से आता है, जो जलमग्न होने पर 19 समुद्री मील (knots) तक की गति की अनुमति देता है। पनडुब्बी टॉरपीडो (torpedoes) और एंटी-शिप मिसाइलों (anti-ship missiles) को ले जाती है और यह स्ट्रेला-3 (Strela-3) सतह-से-हवा (surface-to-air) मिसाइल लांचर से सुसज्जित है। यह 52 के चालक दल (crew) के साथ समुद्र में लगभग 45 दिनों तक रह सकती है।
मुख्य बिंदु
- परिचालन टर्नअराउंड (Operational turnaround - OTR): एक OTR यात्रा एक युद्धपोत या पनडुब्बी को विस्तारित तैनाती (extended deployments) के दौरान ईंधन भरने (refuel), आपूर्ति की भरपाई (replenish supplies) करने और चालक दल को आराम प्रदान करने की अनुमति देती है। कोलंबो में आईएनएस सिंधुकेसरी के पड़ाव में श्रीलंका नौसेना के साथ पेशेवर आदान-प्रदान (professional exchanges) भी शामिल था।
- हाल के अभ्यास: यह यात्रा 21-28 अप्रैल तक आयोजित भारत-श्रीलंका डाइविंग अभ्यास DIVEX 2026 के बाद हुई। इस अभ्यास ने ऐतिहासिक शिपव्रेक (historic shipwrecks) के आसपास मिक्स्ड-गैस डाइविंग (mixed-gas diving) और जटिल पानी के नीचे के संचालन (complex underwater operations) पर ध्यान केंद्रित किया। इसमें आरोग्य मैत्री पहल (Aarogya Maitri initiative) के तहत चिकित्सा आपूर्ति (medical supplies) दान करने सहित मानवीय आउटरीच (humanitarian outreach) भी शामिल था।
- रणनीतिक सहयोग: भारत के महासागर (MAHASAGAR) विजन का उद्देश्य हिंद महासागर क्षेत्र (Indian Ocean region) में समुद्री सुरक्षा (maritime security) और सहयोग को बढ़ाना है। इस तरह के पोर्ट कॉल (Port calls) इंटरऑपरेबिलिटी (interoperability) को मजबूत करते हैं और एक स्वतंत्र और खुले इंडो-पैसिफिक (free and open Indo-Pacific) के प्रति भारत की प्रतिबद्धता के भागीदारों को आश्वस्त करते हैं।
महत्व
यह यात्रा भारत के विस्तार वाले नौसैनिक पदचिह्न (naval footprint) और पड़ोसी देशों (neighbouring countries) के साथ साझेदारी पर इसके जोर को दर्शाती है। आईएनएस सिंधुकेसरी की उपस्थिति सिंधुघोष श्रेणी की पनडुब्बियों की परिचालन तत्परता (operational readiness) को भी उजागर करती है, जो भारत के अंडरसी फ्लीट (undersea fleet) का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बनी हुई हैं।
स्रोत: Tribune India