समाचार में क्यों?
हाल ही की INSAT-3DR छवियों ने भारत के ऊपर व्यापक बादल छाए रहने को दिखाया। एक विश्लेषण ने अनुमान लगाया कि कवरेज लगभग लगभग 60 से 70 per cent है। दृश्य और अवरक्त (infrared) छवियों ने एक ही मौसम के अलग-अलग दृश्य पेश किए। छवियों ने भारत के मौसम संबंधी उपग्रहों में नए सिरे से रुचि पैदा की।
पृष्ठभूमि
Indian National Satellite (INSAT) प्रणाली के भीतर, INSAT-3DR उन्नत राष्ट्रीय मौसम संबंधी सेवाएं प्रदान करता है。
Indian Space Research Organisation (ISRO) ने इस अंतरिक्ष यान को INSAT-3D पर आधारित किया है, जिसमें अंतिम अक्षर (R) एक दोहराए गए मिशन को चिह्नित करता है।
प्रक्षेपण और कक्षा (Launch and orbit)
| विशेषता | विवरण |
|---|---|
| प्रक्षेपण तिथि | 8 September 2016 |
| प्रक्षेपण यान | Geosynchronous Satellite Launch Vehicle F05 |
| प्रक्षेपण स्थल | सेकेंड लॉन्च पैड, श्रीहरिकोटा (Sriharikota) |
| प्रक्षेपण द्रव्यमान | 2,211 kilograms |
| परिचालन स्थिति | 74 डिग्री पूर्व के निकट भूस्थैतिक कक्षा (Geostationary orbit) |
| मालिक | Indian Space Research Organisation |
प्रक्षेपण यान, जिसे GSLV-F05 कहा जाता है, ने उपग्रह को ट्रांसफर कक्षा में स्थापित किया, जिसके बाद ऑनबोर्ड ईंधन ने इसे अंतिम कक्षा में पहुँचाया।
भूसमकालिक (Geosynchronous) और भूस्थैतिक (Geostationary) संबंधित हैं
एक भूसमकालिक उपग्रह एक दैनिक कक्षा पूरी करता है, लेकिन इसकी स्पष्ट जमीनी स्थिति अभी भी बदल सकती है।
एक भूस्थैतिक उपग्रह पृथ्वी की कोणीय गति से पूर्व की ओर बढ़ते हुए, एक गोलाकार भूमध्यरेखीय कक्षा का अनुसरण करता है।
इसलिए यह एक देशांतर के ऊपर स्थिर दिखाई देता है, जो पृथ्वी के भूमध्य रेखा से लगभग 35,786 kilometres ऊपर है।
| कक्षा (Orbit) | आवश्यक शर्त | पृथ्वी से उपस्थिति |
|---|---|---|
| Geosynchronous (भूसमकालिक) | कक्षीय अवधि पृथ्वी की घूर्णन अवधि से मेल खाती है। | उपग्रह एक दोहराए जाने वाले पथ का पता लगा सकता है। |
| Geostationary (भूस्थैतिक) | कक्षा गोलाकार, भूमध्यरेखीय और पूर्व की ओर है। | उपग्रह एक देशांतर पर स्थिर दिखाई देता है। |
भूस्थैतिक मौसम उपग्रह बार-बार एक ही क्षेत्र का निरीक्षण करते हैं, जिससे बदलते बादलों और तूफानों पर निरंतर नज़र रखी जा सकती है।
मुख्य पेलोड
| पेलोड | मुख्य उद्देश्य |
|---|---|
| मल्टीस्पेक्ट्रल इमेजर (Multispectral Imager) | यह कई दृश्य और अवरक्त बैंड में चित्र बनाता है। |
| 19-चैनल साउंडर (19-channel Sounder) | यह ऊर्ध्वाधर तापमान और आर्द्रता की स्थिति का अनुमान लगाता है। |
| डेटा रिले ट्रांसपोंडर (Data Relay Transponder) | यह दूरस्थ ग्राउंड उपकरणों से प्राप्त टिप्पणियों को आगे भेजता है। |
| खोज और बचाव ट्रांसपोंडर (Search and Rescue Transponder) | यह संगत संकट बीकन (distress beacons) से आपातकालीन संकेत भेजता है। |
दृश्य और अवरक्त चित्र भिन्न होते हैं
| छवि प्रकार | सेंसर क्या पता लगाता है | मुख्य सीमा या उपयोग |
|---|---|---|
| दृश्य (Visible) | बादलों और पृथ्वी द्वारा परावर्तित सूर्य का प्रकाश | यह दिन के समय बादलों की विस्तृत बनावट देता है। |
| अवरक्त (Infrared) | सतहों और बादलों द्वारा उत्सर्जित ऊष्मा ऊर्जा | यह दिन और रात दोनों समय काम करता है। |
| जल-वाष्प बैंड | ऊपरी स्तर की वायुमंडलीय नमी से प्रभावित विकिरण | यह व्यापक नमी और परिसंचरण पैटर्न को दर्शाता है। |
अवरक्त उत्पाद अंधेरे के दौरान ठंडे बादलों के शीर्ष को प्रकट करते हैं, जिससे मौसम विज्ञानियों को विकसित होते गरज वाले तूफानों और चक्रवातों की जांच करने में मदद मिलती है।
वायुमंडलीय साउंडर क्या करता है?
एक साउंडर कोई ध्वनि तरंगें नहीं भेजता है, बल्कि कई संकीर्ण तरंग दैर्ध्य चैनलों के भीतर विकिरण को मापता है।
कंप्यूटर मॉडल इन मापों को तापमान और नमी प्रोफाइल में बदलते हैं जिनका उपयोग वर्षा, तूफान और संख्यात्मक मौसम विश्लेषण के लिए किया जाता है।
पिछले मिशनों पर महत्वपूर्ण सुधार
- एक मध्य-अवरक्त बैंड रात में निचले बादलों और कोहरे की पहचान करता है, जबकि डेटा सेवाएं INSAT-3D क्षमताओं को जारी रखती हैं।
- दो थर्मल-इन्फ्रारेड बैंड समुद्र-सतह के तापमान अनुमान में सुधार करते हैं।
- दृश्य और थर्मल-इन्फ्रारेड दोनों चित्र बारीक स्थानिक विवरण प्रदान करते हैं।
प्रक्षेपण यान क्यों महत्वपूर्ण था?
GSLV-F05 अत्यंत ठंडे प्रणोदकों के साथ स्वदेशी क्रायोजेनिक चरण (cryogenic stage) का उपयोग करने वाला पहला परिचालन GSLV बन गया।
सफल शुरुआती विकासात्मक प्रदर्शनों के बाद, यह कुशल चरण भारी उपग्रहों को दूर की कक्षाओं की ओर ले जाता है।
क्या बादल छाए रहने का मतलब हमेशा बारिश होता है?
बादल छाए रहने से हमेशा बारिश नहीं होती है, क्योंकि पतले ऊंचे बादल शुष्क रह सकते हैं।
वर्षा बादल की गहराई, पानी की मात्रा, ऊर्ध्वाधर गति, हवा, तापमान और स्थानीय स्थलाकृति पर निर्भर करती है।
दिन के दौरान एक राष्ट्रीय बादल per cent भी लगातार बदलता रहता है।
INSAT-3DR क्यों उपयोगी बना हुआ है
- भारत और आस-पास के महासागरों के लगातार अवलोकन चक्रवात का पता लगाने और तीव्रता के आकलन का समर्थन करते हैं।
- यह दूरस्थ प्लेटफार्मों से डेटा रिले करते हुए कोहरे, बादलों और समुद्र के तापमान की निगरानी करता है।
- इसका ट्रांसपोंडर आपातकालीन खोज-और-बचाव कार्यों का भी समर्थन करता है।
INSAT-3DS सहित नए उपग्रह, सेवा निरंतरता और लचीलापन मजबूत करते हैं।
निष्कर्ष
INSAT-3DR बार-बार मल्टीस्पेक्ट्रल अवलोकनों को व्यावहारिक मौसम, आपदा और बचाव जानकारी में बदल देता है।