पर्यावरण

Knob-Billed Duck: पोंग डैम झील में देखा गया, आवास और संरक्षण

Knob-Billed Duck: पोंग डैम झील में देखा गया, आवास और संरक्षण

चर्चा में क्यों?

हाल ही में बर्डवॉचर्स (पक्षी प्रेमियों) ने पोंग डैम झील (Pong Dam Lake) सहित कई भारतीय आर्द्रभूमियों में नॉब-बिल्ड डक (Knob-billed duck) देखे जाने की सूचना दी है। इन रिपोर्टों ने इसलिए ध्यान आकर्षित किया क्योंकि यह प्रजाति उत्तरी भारत में शायद ही कभी देखी जाती है। इस विशिष्ट बत्तख की उपस्थिति संरक्षित आर्द्रभूमियों के पारिस्थितिक मूल्य और उन्हें संरक्षित करने की आवश्यकता पर प्रकाश डालती है।

पृष्ठभूमि

नॉब-बिल्ड डक, जिसे कॉम्ब डक (comb duck) भी कहा जाता है, उष्णकटिबंधीय अफ्रीका (tropical Africa), मेडागास्कर (Madagascar) और दक्षिण एशिया (South Asia) में पाया जाने वाला एक बड़ा जलपक्षी (waterfowl) है। नर पक्षी की चोंच के आधार पर एक मांसल काला नॉब (knob) होता है, जबकि मादाओं में यह विशेषता नहीं होती और वे थोड़ी छोटी होती हैं। वयस्क पक्षी 56 से 76 सेंटीमीटर लंबे होते हैं और उनके पंखों का फैलाव 145 सेंटीमीटर तक होता है। उनके ऊपरी हिस्से का चमकदार हरा रंग सफेद निचले हिस्से के साथ कंट्रास्ट बनाता है। यह प्रजाति दलदलों, झीलों और नदियों के किनारे रहती है जहाँ खुले पानी के किनारे घास वाले तट और बिखरे हुए पेड़ होते हैं। यह ज्यादातर एक जगह रहने वाला (sedentary) पक्षी है लेकिन बरसात के मौसम में स्थानीय स्तर पर फैल जाता है।

पारिस्थितिकी और व्यवहार

  • भोजन: नॉब-बिल्ड बत्तखें घास और जलीय पौधों को चरती हैं और बीज, कीड़े और घोंघे भी खाती हैं।
  • घोंसला बनाना: वे अक्सर पेड़ों के कोटरों (tree holes) में घोंसला बनाती हैं या अन्य पक्षियों के छोड़े गए घोंसलों का उपयोग करती हैं। इनका प्रजनन का मौसम बारिश के महीनों के साथ मेल खाता है जब प्रचुर मात्रा में भोजन उपलब्ध होता है।
  • वितरण: भारत में यह प्रजाति मुख्य रूप से मध्य और दक्षिणी आर्द्रभूमियों में पाई जाती है। पोंग डैम जैसे उत्तरी स्थलों से प्राप्त सामयिक रिकॉर्ड मौसमी फैलाव का संकेत देते हैं।
  • संरक्षण स्थिति: इंटरनेशनल यूनियन फॉर कंजर्वेशन ऑफ नेचर (IUCN) ने नॉब-बिल्ड डक को 'कम से कम चिंताजनक' (Least Concern) प्रजातियों के रूप में सूचीबद्ध किया है, हालाँकि जब आर्द्रभूमियों को सुखा दिया जाता है या वे प्रदूषित हो जाती हैं तो स्थानीय आबादी घट जाती है।

निष्कर्ष

नॉब-बिल्ड बत्तखों का हाल ही में देखा जाना हमें याद दिलाता है कि भारत की आर्द्रभूमियाँ विविध वन्यजीवों का समर्थन करती हैं। दलदलों और झीलों को अतिक्रमण और प्रदूषण से बचाने से यह सुनिश्चित होगा कि कॉम्ब डक जैसे दुर्लभ आगंतुकों को आश्रय मिलता रहे। बर्डवॉचिंग में जनता की भागीदारी भी कम जानी जाने वाली प्रजातियों के बारे में जागरूकता बढ़ाने में मदद करती है।

स्रोत: Tribune India
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