चर्चा में क्यों?
आईएनएस सूरत (INS Surat) ने 8 जुलाई 2026 को जापान के जेएस ताकानामी (JS Takanami) के साथ युद्धाभ्यास किया। पैसेज एक्सरसाइज (Passage Exercise) मुंबई तट के पास हुई, और जहाजों ने संचार प्रक्रियाओं और समन्वित युद्धाभ्यास का अभ्यास किया। गतिविधि एक औपचारिक स्टीम-पास्ट (steam-past) के साथ समाप्त हुई।
पृष्ठभूमि
आईएनएस सूरत एक स्टील्थ गाइडेड-मिसाइल विध्वंसक (stealth guided-missile destroyer) है, और यह चौथा और अंतिम प्रोजेक्ट 15B जहाज है। प्रोजेक्ट 15B जहाजों को विशाखापत्तनम वर्ग भी कहा जाता है।
भारतीय नौसेना के वॉरशिप डिजाइन ब्यूरो (Warship Design Bureau) ने इस वर्ग को डिजाइन किया है। मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स लिमिटेड (Mazagon Dock Shipbuilders Limited) ने मुंबई में आईएनएस सूरत का निर्माण किया, और जहाज में लगभग 75% स्वदेशी सामग्री है।
भारत के स्वदेशी विध्वंसकों का विकास
- प्रोजेक्ट 15: 1997 से 2001 तक तीन दिल्ली श्रेणी के विध्वंसकों ने सेवा में प्रवेश किया।
- प्रोजेक्ट 15A: 2014 से 2016 तक तीन कोलकाता श्रेणी के विध्वंसक आए।
- प्रोजेक्ट 15B: 2021 से चार विशाखापत्तनम श्रेणी के विध्वंसक आए।
प्रोजेक्ट 15B के चार जहाज आईएनएस विशाखापत्तनम, आईएनएस मोरमुगाओ, आईएनएस इंफाल और आईएनएस सूरत हैं। प्रत्येक क्रमिक परियोजना ने स्टील्थ (stealth), सेंसर और युद्ध प्रबंधन में सुधार किया।
निर्माण समयरेखा
- उलटना (keel) 7 नवंबर 2019 को रखी गई थी; जहाज को 17 मई 2022 को लॉन्च किया गया था।
- नौसेना ने इसे 20 दिसंबर 2024 को प्राप्त किया; इसे 15 जनवरी 2025 को चालू किया गया।
लॉन्च से डिलीवरी में 31 महीने लगे, और इससे सूरत उस समय डिलीवर होने वाला सबसे तेज़ स्वदेशी विध्वंसक बन गया। उसी दिन नीलगिरि (Nilgiri) फ्रिगेट (frigate) की डिलीवरी भी हुई।
प्रमुख विशेषताएं
- जहाज लगभग 7,400 टन विस्थापित (displaces) करता है और इसकी लंबाई लगभग 164 मीटर है।
- चार गैस टर्बाइन एक संयुक्त गैस और गैस (Combined Gas and Gas) प्रणोदन व्यवस्था का उपयोग करते हैं।
- अपने समुद्री परीक्षणों के दौरान जहाज 30 समुद्री मील (knots) से अधिक हो गया।
- इसके हथियारों में मिसाइलें, टॉरपीडो (torpedoes) और एक नौसैनिक तोप शामिल हैं।
- जहाज हेलीकॉप्टरों का भी संचालन कर सकता है।
नौसेना ने सूरत को अपने पहले AI-सक्षम युद्धपोत के रूप में भी वर्णित किया है, और स्वदेशी कृत्रिम-बुद्धिमत्ता (artificial-intelligence) उपकरण परिचालन दक्षता का समर्थन करते हैं। इसका मतलब यह नहीं है कि जहाज मानवीय आदेश के बिना काम करता है।
PASSEX क्या है?
PASSEX का अर्थ है पैसेज एक्सरसाइज (Passage Exercise), और नौसेनाएँ इसका आयोजन तब करती हैं जब उनके जहाज एक ही क्षेत्र से गुजरते हैं। यह आमतौर पर एक नियोजित बड़े अभ्यास से छोटा होता है।
एक PASSEX में संचार अभ्यास और गठन युद्धाभ्यास शामिल हो सकते हैं, और इसमें हेलीकॉप्टर संचालन या पुनःपूर्ति (replenishment) अभ्यास भी शामिल हो सकते हैं। सटीक गतिविधियाँ उपलब्ध समय और उद्देश्य पर निर्भर करती हैं।
जेएस ताकानामी के साथ क्या हुआ?
जेएस ताकानामी जापान मैरीटाइम सेल्फ-डिफेंस फोर्स (Japan Maritime Self-Defense Force) से संबंधित है। इसने परिचालन बदलाव के लिए 5 जुलाई को मुंबई में कॉल किया। जहाज को पश्चिमी हिंद महासागर क्षेत्र में तैनात किया गया था।
8 जुलाई को, इसने मुंबई तट के पास आईएनएस सूरत के साथ अभ्यास किया, और जहाजों ने संचार प्रक्रियाओं की जांच की और एक साथ युद्धाभ्यास किया। ये अभ्यास दो नौसेनाओं के बीच अंतरसंचालनीयता (interoperability) में सुधार करते हैं।
अंतरसंचालनीयता (Interoperability) का अर्थ है प्रभावी ढंग से एक साथ काम करने की क्षमता, और सामान्य प्रक्रियाएं आपदा राहत या समुद्री-सुरक्षा संचालन के दौरान भ्रम को कम करती हैं। वे बड़े अभ्यासों से पहले परिचितता भी बनाते हैं।
निष्कर्ष
आईएनएस सूरत चार-जहाज़ों वाले प्रोजेक्ट 15B कार्यक्रम को पूरा करता है, और जापान के साथ इसका अभ्यास नियमित समुद्री सहयोग को उजागर करता है। जहाज स्वदेशी नौसैनिक डिजाइन का भी एक प्रमुख उदाहरण है।