अर्थव्यवस्था

कर्लापाट बॉक्साइट ब्लॉक: ओडिशा का ग्रीनफील्ड भंडार और इसका महत्व

कर्लापाट बॉक्साइट ब्लॉक: ओडिशा का ग्रीनफील्ड भंडार और इसका महत्व

समाचार में क्यों?

प्रमुख औद्योगिक समूहों ने ओडिशा के Karlapat bauxite ब्लॉक में रुचि दिखाई है। बड़ा ग्रीनफील्ड जमा (greenfield deposit) वर्तमान में नीलामी के माध्यम से पेश किया जा रहा है। इसका उच्च एल्यूमिना (alumina) और कम सिलिका (silica) औद्योगिक मूल्य में सुधार करता है। पर्यावरण और कानूनी चिंताओं ने पहले नीलामी के प्रयास में देरी की थी।

पृष्ठभूमि

Bauxite मुख्य वाणिज्यिक एल्युमिनियम अयस्क है, जिसमें कई एल्युमिनियम-युक्त खनिज और अशुद्धियां होती हैं।

अयस्क तीव्र उष्णकटिबंधीय अपक्षय (weathering) के माध्यम से बनता है, जो घुलनशील सामग्री को हटा देता है और एल्यूमीनियम खनिजों को केंद्रित करता है।

एल्यूमिनियम पृथ्वी की सबसे प्रचुर मात्रा में पाई जाने वाली क्रस्टल धातु (crustal metal) है और तीसरा सबसे प्रचुर क्रस्टल तत्व है।

ऑक्सीजन और सिलिकॉन अधिक प्रचुर मात्रा में हैं, जबकि सिलिका मौलिक सिलिकॉन का एक ऑक्साइड है।

सटीकता बिंदु: एल्युमिनियम सबसे प्रचुर मात्रा में पाया जाने वाला क्रस्टल धातु है। इसे "सिलिका सामग्री" के बाद दूसरा बताना तत्वों और यौगिकों को मिलाता है।

Karlapat ब्लॉक कहाँ है?

Karlapat-Pollingpadar जमा (deposit) ओडिशा के कालाहांडी जिले में 9.6 वर्ग किलोमीटर के पठार में फैला है।

इसकी bauxite परत औसतन लगभग 12 मीटर है, जिसमें अनुमानित 207 मिलियन टन भूगर्भीय संसाधन है।

अनुमान में 153 मिलियन सिद्ध टन और 54 मिलियन संभावित टन शामिल हैं।

अयस्क में लगभग 45.2 प्रतिशत एल्यूमिना और अपेक्षाकृत कम सिलिका होता है।

जमा ग्रीनफील्ड है क्योंकि वहां वाणिज्यिक खनन शुरू नहीं हुआ है।

भ्रमित न हों: भूगर्भीय संसाधन अनुमान वार्षिक उत्पादन नहीं है। इसका यह भी अर्थ नहीं है कि पूरी मात्रा पुनर्प्राप्त करने योग्य है।

कंपनियां क्यों रुचि रखती हैं?

एल्यूमिनियम उत्पादकों को लंबे समय तक चलने वाली रिफाइनरियों और स्मेल्टरों (smelters) के लिए विश्वसनीय bauxite आपूर्ति की आवश्यकता होती है।

Karlapat ओडिशा के सबसे बड़े अप्रयुक्त जमाओं में से एक है और कई वर्षों तक उत्पादन का समर्थन कर सकता है।

कम प्रतिक्रियाशील सिलिका मूल्यवान है क्योंकि ऐसा सिलिका एल्यूमिना शोधन (refining) के दौरान कास्टिक सोडा (caustic soda) की खपत करता है।

Adani, Reliance, Hindalco, Vedanta, Powercem और Coal India ने कथित तौर पर निविदा (tender) की जांच की।

हालांकि, निविदा दस्तावेज खरीदना एक वैध बोली नहीं बनाता है। यह निश्चित रूप से किसी भी कंपनी को विजेता नहीं बनाता है।

Bauxite एल्युमिनियम कैसे बनता है?

  1. खनन सतह के पास या नीचे जमा से bauxite अयस्क को हटा देता है।
  2. Bayer प्रक्रिया गर्म कास्टिक सोडा का उपयोग करके एल्यूमीनियम खनिजों को घोलती है।
  3. शुद्धिकरण और ताप एल्यूमिना का उत्पादन करते हैं, जो एल्यूमीनियम ऑक्साइड है।
  4. Hall-Héroult प्रक्रिया तब पिघले हुए एल्यूमिना मिश्रण से बिजली गुजारती है।
  5. विद्युत अपघटन (Electrolysis) स्मेल्टर के कैथोड पर धात्विक एल्यूमीनियम को अलग करता है।

एल्यूमिना शोधन और एल्यूमीनियम स्मेल्टिंग अलग-अलग चरण हैं, जिसमें स्मेल्टिंग के लिए भारी बिजली की आवश्यकता होती है।

हल्का, संक्षारण प्रतिरोधी और रिसाइकिल करने योग्य एल्यूमीनियम परिवहन, निर्माण, बिजली, पैकेजिंग और नवीकरणीय-ऊर्जा प्रणालियों का काम करता है।

ओडिशा क्यों महत्वपूर्ण है?

ओडिशा में 1 अप्रैल 2020 को लगभग 2,057 मिलियन टन bauxite संसाधन थे।

इस कुल में 410 मिलियन टन भंडार और 1,647 मिलियन टन अन्य संसाधन शामिल थे।

राज्य भारत के bauxite संसाधनों का लगभग 41 प्रतिशत हिस्सा था।

प्रमुख ओडिशा जमारिपोर्ट किया गया संसाधन
Panchpatmali314 मिलियन टन
Sijimali245 मिलियन टन
Karlapat-Pollingpadar207 मिलियन टन
Gandhamardan207 मिलियन टन
Baphilimali195 मिलियन टन

Indian Bureau of Mines ने अपनी 2024 खनिजों की वार्षिक पुस्तक में राज्य के इन योगों की सूचना दी।

नीलामी का इतिहास क्या है?

ओडिशा का जुलाई 2021 का टेंडर पर्यावरण और कानूनी याचिकाओं के High Court में पहुंचने के बाद रुक गया।

राज्य ने निर्धारित खनिज नीलामी नियमों के तहत मई 2026 में एक नया टेंडर जारी किया।

एक नीलामी पुरस्कार लागू वैधानिक मंजूरी और अनुमोदित खनन योजनाओं के बिना निष्कर्षण को अधिकृत नहीं कर सकता है।

क्या पर्यावरणीय प्रश्न उठते हैं?

यह जमा Karlapat Wildlife Sanctuary के पास स्थित है, जो जंगलों, पानी और वन्यजीवों की आवाजाही के लिए संभावित जोखिम पैदा करता है।

खुला खनन (Open-cast extraction) वनस्पति और ऊपरी मिट्टी को हटा देता है, जबकि सड़कें और भारी वाहन आवासों को खंडित कर सकते हैं।

एल्यूमिना रिफाइनिंग से लाल कीचड़ (red mud) नामक क्षारीय कचरा निकलता है। मिट्टी और पानी के प्रदूषण को रोकने के लिए सुरक्षित भंडारण आवश्यक है।

स्थानीय समुदाय जंगलों और जल स्रोतों पर निर्भर हो सकते हैं। उनके कानूनी अधिकारों और आजीविका संबंधी चिंताओं के सावधानीपूर्वक आकलन की आवश्यकता है।

निष्कर्ष

Karlapat प्रमुख खनिज मूल्य प्रदान करता है, लेकिन खनन निर्णयों को उद्योग, पारिस्थितिकी और सामुदायिक अधिकारों को संतुलित करना चाहिए।

स्रोत

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