समाचार में क्यों?
29 May 2026 को भारत ने जवाहरलाल नेहरू बंदरगाह प्राधिकरण (Jawaharlal Nehru Port Authority) के 37वें स्थापना दिवस के दौरान Logistics Port Performance Index (LPPI) का अनावरण किया। इंडेक्स और डिजिटल सुधारों के एक सेट का उद्देश्य समुद्री क्षेत्र (maritime sector) का आधुनिकीकरण करना और बंदरगाहों पर पारदर्शिता, दक्षता और बेंचमार्किंग बढ़ाना है। कार्गो श्रेणियों (cargo categories) में बंदरगाहों को रैंक किया गया, और शिकायत निवारण (grievance redressal), जहाज पंजीकरण (ship registration), चिकित्सा चिकित्सकों और जहाज रीसाइक्लिंग क्रेडिट (ship recycling credits) के लिए नए मॉड्यूल शुरू किए गए।
पृष्ठभूमि
बंदरगाह भारत के व्यापार के प्रवेश द्वार हैं और देश के विकास का समर्थन करते हैं। हाल के वर्षों में सरकार ने लॉजिस्टिक्स को मजबूत करने के लिए Gati Shakti National Master Plan, Maritime India Vision 2030 और Maritime Amrit Kaal Vision 2047 शुरू किया है। LPPI को एक राष्ट्रीय बेंचमार्किंग तंत्र (national benchmarking mechanism) के रूप में Sagar Aankalan ढांचे के तहत विकसित किया गया है। यह तीन कार्गो खंडों-ड्राई बल्क, लिक्विड बल्क और कंटेनर कार्गो-में परिचालन प्रदर्शन और साल-दर-साल सुधार का मूल्यांकन करता है, जिसमें कार्गो हैंडलिंग, पोत टर्नअराउंड समय (vessel turnaround time), बर्थ आइडल टाइम (berth idle time), प्री-बर्थिंग प्रतीक्षा समय (pre‑berthing waiting time), कंटेनर ड्वेल टाइम (container dwell time) और शिप बर्थ डे आउटपुट (ship berth day output) जैसे संकेतकों का उपयोग किया जाता है। बंदरगाहों को समय के साथ और अधिक कुशल बनने के लिए प्रोत्साहित करने के लिए पूर्ण प्रदर्शन (absolute performance) और सुधार को समान महत्व दिया जाता है।
मुख्य विशेषताएं
- डिजिटल सुधार: चार डिजिटल मॉड्यूल लॉन्च किए गए। e‑Navik प्लेटफॉर्म के तहत 24×7 शिकायत निवारण प्रणाली (grievance redressal system) नाविकों (seafarers) को वेब, टोल-फ्री नंबर और मैसेजिंग एप्लिकेशन के माध्यम से शिकायत दर्ज करने की अनुमति देती है। e‑Samudra पोर्टल पर एक जहाज पंजीकरण मॉड्यूल पंजीकरण को सरल बनाता है और भारतीय प्रक्रियाओं को अंतरराष्ट्रीय मानकों के साथ जोड़ता है। एक चिकित्सा व्यवसायी (medical practitioner) मॉड्यूल नाविकों को प्रमाणित करने के लिए अधिकृत डॉक्टरों के पंजीकरण और निगरानी को सुव्यवस्थित करता है। एक एकीकृत जहाज रीसाइक्लिंग क्रेडिट पोर्टल हांगकांग कन्वेंशन-अनुपालन भारतीय यार्डों (Hong Kong Convention‑compliant Indian yards) में जहाजों को रीसायकल करने वाले जहाज मालिकों को स्क्रैप मूल्य पर 40% क्रेडिट नोट प्रदान करता है, जो रीसाइक्लिंग और नए जहाज निर्माण को प्रोत्साहित करता है।
- बेहतर रैंकिंग और प्रतिस्पर्धात्मकता: LPPI राष्ट्रीय विजन के साथ संरेखित है और वैश्विक रसद (global logistics) में भारत की स्थिति को बढ़ाने का प्रयास करता है। पारादीप पोर्ट (Paradip Port) ड्राई बल्क कार्गो श्रेणी में शीर्ष पर रहा, सिक्का पोर्ट (Sikka Port) लिक्विड बल्क में आगे रहा, और मुंद्रा पोर्ट (Mundra Port) कंटेनर कार्गो के लिए सर्वोच्च स्थान पर रहा। इस इंडेक्स से बंदरगाहों के बीच प्रतिस्पर्धा और निरंतर सुधार को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
- नाविक कल्याण: अधिकारियों ने इस बात पर जोर दिया कि शिकायत निवारण तंत्र नाविकों की रक्षा करता है, जो कठिन परिस्थितियों में घर से दूर काम करते हैं। सरलीकृत चिकित्सा व्यवसायी पंजीकरण का उद्देश्य धोखाधड़ी वाले प्रमाणपत्रों (fraudulent certifications) को रोकना और यह सुनिश्चित करना है कि नाविकों को उचित चिकित्सा देखभाल मिले।
- जहाज रीसाइक्लिंग प्रोत्साहन (Ship recycling incentives): क्रेडिट नोट योजना जहाज मालिकों को भारत में जहाजों को रीसायकल करने के लिए प्रोत्साहित करती है। क्रेडिट को नई जहाज निर्माण परियोजनाओं के खिलाफ भुनाया जा सकता है, जो घरेलू शिपयार्ड का समर्थन करता है और जहाज रीसाइक्लिंग को अधिक टिकाऊ बनाता है।
निष्कर्ष
LPPI और पूरक डिजिटल मॉड्यूल (complementary digital modules) लॉन्च करके, भारत का उद्देश्य बंदरगाह शासन का आधुनिकीकरण करना, पारदर्शी बेंचमार्क निर्धारित करना और निरंतर सुधार का समर्थन करना है। ये सुधार टर्नअराउंड समय को कम कर सकते हैं, प्रतिस्पर्धात्मकता को बढ़ावा दे सकते हैं और पर्यावरण के अनुकूल जहाज रीसाइक्लिंग (eco‑friendly ship recycling) को बढ़ावा देते हुए नाविकों को कल्याणकारी लाभ प्रदान कर सकते हैं।