अर्थव्यवस्था

Joha Rice: असम GI टैग, APEDA और कृषि निर्यात

Joha Rice: असम GI टैग, APEDA और कृषि निर्यात

चर्चा में क्यों?

12 मार्च 2026 को, कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (Agricultural and Processed Food Products Export Development Authority - APEDA) ने असम से 25 टन जीआई-टैग वाले जोहा चावल (GI-tagged Joha rice) को यूनाइटेड किंगडम और इटली भेजा। यह यूरोप को इस सुगंधित अनाज के पहले बड़े पैमाने पर निर्यात (large-scale export) को चिह्नित करता है और इसका उद्देश्य किसानों की आय को बढ़ावा देना है।

पृष्ठभूमि

जोहा असम की ब्रह्मपुत्र घाटी में उगाई जाने वाली एक स्वदेशी सुगंधित चावल (indigenous aromatic rice) किस्म है। 2017 में इसे भौगोलिक संकेत (Geographical Indication - GI) टैग मिला, जो इसकी अनूठी सुगंध और उत्पत्ति को मान्यता देता है। चावल की खेती मुख्य रूप से नौगांव (Nagaon), बक्सा (Baksa), गोलपारा (Goalpara), शिवसागर (Sivasagar), माजुली (Majuli), चिरांग (Chirang) और गोलाघाट (Golaghat) जिलों में की जाती है।

मुख्य विशेषताएं

  • सुगंध और स्वाद: जोहा चावल अपनी मीठी सुगंध (sweet aroma) और मुलायम बनावट के लिए बेशकीमती है। इसका उपयोग अक्सर पुलाव (pulao), फ्राइड राइस और पारंपरिक असमिया व्यंजन बनाने के लिए किया जाता है।
  • खेती: 2024-25 के मौसम में यह किस्म असम में लगभग 21,600 हेक्टेयर में उगाई गई थी, जिससे लगभग 43,000 टन अनाज का उत्पादन हुआ। किसान पारंपरिक तरीकों और न्यूनतम रासायनिक इनपुट (minimal chemical inputs) का उपयोग करते हैं।
  • जीआई टैग: भौगोलिक संकेत जोहा चावल की पहचान की रक्षा करता है और इसके नाम के अनधिकृत उपयोग को रोकता है। यह खरीदारों को आश्वस्त करता है कि अनाज एक विशिष्ट क्षेत्र से आता है और गुणवत्ता मानकों (quality standards) को पूरा करता है।
  • निर्यात: जोहा चावल की पूर्व खेप वियतनाम और मध्य-पूर्वी देशों को भेजी गई थी। यूके और इटली को नया शिपमेंट इसकी वैश्विक पहुंच (global reach) का विस्तार करता है और उम्मीद है कि उत्पादकों के लिए रिटर्न (returns) में वृद्धि होगी।

यह क्यों मायने रखता है

  • किसान आजीविका: निर्यात आदेश (Export orders) छोटे किसानों को उच्च मूल्य की प्राप्ति प्रदान करते हैं, उन्हें कम लाभदायक किस्मों के बजाय जोहा की खेती करने के लिए प्रोत्साहित करते हैं।
  • असम की उपज की ब्रांडिंग: जोहा चावल की सफलता अंतरराष्ट्रीय बाजारों को खोजने के लिए अद्वितीय गुणों वाले अन्य असमिया उत्पादों के लिए मार्ग प्रशस्त कर सकती है।

स्रोत: News on Air

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