चर्चा में क्यों?
ईरानी मिसाइल और ड्रोन हमलों (Iranian missile and drone attacks) द्वारा व्यापक मध्य पूर्वी संघर्ष (Middle Eastern conflict) के हिस्से के रूप में देश में अमेरिकी सैन्य ठिकानों (U.S. military bases) को निशाना बनाए जाने के बाद जॉर्डन (Jordan) सुर्खियों में है। हालाँकि हमलों से कोई महत्वपूर्ण नुकसान नहीं हुआ, लेकिन वे क्षेत्रीय सुरक्षा में जॉर्डन की रणनीतिक भूमिका को रेखांकित करते हैं।
पृष्ठभूमि
आधिकारिक तौर पर जॉर्डन के हाशमाइट साम्राज्य (Hashemite Kingdom of Jordan) के रूप में जाना जाने वाला यह देश मध्य पूर्व (Middle East) में स्थित है। यह उत्तर में सीरिया (Syria), उत्तर पूर्व में इराक (Iraq), पूर्व और दक्षिण में सऊदी अरब (Saudi Arabia), पश्चिम में इज़राइल (Israel) और फिलिस्तीनी क्षेत्रों (Palestinian territories) और दक्षिण पश्चिम में लाल सागर (Red Sea) की अकाबा की खाड़ी (Gulf of Aqaba) से घिरा है। इसके 89,000 वर्ग किलोमीटर का लगभग तीन-चौथाई हिस्सा रेगिस्तान है। जॉर्डन की राजधानी और सबसे बड़ा शहर अम्मान (Amman) है। जलवायु ज्यादातर शुष्क है, जिसमें गर्म, शुष्क ग्रीष्मकाल और हल्की, बारिश वाली सर्दियाँ होती हैं।
भौगोलिक विशेषताएं (Geographical features)
- मृत सागर (Dead Sea): जॉर्डन की पश्चिमी सीमा में मृत सागर का हिस्सा शामिल है, जो समुद्र तल से लगभग 408 मीटर नीचे पृथ्वी का सबसे निचला बिंदु है।
- सबसे ऊँची चोटी (Highest peak): सबसे ऊँचा बिंदु दक्षिणी रेगिस्तान में जेबेल उम्म विज्ञापन दामी (Jebel Umm ad Dami) है, जो समुद्र तल से 1,854 मीटर ऊपर है।
- जॉर्डन नदी (Jordan River): जॉर्डन नदी उत्तर-पश्चिमी सीमा के साथ बहती है और मृत सागर में गिरती है। नदी कृषि के लिए महत्वपूर्ण है और देश की प्राकृतिक सीमा (natural boundary) का हिस्सा बनती है।
- प्राकृतिक संसाधन (Natural resources): जॉर्डन में फॉस्फेट (phosphates), पोटाश (potash) और शेल ऑयल (shale oil) के भंडार हैं। पानी की कमी और मरुस्थलीकरण (desertification) गंभीर पर्यावरणीय चुनौतियाँ बनी हुई हैं।
राजनीतिक संदर्भ (Political context)
जॉर्डन ने 1946 में ब्रिटेन से स्वतंत्रता प्राप्त की। यह एक संवैधानिक राजतंत्र (constitutional monarchy) है जिस पर वर्तमान में किंग अब्दुल्ला द्वितीय (King Abdullah II) का शासन है। देश अपनी सापेक्ष स्थिरता (relative stability) और मध्य पूर्वी संघर्षों में मध्यस्थ (mediator) के रूप में कार्य करने के लिए जाना जाता है। सीमित प्राकृतिक संसाधनों के बावजूद, जॉर्डन बड़ी संख्या में शरणार्थियों (refugees) की मेजबानी करता है और पड़ोसी राज्यों तथा पश्चिम के साथ मजबूत संबंध बनाए रखता है।
निष्कर्ष
एशिया, अफ्रीका और यूरोप के चौराहे (crossroads) पर जॉर्डन के रणनीतिक स्थान ने इसके इतिहास और वर्तमान मामलों को आकार दिया है। इसके ऊबड़-खाबड़ परिदृश्य (rugged landscape) में मृत सागर, जॉर्डन नदी और ऊंची रेगिस्तानी चोटियाँ शामिल हैं। जैसे-जैसे क्षेत्रीय तनाव बढ़ता है, देश घरेलू आर्थिक और पर्यावरणीय चुनौतियों को संबोधित करते हुए कूटनीति (diplomacy) और सुरक्षा को संतुलित करना जारी रखता है।